पटियाला , 07 मई 2026 । पंजाब में पेंशनरों को इन दिनों कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है, पंजाब सरकार द्वारा पेंशनर सेवा पोर्टल लागू किए जाने और डिजीटल लाइफ सर्टीफिकेट अपडेट न होने का बहाना बनाकर पंजाब के लाखों पेंशनरों की अप्रैल महीने की पेंशन अब तक जारी न होने के कारण पेंशनरों में भारी रोष और गुस्सा है। जिसके चलते बुजुर्गों और लाभार्थियों में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है। राज्य के विभिन्न जिलों से लगातार ऐसी शिकायतें सामने आ रही हैं कि सामाजिक सुरक्षा पेंशन, वृद्धावस्था पेंशन और अन्य सरकारी सहायता योजनाओं का भुगतान समय पर नहीं हो पा रहा है। इससे हजारों परिवार आर्थिक संकट में फंस गए हैं।
पेंशनरों का आरोप है कि नई सत्यापन प्रक्रियाओं, दस्तावेजों की जांच और तकनीकी खामियों के कारण कई लोगों की पेंशन रोक दी गई है। खासकर ग्रामीण इलाकों में रहने वाले बुजुर्गों को ऑनलाइन प्रक्रियाओं और बैंकिंग संबंधी औपचारिकताओं को पूरा करने में भारी दिक्कत हो रही है। कई लाभार्थियों ने कहा कि वे महीनों से सरकारी दफ्तरों और बैंकों के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा।
स्थिति को लेकर लोगों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। कई जगहों पर पेंशनरों और सामाजिक संगठनों ने प्रदर्शन कर सरकार से जल्द समाधान की मांग की है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि बुजुर्गों की पेंशन उनकी रोजमर्रा की जरूरतों का मुख्य सहारा होती है और भुगतान में देरी से दवा, इलाज और घरेलू खर्च चलाना मुश्किल हो गया है।
विपक्षी दलों ने भी इस मुद्दे को लेकर राज्य सरकार पर निशाना साधा है। उनका कहना है कि सरकार को बुजुर्गों और जरूरतमंद लोगों की समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर हल करना चाहिए। वहीं सरकारी अधिकारियों का कहना है कि रिकॉर्ड सत्यापन और डेटा अपडेट की प्रक्रिया चल रही है, जिसके कारण कुछ मामलों में देरी हो रही है, लेकिन जल्द ही सभी लंबित भुगतान जारी कर दिए जाएंगे।
