प्रदूषकों को बख्शा नहीं जाएगा” – परवेश साहिब सिंह

Date:

  • अवैध सीवेज निष्कासन पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए
  • यमुना को बचाने के लिए दिल्ली भर में व्यापक निरीक्षण अभियान

नई दिल्ली । 20 जून 2025 । दिल्ली में पर्यावरण की रक्षा और यमुना के पुनर्जीवन की दिशा में एक अहम कदम उठाते हुए लोक निर्माण विभाग एवं जल मंत्री परवेश साहिब सिंह ने राजधानी के औद्योगिक, वाणिज्यिक तथा अन्य संबद्ध प्रतिष्ठानों द्वारा बिना उपचारित सीवेज एवं औद्योगिक कचरे के अवैध निष्कासन के खिलाफ तुरंत कड़ी कार्रवाई के आदेश दिए हैं।

जल प्रदूषण को जनस्वास्थ्य और पारिस्थितिकी तंत्र के लिए गंभीर खतरा बताते हुए मंत्री ने सभी संबंधित विभागों को मौजूदा पर्यावरण मानकों का शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए सघन निरीक्षण एवं प्रवर्तन अभियान चलाने का निर्देश दिया है।

“यह संकट अब और नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। दिल्ली को अपनी जीवनरेखाओं में बिना उपचारित सीवेज का प्रवाह अब और सहन नहीं है। कोई भी प्रदूषक बख्शा नहीं जाएगा। हम कार्रवाई करेंगे – और तुरंत करेंगे,” मंत्री परवेश साहिब सिंह ने प्रदूषण नियंत्रण पर सरकार के सख्त रुख को स्पष्ट करते हुए कहा।

🔹 मंत्री के प्रमुख निर्देश:

1. पूरे शहर में निरीक्षण तत्काल प्रारंभ:
सभी संबंधित विभागों को यह सुनिश्चित करने के लिए निर्देशित किया गया है कि जिन प्रतिष्ठानों पर सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) या एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट (ETP) स्थापित करने और संचालित करने की कानूनी आवश्यकता है, उन पर समयबद्ध और विस्तृत निरीक्षण किए जाएं। यह सुनिश्चित किया जाए कि सभी संयंत्र सही ढंग से स्थापित हों और पूरी क्षमता से कार्यरत हों।

2. उल्लंघन पर शून्य सहनशीलता:
जो भी प्रतिष्ठान निर्धारित मानकों का उल्लंघन करते पाए जाएंगे, उनके खिलाफ जल (प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण) अधिनियम, 1974 के तहत कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। किसी को भी कोई छूट या ढील नहीं दी जाएगी।

3. केंद्रीकृत निगरानी तंत्र:
निरीक्षण, उल्लंघनों और सुधारात्मक कार्रवाई को ट्रैक करने के लिए एक रीयल-टाइम ई-डैशबोर्ड बनाया जाएगा। सभी विभागों को प्रत्येक दो सप्ताह में अनुपालन रिपोर्ट मंत्री कार्यालय को प्रस्तुत करनी होगी।

4. विभागीय समन्वय अनिवार्य:
मंत्री ने सभी प्रवर्तन और तकनीकी विभागों के बीच सुगम समन्वय की आवश्यकता पर बल दिया है, जिससे नौकरशाही में देरी को समाप्त कर जमीन पर शीघ्र परिणाम सुनिश्चित किए जा सकें।

यह पहल दिल्ली में पर्यावरणीय प्रशासन की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। सरकार यमुना पुनर्जीवन को केवल एक नीति लक्ष्य नहीं, बल्कि जवाबदेही, भविष्य की तैयारी और नागरिक कर्तव्य का मिशन मान रही है।

उन्होंने कहा कि “यह कोई प्रतीकात्मक प्रयास नहीं है। यह अस्तित्व और विरासत का विषय है। दिल्ली को इस चुनौती का सामना करना ही होगा,”

कार्यान्वयन तत्काल प्रारंभ

सभी संबंधित विभागों को तुरंत कार्रवाई आरंभ करने का निर्देश दे दिया गया है। उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों और बार-बार उल्लंघन करने वालों को प्राथमिकता दी जाएगी। आम जनता से भी अपील की गई है कि वे किसी भी अवैध सीवेज निष्कासन की सूचना स्थानीय चैनलों के माध्यम से दें।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Share post:

Subscribe

Popular

More like this
Related