श्रावण के प्रथम सोमवार भगवान श्री महाकाल मनमहेश स्‍वरूप में नगर भ्रमण पर निकले

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  • अवंतिका नगरी में उमड़ा भक्ति-भावना और उमंग का सागर
  • “भोले शंभु, भोलेनाथ” के जयकारों से गुंजायमान हुआ अवन्तिका नगरी का धरती व अम्बर
  • डॉ.मोहन यादव की मंशानुरूप 04 जनजातीय समूहों के कलाकारों ने प्रथम सवारी में दी मनमोहक प्रस्तुतियां*
  • माँ क्षिप्रा के तट पर रामघाट पर वैदिक उदघोष के साथ हुवा श्री महाकालेश्वर भगवान की प्रथम सवारी का स्वागत
  • चारों ओर अपने इष्ट के दर्शन को आतुर भक्तों के नेत्रो में श्रद्धा, भक्ति व उल्लास का सागर दिखाई दे रहा था

उज्‍जैन 14 जुलाई 25। श्रावण माह के प्रथम सोमवार पर भगवान श्री महाकालेश्‍वर मनमहेश स्‍वरूप में नगर भ्रमण पर निकले। सवारी के निकलने के पूर्व श्री महाकालेश्‍वर मंदिर परिसर के सभामंडप में सर्वप्रथम भगवान श्री महाकालेश्‍वर का षोड़षोपचार पूजन-अर्चन किया गया। उसके पश्यात आरती संपन्न हुई | पूजन-अर्चन व आरती शासकीय पुजारी पं.घनश्‍याम शर्मा द्वारा संपन्‍न कराया गया।

आरती उपरांत उज्जैन के प्रभारी मंत्री डॉ.गौतम टेटवाल, मध्‍य प्रदेश शासन के जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट , पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग और श्रम विभाग मंत्री प्रहलाद पटेल , राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा ने भगवान श्री महाकालेश्‍वर का पूजन-अर्चन किया और आरती की। इस अवसर पर विधायक सतीश मालवीय , महेश परमार , जीतेंद्र पंड्या , नगर निगम सभापति कलावती यादव, संभागायुक्त संजय गुप्ता, सहित कलेक्टर एवं अध्यक्ष मंदिर प्रबंध समिति रौशन कुमार सिंह , पुलिस अधीक्षक प्रदीप शर्मा , मंदिर प्रशासक प्रथम कौशिक व अन्य अधिकारियों ने सभामंडप में भगवान श्री मनमहेश का पूजन किया।

सभामंडप में पूजन उपरांत अवंतिकानाथ भगवान श्री मनमहेश के स्वरूप में पालकी में सवार होकर अपनी प्रजा का हाल जानने और भक्‍तों को दर्शन देने के लिए नगर भ्रमण पर निकले। पालकी जैसे ही श्री महाकालेश्‍वर मंदिर के मुख्‍य द्वार पर पहुंची, सशस्‍त्र पुलिस बल के जवानों द्वारा पालकी में विराजित भगवान श्री मनमहेश को सलामी (गार्ड ऑफ ऑनर) दी गई।

सवारी मार्ग के दोनों ओर हजारों की संख्या में दर्शनार्थियों ने पालकी में विराजित श्री मनमहेश भगवान के भक्तिभाव से दर्शन लाभ लिये। गार्ड ऑफ ऑनर के बाद सवारी श्री महाकालेश्वर मंदिर से गुदरी चौराहा, बक्षी बाजार, कहारवाडी, होते हुए रामघाट पहुंची।

भगवान महाकालेश्वर जी श्री मनमहेश के स्वरुप में अपने भक्तों को आशीर्वाद देने के लिए माँ क्षिप्रा के तट पर पहुँचे। इसके पश्चात मां क्षिप्रा नदी के जल से भूतभावन मन को मोहने वाले श्री मनमहेश का ‍जलाभिषेक किया गया।

रामघाट पर वैदिक उदघोष के साथ हुवा श्री महाकालेश्वर भगवान की प्रथम सवारी का स्वागत

श्री महाकालेश्वर भगवान की प्रथम सोमवार की सवारी में मध्यप्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव की मंशानुरूप वैदिक उदघोष के साथ श्री महाकालेश्वर भगवान की प्रथम सवारी का स्वागत किया गया |

श्री महाकालेश्वर जी की सवारी को अधिक भव्य रूप देने हेतु प्रत्येक सवारी में अलग-अलग थीम रखी गई है, जिसमें प्रथम सोमवार को निकलने वाली श्री महाकालेश्वर भगवान की प्रथम सवारी अवसर पर श्री महाकालेश्वर जी की सवारी का क्षिप्रातट पर पूजन के दौरान 500 से अधिक वैदिक बटुकों द्वारा वैदिक मंत्रों से उदघोष किया गया | माँ क्षिप्रा के तट पर दोनों ओर दत्त अखाड़ा क्षेत्र व रामघाट क्षेत्र में मंदिर प्रबंध समिति द्वारा संचालित श्री महाकालेश्वर वैदिक प्रशिक्षण एवं शोध संस्थान के अतिरिक्त उज्जैन में संचालित 25 गुरूकुलों के 500 से अधिक बटुकों द्वारा वेद उदघोष किया गया |

त्रिभुवन वन्दिता माँ क्षिप्रा का तट पालकी पूजन के दौरान वैदिक मंत्रो के उद्घोष से गुंजायमान हो उठा व चारों ओर अपने इष्ट के दर्शन को आतुर भक्तों के नेत्रो में श्रद्धा, भक्ति व उल्लास का सागर दिखाई दे रहा था |

रामघाट पर श्री मनमहेश के पूजन उपरांत सवारी रामघाट से पुन: सवारी रामानुजकोट, मोढ़ की धर्मशाला, कार्तिक चौक, खाती समाज मन्दिर, सत्यनारायण मन्दिर, ढाबा रोड, टंकी चौराहा, छत्री चौक, गोपाल मन्दिर, पटनी बाजार, गुदरी बाजार होती हुई श्री महाकालेश्वर मन्दिर में वापस पहुंची।

सवारी के आगे-आगे घुड़सवार, पुलिस बल, विभिन्न भजन मण्डलियां, जनजातीय नृत्य दल आदि भगवान भोलेनाथ के गुणगान एवं भजन-कीर्तन करते हुए साथ चल रहे थे।

चलित रथ के माध्यम से श्रद्धालुओं ने किये दर्शन

बाबा महाकाल की सवारी के सुगमतापूर्वक दर्शन के लिये श्री महाकालेश्वर मन्दिर प्रबंध समिति द्वारा चलित रथ की व्यवस्था की गई, जिसके दोनों ओर एलईडी के माध्यम से सवारी का लाईव प्रसारण किया गया। जिससे श्रद्धालुओं ने भगवान के दर्शन लाभ लिये।

सवारी मार्ग की प्रमुख झलकियां

मध्यप्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव की मंशानुरूप गतवर्षानुसार संस्कृति विभाग भोपाल, जनजातीय लोक कला एवं बोली विकास अकादमी मध्यप्रदेश संस्कृति परिषद व ‍त्रिवेणी कला एवं पुरातत्व संग्रहालय के माध्यम से भगवान श्री महाकालेश्वर जी की सवारी में जनजातीय कलाकारों का दल ने श्री महाकालेश्वर भगवान जी की प्रथम सवारी सहभागिता की|

घासी जनजातीय घसियाबाजा नृत्य सीधी, गोण्ड जनजातीय गुन्नूरसाई नृत्य सिवनी, कोरकू जनजातीय ढांढल नृत्य अनूपपुर एवं सैरा लोक नृत्य, सागर का दल श्री महाकालेश्वर भगवान की प्रथम सवारी में पालकी के आगे भजन मंडलियों के साथ अपनी प्रस्तुति देते हुए श्री महाकालेश्वर भगवान की सवारी में सम्मिलित हुए |

सवारी मार्ग पर हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं ने बाबा महाकाल पर पुष्पवर्षा कर दर्शन लाभ लिये, सवारी मार्ग पर चहुंओर दर्शन के लिये भारी संख्या में जन-समूह उपस्थित रहा। सम्पुर्ण सवारी मार्ग पर श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति की ओर से श्री के.बी.पंड्या व उनके समूह द्वारा आकर्षक रंगोली बनाकर भगवान श्री मनमहेश का स्वागत किया गया।

भजन मण्डलियों में सैंकड़ों महिलाओं ने शिव स्तुतियां की। सवारी में सम्मिलित भजन मंडलियां उत्साहपूर्वक डमरू और मजीरे बजाते हुए सवारी में आगे-आगे चल। विशाल ध्वज के साथ बाबा श्री महाकाल की पालकी निकाली गयी।

सम्पूर्ण सवारी मार्ग पर लगभग 05 लाख से अधिक भक्तो ने श्री महाकालेश्वर भगवान जी के श्री मनमहेश स्वरूप के दर्शन किये।

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