चंडीगढ़, 01 मई 2026 । हरियाणा सरकार संपत्ति पंजीकरण (Property Registry) प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल और पारदर्शी बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रही है। जल्द ही “फेसलेस प्रॉपर्टी रजिस्ट्री” सिस्टम शुरू किया जाएगा, जिसके तहत लोगों को रजिस्ट्री के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।
सरकार ने पिछले साल पेपरलेस रजिस्ट्री की शुरुआत की थी, जिससे रजिस्ट्री प्रक्रिया में काफी सरलता आई। हालांकि, अभी आवेदन के दौरान ज्यादा जानकारी देनी पड़ती है। नई प्रणाली पेपरलेस रजिस्ट्री 2.0 में आवेदन प्रक्रिया को और आसान बनाया जाएगा और जरूरी सूचनाओं की संख्या कम की जाएगी। साथ ही तकनीकी खामियों को भी दूर किया जाएगा।
इस नई व्यवस्था में संपत्ति की रजिस्ट्री ऑनलाइन माध्यम से पूरी की जा सकेगी। दस्तावेजों का सत्यापन, भुगतान और प्रक्रिया का हर चरण डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए किया जाएगा। इससे न केवल समय की बचत होगी, बल्कि भ्रष्टाचार और बिचौलियों की भूमिका भी काफी हद तक खत्म होने की उम्मीद है।
सरकार इस प्रोजेक्ट को चरणबद्ध तरीके से लागू करेगी। शुरुआती तौर पर इसे दो जिलों में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शुरू किया जाएगा, जहां सिस्टम की कार्यक्षमता और व्यवहारिकता का परीक्षण किया जाएगा। इसके बाद इसे पूरे राज्य में विस्तार देने की योजना है।
विशेषज्ञों का मानना है कि फेसलेस रजिस्ट्री सिस्टम से पारदर्शिता बढ़ेगी और रियल एस्टेट सेक्टर में भरोसा मजबूत होगा। साथ ही, डिजिटल रिकॉर्ड सुरक्षित रहने से संपत्ति विवादों में भी कमी आ सकती है।
इस पहल का एक और बड़ा फायदा यह होगा कि लोग घर बैठे ही अपनी संपत्ति से जुड़े कार्य पूरे कर सकेंगे, जिससे सरकारी सेवाएं अधिक सुलभ और उपयोगकर्ता के अनुकूल बनेंगी। यह कदम “ई-गवर्नेंस” को बढ़ावा देने और प्रशासन को आधुनिक बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
कुल मिलाकर, हरियाणा सरकार की यह पहल न केवल तकनीकी रूप से उन्नत है, बल्कि आम नागरिकों के लिए सुविधाजनक और पारदर्शी व्यवस्था सुनिश्चित करने की दिशा में एक बड़ा बदलाव साबित हो सकती है।
