दिल्ली यूनिवर्सिटी की स्टूडेंट का शव यमुना नदी में मिला

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नई दिल्ली , 14 जुलाई 2025। दिल्ली यूनिवर्सिटी में पढ़ने वाले 19 साल की स्नेहा देबनाथ का शव रविवार शाम को यमुना नदी से बरामद हुआ। स्नेहा मूलरूप से त्रिपुरा के सबरूम की रहने वाली थी और साउथ दिल्ली के महरौली स्थित पर्यावरण कॉम्प्लेक्स इलाके में रहती थी।

वह 7 जुलाई की सुबह से लापता थी। रविवार शाम गीता कॉलोनी फ्लाईओवर के नीचे नदी में स्नेहा का शव मिला। स्नेहा के परिवार ने उसके शव की पहचान की है। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है।इस मामले में महरौली थाने में केस दर्ज किया गया है।

साउथ दिल्ली के DCP अंकित चौहान के मुताबिक, स्नेहा दिल्ली यूनिवर्सिटी के आत्मा राम सनातन धर्म कॉलेज में बी.एससी की स्टूडेंट थी। एक फैमिली फ्रेंड ने न्यूज एजेंसी PTI को बताया कि स्नेहा ने आखिरी बार 7 जुलाई की सुबह 5.56 बजे अपनी मां को फोन किया था।

स्नेहा ने बताया था कि वह अपनी एक दोस्त से मिलने सराय रोहिल्ला रेलवे स्टेशन जाएगी। फिर उसका फोन बंद हो गया। स्नेहा के परिवार ने उसकी दोस्त को फोन किया, तो उसने बताया कि स्नेहा उससे मिलने आई ही नहीं।

सिग्नेचर ब्रिज पर आखिरी लोकेशन मिली, सुसाइड नोट बरामद जांच के दौरान, स्नेहा की आखिरी लोकेशन मजनू का टीला स्थित सिग्नेचर ब्रिज पर मिली थी। पूछताछ के दौरान एक कैब ड्राइवर ने बताया कि उसने स्नेहा को 7 जुलाई को सिग्नेचर ब्रिज पर छोड़ा था।

कुछ लोगों ने बताया कि उन्होंने पुल पर एक लड़की को खड़ा देखा था। तब से NDRF और स्थानीय पुलिस दिल्ली से नोएडा तक यमुना नदी में स्नेहा की तलाश कर रही थी।

पुलिस ने बताया कि उन्हें स्नेहा के दिल्ली स्थित कमरे से एक सुसाइड नोट मिला है, जो उसके हाथ से लिखा हुआ था। उसमें लिखा था- मैं खुद को नाकाम और बोझ समझती हूं। इस तरह जीना अब बर्दाश्त नहीं हो रहा था। मैंने सिग्नेचर ब्रिज से कूदकर जान देने का फैसला किया है। इसमें किसी का कोई दोष नहीं है, यह मेरा अपना फैसला है।

दोस्त बोले- कुछ महीनों से परेशान थी, पिता किडनी मरीज

स्नेहा रिटायर्ट सूबेदार मेजर लेफ्टिनेंट प्रीतिश देबनाथ की बेटी थीं। स्नेहा की पिता क्रोनिक किडनी फेल्योर से जूझ रहे हैं और उनका डायलिसिस के जरिए इलाज किया जा रहा है।

न्यूज एजेंसी PTI के मुताबिक, स्नेहा के करीबी दोस्तों ने बताया कि स्नेहा एक होनहार और महत्वाकांक्षी लड़की थी। लेकिन वह पिछले कुछ महीनों से परेशान थी। उसने 7 जुलाई की सुबह अपने दोस्तों को भी ईमेल और मैसेज भेजे थे।

एक फैमिली फ्रेंड ने बताया कि स्नेहा ने पिछले चार महीनों से अपने बैंक अकाउंट से पैसे नहीं निकाले थे। 7 जुलाई को अपनी मां को फोन करने के बाद वह अपने साथ कोई सामान लिए बिना ही घर से निकल गई थी।

परिवार का आरोप- सिग्नेचर ब्रिज पर CCTV कैमरे चालू नहीं थे स्नेहा के परिवार और दोस्तों ने आरोप लगाया कि घटना वाले दिन सिग्नेचर ब्रिज और उसके आसपास कोई भी CCTV कैमरा चालू नहीं था। परिवार ने एक बयान में बताया कि सिग्नेचर ब्रिज पर अक्सर आत्महत्या की घटनाएं होती हैं। इसके बावजूद, पुल पर या आस-पास के इलाकों में एक भी CCTV कैमरा काम नहीं करता।

परिवार ने कहा, ‘यह केवल स्नेहा का मामला नहीं है। यह दिल्ली में आने वाले हर स्टूडेंट और नागरिक की सुरक्षा का मामला है। यह पुल 4-5 अलग-अलग पुलिस थानों के एरिया में आता है। इसके कारण सभी जिम्मेदारी लेने से बचते हैं।’

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