• शिक्षा मंत्री ने शहीद भगत सिंह आर्म्ड फोर्सज प्रिपेरटॉरी स्कूल, में स्वच्छता अभियान के तहत श्रमदान किया ।
• स्कूल के बच्चे स्वच्छता दूत बनकर सक्रिय रूप से सफाई अभियान में सहयोग करें
नई दिल्ली । 2 अगस्त 25 । दिल्ली के शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने आज शहीद भगत सिंह आर्म्ड फोर्सज प्रिपेरटॉरी स्कूल झरोदा कलां, नजफगढ़ दिल्ली में ” दिल्ली को कूड़े से आजादी- स्वच्छता अभियान” के अंतर्गत स्कूल में साफ सफाई कर श्रमदान किया। इस अवसर पर क्षेत्रीय विधायक नीलम पहलवान के अतिरिक्त स्कूल के प्रिंसिपल, बच्चे तथा उनके अभिभवक भी उपस्थित थे।
मंत्री ने कहा कि ” दिल्ली को कूड़े से आजादी- स्वच्छता अभियान” 1 से 31 अगस्त 2025 तक चलेगा, जिसमें दिल्ली की विभिन्न एजेंसियां और नागरिक स्वच्छता के एक समान उद्देश्य के तहत मिलकर काम करेंगे। सफाई अभियान सिर्फ एक दिन, एक हफ्ता, एक महीना का काम न होकर यह तो सतत प्रक्रिया है जो जीवन भर चलनी चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि स्वच्छता अभियान तब सफल होता है जब हम खुद पहल करें। आज दिल्ली को साफ-सुथरा और सुंदर बनाने की जिम्मेदारी हम सबकी है। यह अभियान सिर्फ सफाईकर्मियों का नहीं, बल्कि हर नागरिक का कर्तव्य है। स्वच्छता सिर्फ एक आदत नहीं, बल्कि नागरिक कर्तव्य है और हम सब मिलकर दिल्ली को कूड़े से मुक्त करें।

उन्होंने ज़ोर देते हुए कहा कि अब समय आ गया है कि हम केवल सफाई तक सीमित न रहें, बल्कि कार्यस्थलों की वर्क-कल्चर और वातावरण की गुणवत्ता में भी ठोस सुधार लाएं। मंत्री ने कहा कि दिल्ली सरकार का हर विभाग इस विशेष स्वच्छता अभियान में पूरी शक्ति और प्रतिबद्धता के साथ जुटा हुआ है। राजधानी का हर विधायक, हर पार्षद और हर सरकारी कर्मचारी इस परिवर्तन का जिम्मेदार भागीदार है। इस एक महीने में हम सभी मिलकर हर गली, हर मोहल्ले, हर बाज़ार और हर सार्वजनिक स्थल को साफ़ करेंगे, कूड़े को हटाएंगे, हरियाली बढ़ाएंगे और स्वच्छता को स्थायी आदत बनाएंगे।

उन्होंने स्कूल के बच्चों का आह्वान किया कि वह स्वच्छता दूत बनकर सक्रिय रूप से सफाई अभियान में सहयोग करें । उन्होंने कहा की साफ सफाई के मामले में बच्चे न केवल अपने स्कूल तक सीमित रहें बल्कि वह जहां रहते हैं उस जगह को भी अपने आसपास की गलियों, मार्केट, माल, मंदिर तथा अन्य स्थानों पर भी जहां भी कूड़ा देखे वह उसको अनिवार्य रूप से साफ सफाई का अंग बनाएं।
सूद ने कहा कि स्वच्छता केवल वीआईपी ज़ोन तक सीमित नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि दिल्ली की असली आत्मा जेजे क्लस्टर्स और अनधिकृत कॉलोनियों में बसती है। दशकों से, ये इलाके स्वच्छता और सम्मान से वंचित थे यह अभियान इस कहानी को बदल देगा। हम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दृष्टिकोण से प्रेरित होकर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में महात्मा गांधी के स्वच्छ भारत के सपने को आगे बढ़ा रहे हैं।
मंत्री ने शहीद भगत सिंह स्कूल के बच्चों के कुछ अभिभावकों और स्कूल प्रशासन से भी संवाद किया और स्कूल में आ रही समस्याओं के बारे में विस्तार से जानकारी ली। स्कूल में एकेडमिक के साथ साथ प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए भी शिक्षा दी जाती है। अभिभावकों ने बताया कि स्कूल में सबसे बड़ी समस्या पर्याप्त संख्या में टीचरों का ना होना है। बच्चों को स्कूल में पीने के पानी और बिजली की समस्या का भी निरन्तर सामना करना पड़ता है। मंत्री को यह भी बताया कि स्कूल में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए शिक्षा दी जाती है इसलिए यहां पर आधुनिक सुविधाओं युक्त लैब भी होनी चाहिए लेकिन यहां कोई लैब नहीं है । इसके कारण बच्चों को असुविधा का सामना करना पड़ता है।
मंत्री को यह भी बताया गया कि स्कूल में एक हॉस्टल भी है जिसमें स्टाफ की भी कमी है । साथ ही इमरजेंसी के समय ना तो कोई मेडिकल की व्यवस्था है और ना ही डॉक्टर आदि की सुविधा है। गर्ल्स हॉस्टल में लड़कियों की सुरक्षा के बारे में भी मंत्री को अवगत कराया गया।

मंत्री ने अभिभावकों की शिकायतों का संज्ञान लेते हुए शिक्षा निदेशक, स्कूल प्रशासन तथा वहां उपस्थित अन्य विभागों के अधिकारियों को कहां की वह अभिभावकों की शिकायतों और स्कूल के सभी पेंडिंग कामों का शीघ्र अति शीघ्र समाधान करें। ताकि यहां पढ़ने वाले बच्चों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। और इस काम में कोई लापरवाही न बरतें।
शिक्षा मंत्री ने अभिभावकों और बच्चों को आश्वस्त किया कि वह स्कूल में आ रही सभी समस्याओं के निदान के लिए ठोस कार्यवाही करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि दिल्ली सरकार दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में दिल्ली के सभी स्कूलों में बच्चों को सभी प्रकार की सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए कृतसंकल्प है।
