विकसित भारत का सपना शिक्षकों की तपस्या, मेहनत और मार्गदर्शन के बिना पूरा नहीं हो सकता – आशीष सूद ।

Date:

• मंत्री ने कहा कि पद्मश्री आनंद कुमार (Super 30) का जीवन कार्य शिक्षकों के योगदान का जीवंत उदाहरण है।

• दिल्ली सरकार बना रही है 75 ‘CM Shree’ स्कूल , एआई लैब्स और आधुनिक तकनीक से होंगे लैस ।

नई दिल्ली । 27 अगस्त 25 ।  दिल्ली के शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने बाल भारती स्कूल, पूसा रोड की चाइल्ड एजुकेशन सोसाइटी द्वारा आयोजित शिक्षक सम्मान समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में भाग लिया। इस कार्यक्रम में पद्मश्री आनंद कुमार (Super 30) के साथ साथ स्कूल की कार्यकारिणी प्रिंसिपल और बच्चे भी उपस्थिति थे। पद्मश्री आनंद कुमार को मंत्री ने विशेष प्रेरणादायी बताया और कहा कि उनका जीवन कार्य शिक्षकों के योगदान का जीवंत उदाहरण है।

इस अवसर पर सूद ने कहा कि विकसित भारत का सपना शिक्षकों की तपस्या, मेहनत और मार्गदर्शन के बिना पूरा नहीं हो सकता। समय के साथ शिक्षकों की चुनौतियाँ भी बदली हैं । ऑपरेशन ब्लैकबोर्ड से लेकर कंप्यूटर और अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तक से शिक्षा के क्षेत्र में काफी सुधार आया है। आज हम A I बेस्ड शिक्षा की बात कर रहे है। लेकिन शिक्षा का मूल उद्देश्य विद्यार्थियों की मानसिक, बौद्धिक और भावनात्मक योग्यता को बढ़ाना ही है।

उन्होंने स्पष्ट किया कि दिल्ली सरकार निजी और सरकारी दोनों स्कूलों को अपना मानती है। निजी स्कूलों के साथ कोई टकराव या मतभेद नहीं है, परंतु सरकार के लिए मध्यवर्गीय अभिभावकों के हितों की रक्षा के लिए फीस विनियमन कानून लागू करना आवश्यक था। जिसको सरकार ने लागू भी किया है।

मंत्री ने कहा कि दिल्ली सरकार ने दिल्ली के सरकारी स्कूलों को विश्वस्तरीय बनाने का जो संकल्प लिया है उस पर कई स्तरों पर काम किया जा रहा है। मंत्री ने यह भी कहा कि दिल्ली सरकार इस वर्ष 75 CM Shree स्कूल बना रही है । इन स्कूलों में कई तरह की उन्नत तकनीक का प्रयोग किया जा रहा है । इन स्कूलों में अब्दुल कलाम लैंग्वेज लैब होगी, AI युक्त स्मार्ट क्लास होंगे, AI बेस्ड अटेंडेंस की व्यवस्था, साइंस लैब्स, इंटरैक्टिव पैनल्स सहित बुनियादी और आधुनिक सुविधाएँ होगी ।

उन्होंने कहा कि टेक्नोलॉजी से हम मुँह नहीं मोड़ सकते बल्कि टेक्नोलॉजी का प्रयोग कर हम देश और समाज को आगे बढ़ा सकते हैं । कृत्रिम बोद्धिकता के बारे में मंत्री महोदय ने कहा की AI का सफल प्रयोग ही एक सफल समाज की कुंजी है। यदि कृत्रिम बौद्धिकता का हम सही मायने में प्रयोग करेंगे तो वह हमारे दिन प्रतिदिन के जीवन को और अधिक विकसित बना देगा।

उन्होंने कहा कि अगले दो-तीन सालों में दिल्ली के सरकारी स्कूल निजी स्कूलों को चुनौती देने वाले बन जाएंगे । सरकार कई स्तरों पर प्रयास कर रही है की कैसे सरकारी स्कूलों को बेहतर बनाया जाए। सूद ने यह भी कहा कि सरकारी स्कूलों से पढ़कर भी लोग कई ऊंचे ऊंचे पदों पर पहुंचे हैं क्योंकि पहले सरकारी स्कूलों की पढ़ाई अच्छी हुआ करती थी, शिक्षक अच्छे हुआ करते थे लेकिन पिछले 27 सालों में दिल्ली के सरकारी स्कूलों का जो स्तर गिरा है वह दिल्ली के छात्रों को कई वर्ष पीछे ले गया है।

सूद ने कहा की वर्तमान में दिल्ली के लगभग 18 लाख विद्यार्थी सरकारी स्कूलों में और उतने ही निजी स्कूलों में पढ़ते हैं। हमारा लक्ष्य है कि चाहे बच्चा किसी भी स्कूल में पढ़े, उसे विश्वस्तरीय शिक्षा और समान अवसर मिले।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Share post:

Subscribe

Popular

More like this
Related

रूसी तेल खरीद पर केंद्र पर भड़की कांग्रेस

नई दिल्ली, 07 मार्च 2026 । रूस से कच्चा...

धुरंधर 2 का ट्रेलर रिलीज: डबल रोल में रणवीर सिंह का दमदार अंदाज

नई दिल्ली, एक्शन और ड्रामा से भरपूर फिल्म Dhurandhar 2...

अहमदाबाद की पिच सेमीफाइनल की तरह बैटिंग फ्रेंडली होगी

नई दिल्ली, वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले से पहले अहमदाबाद...

भारत-न्यूजीलैंड जहां साउथ अफ्रीका से हारे, वहीं वर्ल्डकप फाइनल खेलेंगे

नई दिल्ली, आईसीसी टूर्नामेंट का फाइनल मुकाबला अब बेहद दिलचस्प...