यूपी पुलिस पर सवाल: अदालत में खुली कार्यशैली की पोल, जज की सख्त टिप्पणी के बाद मचा हड़कंप

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उत्तर प्रदेश , 24 अप्रैल 2026 । उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर जिले में पुलिस की कार्यप्रणाली पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। ताजा मामले में अदालत की सुनवाई के दौरान ऐसा खुलासा हुआ कि खुद जज भी हैरान रह गए। घटना के सामने आने के बाद पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया है और संबंधित अधिकारियों पर कार्रवाई की तलवार लटकती नजर आ रही है। उन्होंने बताया कि पुलिस ने 16 अप्रैल को आरोपी युवक को रिमांड पर लेने के लिए अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट मनीष कुमार सिंह की अदालत में प्रार्थना पत्र दिया। शुक्ला के अनुसार, न्यायालय ने पाया कि युवती बालिग है, लेकिन उसके पुलिस को दिए गए बयान में “मैं अपनी मर्जी से गई हूं” को बदलकर “मैं अपनी मर्जी से नहीं गई हूं” कर दिया गया। न्यायालय के निर्देश पर अगले दिन युवती का वीडियो प्रस्तुत किया गया, जिसमें उसने स्पष्ट रूप से कहा कि वह अपनी इच्छा से अपने प्रेमी के साथ गई थी।

मामला Uttar Pradesh के एक जिले से जुड़ा है, जहां सुनवाई के दौरान यह पाया गया कि जांच में गंभीर लापरवाही या गड़बड़ी की गई थी। कोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा कि पुलिस की कार्यशैली न्याय प्रक्रिया को प्रभावित कर सकती है, जो बेहद चिंताजनक है।

सूत्रों के अनुसार, मामले में थाना प्रभारी (SHO) और संबंधित दरोगा की भूमिका संदिग्ध पाई गई है। जांच में देरी, तथ्यों की अनदेखी या रिकॉर्ड में गड़बड़ी जैसे पहलुओं को लेकर अदालत ने नाराजगी जाहिर की है। इसके बाद उच्च अधिकारियों ने पूरे प्रकरण की समीक्षा शुरू कर दी है।

अदालत की सख्त टिप्पणी के बाद अब विभागीय जांच की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो SHO और दरोगा के खिलाफ निलंबन या अन्य कड़ी कार्रवाई की जा सकती है।

यह मामला न केवल पुलिस की जवाबदेही को लेकर बड़ा सवाल खड़ा करता है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि न्यायालय ऐसे मामलों में सख्त रुख अपनाने से पीछे नहीं हट रहा है। आने वाले दिनों में इस प्रकरण में और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।

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