इलॉन मस्क के स्टारशिप में टेस्ट के दौरान धमाका

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वाशिंगटन  । 20 जून 25। दुनिया के सबसे अमीर कारोबारी इलॉन मस्क का स्टारशिप-36 रॉकेट टेक्सास के स्टारबेस टेस्टिंग साइट पर अचानक धमाके के साथ फट गया। इसकी लपटें और धुआं दूर-दूर तक दिखाई दिया। ये धमाका भारतीय समयानुसार आज यानी, 19 जून को सुबह करीब 09:30 बजे हुआ।

धमाका उस वक्त हुआ जब 29 जून को होने वाले स्टारशिप के 10वें टेस्ट फ्लाइट से पहले रॉकेट का दूसरा स्टैटिक फायर टेस्ट चल रहा था। इस टेस्ट में रॉकेट को जमीन पर ही रखकर उसके इंजन को चालू किया जाता है, ताकि लॉन्च से पहले सब कुछ ठीक हो, ये चेक किया जा सके।

ऊपरी हिस्से में विस्फोट हुआ, रॉकेट आग के गोले में बदल गया

टेस्ट शुरू होने से ठीक पहले, रॉकेट के ऊपरी हिस्से में, जहां फ्यूल टैंक होते हैं, अचानक विस्फोट शुरू हुआ। देखते ही देखते पूरा रॉकेट आग के गोले में बदल गया। आसपास के इलाकों में रहने वाले लोगों ने बताया कि धमाका इतना जोरदार था कि उनके घरों की खिड़कियां हिल गईं।

इस धमाके का जो वीडियो सामने आया है उसमें दिख रहा है कि रॉकेट के नोज यानी, ऊपरी हिस्से से अचानक आग की लपटें निकलती हैं और फिर पूरा रॉकेट धमाके के साथ फट जाता है।

कोई हताहत नहीं, लेकिन नुकसान बड़ा

स्पेसएक्स ने इस हादसे के बाद बयान जारी कर बताया कि टेस्ट साइट के आसपास पहले से ही सुरक्षा का पूरा इंतजाम था। सभी कर्मचारी सुरक्षित हैं और आसपास के इलाकों में रहने वालों को भी कोई नुकसान नहीं हुआ। कंपनी ने लोगों से अपील की है कि वो टेस्ट साइट के पास न जाएं, क्योंकि अभी भी वहां आग बुझाने और सफाई का काम चल रहा है।

कैमरन काउंटी के शेरिफ ऑफिस और स्थानीय पुलिस ने भी पुष्टि की कि कोई घायल नहीं हुआ। फायर डिपार्टमेंट की टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं और आग पर काबू पाने की कोशिश शुरू की, लेकिन रॉकेट और टेस्ट साइट को हुआ नुकसान इतना ज्यादा है कि स्पेसएक्स को अब अपनी 10वीं टेस्ट फ्लाइट की योजना पर फिर से काम करना पड़ेगा।

फ्यूल लोडिंग प्रक्रिया शुरू होने के बाद विस्फोट हुआ

नासा स्पेसफ्साइट यूट्यूब चैनल पर ये टेस्ट लाइव दिखाया जा रहा था। इस दौरान कमेंट्री में बताया गया कि फ्यूल लोडिंग प्रक्रिया शुरू होने के लगभग 30 मिनट बाद विस्फोट हुआ। स्टैटिक फायर टेस्ट के दौरान रॉकेट के इंजन को लॉन्च माउंट से जुड़े रहते हुए चालू किया जाता है। टेस्ट में रॉकेट के छह रैप्टर इंजनों को एक साथ चालू करना था।

मस्क बोले- नाइट्रोजन गैस स्टोर करने वाला कंटेनर फेल हो गया

इलॉन मस्क ने कहा- प्रारंभिक डेटा से पता चलता है कि पेलोड बे में मौजूद नाइट्रोजन COPV अपने प्रूफ प्रेशर से कम दबाव में फेल हो गया।

COPV एक तरह का खास दबाव वाला कंटेनर होता है। इसका काम नाइट्रोजन, हीलियम, या ऑक्सीजन जैसी गैसों को बहुत ज्यादा दबाव में स्टोर करना है। रॉकेट के पेलोड बे में नाइट्रोजन गैस स्टोर करने के लिए COPV यूज होता है।

वहीं प्रूफ प्रेशर वह दबाव है, जिसके तहत किसी कंटेनर (जैसे COPV) को टेस्ट किया जाता है ताकि यह चेक किया जाए कि वह सुरक्षित है या नहीं।

इस साल स्टारशिप के लगातार तीन टेस्ट फेल हुए

इस साल स्टारशिप के टेस्ट में लगातार असफलताएं मिल रही हैं। सातवें, आठवें और नौवें टेस्ट फ्लाइट में भी रॉकेट या तो उड़ान के दौरान फट गया या फिर कंट्रोल खोकर क्रैश हो गया।

स्पेसएक्स का स्टारशिप दुनिया का सबसे बड़ा और सबसे ताकतवर रॉकेट सिस्टम है, जिसे इंसानों को चांद और मंगल ग्रह पर ले जाने के लिए बनाया जा रहा है।

इलॉन मस्क का सपना है कि स्टारशिप के जरिए इंसान एक दिन मंगल पर कॉलोनी बना सकेंगे। ये रॉकेट पूरी तरह से रीयूजेबल है, यानी इसे बार-बार इस्तेमाल किया जा सकता है।

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