मीरा मॉडल स्कूल के अभिभावकों ने वैन ऑपरेटरों के साथ मिलकर किया जोरदार विरोध प्रदर्शन

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  • स्कूल असंवैधानिक रूप से फीस तो बढ़ा ही रहा है, साथ ही वैन ऑपरेटरों से ले रहा है भारी कमीशन
  • अभिभावकों पर फीस वृद्धि के साथ महंगी कैब सेवा का भी अतिरिक्त बोझ

नई दिल्ली । 28 जुलाई 2025 । मीरा मॉडल स्कूल, जनकपुरी के बाहर सुबह मीरा मॉडल एवं मीरा नर्सरी वैन ऑपरेटर संघ और स्कूल के अभिभावकों ने संयुक्त रूप से एक शांतिपूर्ण लेकिन तीव्र विरोध प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन स्कूल द्वारा वैन सेवा में 20 प्रतिशत कमीशन वसूली और बिचौलिये के ज़रिए देरी से भुगतान जैसी अनुचित नीतियों के खिलाफ था।

क्या है मामला?

मीरा मॉडल स्कूल, जनकपुरी पर आरोप है कि वह परिवहन शुल्क सीधे अभिभावकों से वसूलता है, लेकिन बच्चों की कैब सेवा देने वाले वैन ऑपरेटरों को भुगतान 40 दिन की देरी से करता है — वो भी एक बिचौलिए के माध्यम से, जो प्रत्येक बच्चे पर 20 प्रतिशत तक कमीशन काटता है।

वैन ऑपरेटरों ने स्पष्ट आरोप लगाया कि – स्कूल प्रबंधन ने जानबूझकर कमीशन खाने के लिए एक बिचौलिया खड़ा किया है, जबकि स्कूल के पास खुद की एक भी वैन नहीं है।”

वैन ऑपरेटरों के समर्थन में स्कूल ट्रांसपोर्ट एकता यूनियन (STEU) भी विरोध प्रदर्शन में सम्मिलित हुआ।

अभिभावकों की पीड़ा

अभिभावकों ने बताया कि स्कूल ने पिछले कुछ वर्षों में फीस में काफी बढ़ोतरी की है, और अब वैन सेवा में भी कटौती कर उन्हें दोहरे आर्थिक बोझ तले दबा दिया है।

विरोध के दौरान स्कूल प्रबंधन ने पुलिस बुला ली और छात्रों को छुट्टी के बाद देने से इनकार कर दिया। अभिभावकों को एक सर्कुलर भेजा गया जिसमें लिखा था कि – वैन ऑपरेटर बच्चों को ले जाने से मना कर रहे हैं, इसलिए सुरक्षा के दृष्टिकोण से बच्चों को स्कूल में रोका गया है।”
“सभी अभिभावकों से अनुरोध है कि वे स्वयं स्कूल आकर अपने बच्चों को ले जाएं।”

इस आरोप पर वैन ऑपरेटरों का स्पष्ट जवाब था –हमने कभी बच्चों को ले जाने से इनकार नहीं किया, यह तो स्कूल प्रशासन की रणनीति थी ताकि दबाव बनाया जा सके।”
“स्कूल ने ही बच्चों को रोक लिया और अभिभावकों को भ्रमित किया।”

अभिभावक प्रतिनिधि की प्रतिक्रिया

गगनदीप सिंह (अभिभावक एवं कार्यकारणी सदस्य, यूपीवी) ने कहा – स्कूल ने पहले ही फीस बढ़ाकर अभिभावकों की कमर तोड़ दी है। अब वैन ऑपरेटरों से जबरन कमीशन वसूलकर हम पर और बोझ डाल रहा है।” उन्होंने आगे कहा “हमने मिलकर इस अन्याय के खिलाफ आवाज़ उठाई है, और अगर स्कूल नहीं माना तो अगला कदम होगा अनिश्चितकालीन हड़ताल।”

एक वैन ऑपरेटर ने बताया –

हम स्कूल के लिए ईमानदारी से सेवा दे रहे हैं, लेकिन बदले में हमें 40 दिन बाद पैसा मिलता है, वो भी 20% कटौती के बाद। यह नाइंसाफी अब बर्दाश्त नहीं।”

संयुक्त चेतावनी

अभिभावक फोरम और वैन ऑपरेटर संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि स्कूल अपनी लालची और अपारदर्शी व्यवस्था में सुधार नहीं करता, तो वे जल्द ही अनिश्चितकालीन हड़ताल की घोषणा करेंगें I

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