क्या नया हुआ?
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CBSE ने 2026 से कक्षा 10वीं बोर्ड परीक्षा को साल में दो बार आयोजित करने का ऐतिहासिक निर्णय लिया है
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पहली परीक्षा: फरवरी में—सभी छात्रों के लिए अनिवार्य
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दूसरी परीक्षा: मई में—वैकल्पिक, जिन छात्रों को अपने अंकों में सुधार करना हो या कॉम्पार्टमेंट देना हो, वे इसमें बैठ सकते हैं
2. परीक्षा समय-सीमा और परिणाम
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पहली परीक्षा: शुरू होगी 17 फरवरी 2026 से, परिणाम अप्रैल 2026 तक घोषित होंगे
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दूसरी परीक्षा: आयोजित होगी 5 से 20 मई 2026 के बीच, परिणाम जून 2026 में सामने आएंगे
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3. आंतरिक मूल्यांकन एवं स्कीम
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स्कूल स्तर पर Internal Assessment (आंतरिक मूल्यांकन) एक बार ही पूरे साल में होगा और दोनों परीक्षाओं में लागू होगा
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दोनों परीक्षाएं पूर्ण सिलेबस की होंगी, और अंतिम अंक में छात्र का सर्वश्रेष्ठ स्कोर ही गिना जाएगा
दोनों परीक्षाएं पूर्ण सिलेबस की होंगी, और अंतिम अंक में छात्र का सर्वश्रेष्ठ स्कोर ही गिना जाएगा
5. क्यों यह बदलाव?
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यह कदम NEP 2020 और राष्ट्रीय पाठ्यचर्या ढाँचा 2023 की सिफारिशों के अनुरूप है—जिसका लक्ष्य परीक्षा संबंधी दबाव कम, अवसर एवं आत्मविश्वास बढ़ाना और अधिगम पर ध्यान केंद्रित करना है
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परीक्षा का स्वरूप अब competency‑based assessment, यानी समझ पर आधारित होगा, ना कि केवल “रटने” पर
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मई 2026 लाइन क्यों अहम है? – चूँकि दूसरी परीक्षा इसी समय होगी, जिससे सुधार के मौके मिलेंगे।
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पहली परीक्षा अनिवार्य, मगर दूसरी वैकल्पिक—जहाँ अच्छे अंक सुधारने का अवसर मिलेगा।
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दोनों परीक्षाओं का सर्वश्रेष्ठ मार्क्स अंतिम परिणाम में शामिल होगा।
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Internal assessment केवल एक बार होगी, जो दोनों परीक्षाओं में लागू होगी।
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यह बदलाव छात्रों पर पड़ने वाले मानसिक दबाव को कम करेगा, और समझ के आधार पर शिक्षा को प्राथमिकता देगा।
