न्यूजीलैंड के नए इमिग्रेशन नियमों से पंजाबियों की बढ़ी मुश्किलें

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पंजाब , 05 मई 2026 । न्यूजीलैंड सरकार द्वारा हाल ही में लागू किए गए नए इमिग्रेशन नियमों का असर खासतौर पर पंजाब के युवाओं पर देखने को मिल रहा है। विदेश में पढ़ाई, नौकरी और स्थायी निवास (PR) की उम्मीद लेकर जाने वाले हजारों छात्रों और प्रोफेशनल्स के लिए अब रास्ता पहले से ज्यादा कठिन हो गया है।

बताया जा रहा है कि, न्यूजीलैंड सरकार ने इमिग्रेशन नियमों में कई बड़े बदलाव किए हैं जिनमें औसतन सैलरी बढ़ाई, ओवर वर्क वीजा पर पाबंदी, बिना अंग्रेजी लो स्किल नौकरी भी नहीं, Student Visa महंगा किया, बॉर्डर पर सरप्राइज इंटरव्यू का नियम बनाया। इसके अलावा खाते में 11.20 लाख रुपए  का फंड दिखाना जरूरी कर दिया गया है। पढ़ाई के बाद सिर्फ एक बार ही वर्क परमिट मिलेगा। रिपोर्ट के मुताबिक, पंजाब से हर साल करीब 10 हजार स्टूडेंट्स स्टडी वीजा पर जाते हैं। 2026 में हर 10 में से 3-4 भारतीयों के वर्क वीजा रिजेक्ट हो रहे हैं। वर्क परमिट पर हर साल 35 हजार के करीब युवा न्यूजीलैंड पहुंचते हैं।

नए नियमों के तहत वीजा प्रक्रिया को सख्त किया गया है। इसमें अंग्रेजी भाषा दक्षता (IELTS/अन्य टेस्ट), वित्तीय क्षमता और नौकरी से जुड़े मानकों को और कड़ा कर दिया गया है। इसके अलावा, कुछ कोर्स और संस्थानों की मान्यता को लेकर भी बदलाव किए गए हैं, जिससे छात्रों के विकल्प सीमित हो गए हैं।

इमिग्रेशन नियमों में बदलाव:

  • न्यूजीलैंड सरकार ने 9 मार्च 2026 से वर्क वीजा के लिए औसतन वेतन 1960 रुपए प्रति घंटा कर दिया है। इसके चलते कोई  भी कंपनी वीजाधारकों को बुला नहीं रही है। यही नहीं पंजाबियों के विदेश में रहते उनके रिश्तेदार भी उन्हें नहीं बुला रहे हैं। इतने पैसे ऑफर करने वाली कंपनियों की जांच हो रही है। उनके फाइनेंशियल रिकार्ड चेक किए जा रहे हैं। सही न निकलने पर वीजा रिफ्यूज किएजा रहे हैं। सीधी से बात है अगर आपकी सैलरी कम है तो वर्क वीजा मिलना और परिवार को बुलाना नामुमकिन है।
  • इसके साथ ही ओपन वर्क वीजा पर भी पाबंदी लगा दी गई है। न्यूजीलैंड में ऐसे वीजा पर खुद का छोटा बिजनेस या फ्री काम नहीं कर पाएंगे। आपको किसी कंपनी में नौकरी करनी होगी। खास कर जो लोग खुद की टैक्सी या छोटा काम शुरू करना चाहते थे, उन पर ये नियम सख्त से लागू है।
  • अंग्रेजी का बोलना और समझना आना चाहिए। नैनी, क्लीनर, पेट्रोल पंप वर्कर लो स्किल श्रेणी में डाल दिए गए हैं। इसके लिए इन कामों के लिए IELTS और एक्सपीरियंस लेटर होना जरूरी है।
  • स्टूडेंट वीजा पहले से महंगा कर दिया गया है, ता कि हर कोई पढ़ाई की आड़ में न आ सके। 41 हजार 200 से अधिक कर दिया है। आपके अपने खाते में अब 11 लाख रुपए का फंड दिखाना जरूरी है। इसके साथ ही पोस्ट-स्ट्डी वर्क वीजा एक बार ही ले सकते हैं और बैचलर या मास्टर डिग्री पर ही 3 साल का वर्क वीजा मिलेगा।
  • वहीं नए नियमों के अनुसार अब  एंट्री की गारंटी नहीं। दरअसल, बॉर्डर पर सरप्राइज इंटरव्यू का नियम बनाया गया है। यदि आप नौकरी और सैलरी को लेकर अंग्रेजी में सही जवाब नहीं दे पाते तो आपको भारत वापस भेजा जा सकता है।

इमिग्रेशन विशेषज्ञों के अनुसार, अब केवल उन्हीं आवेदकों को प्राथमिकता मिलेगी जिनके पास स्किल्ड जॉब ऑफर, उच्च योग्यता और स्पष्ट करियर प्लान होगा। इससे सामान्य या कम स्किल वाले आवेदकों के लिए वीजा मिलना मुश्किल हो सकता है।

पंजाब से बड़ी संख्या में युवा हर साल न्यूजीलैंड जाते रहे हैं, खासकर स्टडी वीजा के जरिए। लेकिन इन नए नियमों के चलते एजुकेशन कंसल्टेंट्स और अभ्यर्थियों के बीच चिंता बढ़ गई है। कई छात्रों ने अपने प्लान पर पुनर्विचार शुरू कर दिया है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम न्यूजीलैंड सरकार द्वारा इमिग्रेशन सिस्टम को अधिक नियंत्रित और क्वालिटी-फोकस्ड बनाने के लिए उठाया गया है। हालांकि, इसका सीधा असर भारतीय छात्रों, खासकर पंजाब के युवाओं पर पड़ रहा है।

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