पहली बार AI से बनाई ₹17,000 करोड़ की कंपनी

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नई दिल्ली,  13 अप्रैल 2026 । आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी कृत्रिम बुद्धिमत्ता अब सिर्फ तकनीकी प्रयोग तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि यह बड़े स्तर पर बिजनेस मॉडल को भी बदल रहा है। हाल ही में एक ऐसी कंपनी चर्चा में आई है, जिसकी नींव और तेजी से ग्रोथ में AI की प्रमुख भूमिका रही और जिसकी वैल्यूएशन करीब ₹17,000 करोड़ तक पहुंच गई है।

लॉस एंजेलिस में रहने वाले 41 साल के मैथ्यू गैलाघर ने AI से ₹17 हजार करोड़ की कंपनी बना दी। कंपनी का नाम मेडली है जिसे बनाने में सिर्फ दो महीने और 18 लाख रुपए खर्च हुए हैं।

मेडवी एक टेलीहेल्थ स्टार्टअप है जो वजन घटाने वाली दवाओं की ऑनलाइन बिक्री और परामर्श देता है। यह इसलिए चर्चा में है क्योंकि इसका सालाना रेवेन्यू करीब ₹17 हजार करोड़ रुपए तक पहुंच गया है। इस कंपनी में सिर्फ 2 लोग हैं। मैथ्यू और उनके भाई इलियट।

इस कंपनी की खासियत यह है कि इसके कई प्रमुख कार्य—जैसे कंटेंट क्रिएशन, कस्टमर सपोर्ट, डेटा एनालिसिस और प्रोडक्ट डेवलपमेंट—AI टूल्स के जरिए संचालित किए जा रहे हैं। इससे न केवल लागत में भारी कमी आई, बल्कि काम की गति और गुणवत्ता में भी जबरदस्त सुधार देखने को मिला।

विशेषज्ञों का मानना है कि AI-आधारित कंपनियों का यह ट्रेंड आने वाले समय में और तेज होगा। जहां पहले किसी स्टार्टअप को खड़ा करने के लिए बड़ी टीम और संसाधनों की जरूरत होती थी, वहीं अब AI की मदद से छोटी टीम भी बड़े स्तर पर काम कर सकती है। यही कारण है कि नई पीढ़ी के उद्यमी तेजी से AI को अपना रहे हैं।

इस तरह की कंपनियां डिजिटल मार्केटिंग, ई-कॉमर्स, फिनटेक और एजुकेशन जैसे कई क्षेत्रों में अपनी मजबूत पकड़ बना रही हैं। AI की मदद से ये कंपनियां ग्राहकों की जरूरतों को बेहतर समझ पा रही हैं और पर्सनलाइज्ड सर्विस देने में सक्षम हो रही हैं।

हालांकि, इसके साथ ही कुछ चुनौतियां भी सामने आ रही हैं, जैसे डेटा सुरक्षा, रोजगार पर प्रभाव और तकनीक पर अत्यधिक निर्भरता। फिर भी, यह साफ है कि AI ने बिजनेस की दुनिया में एक नई क्रांति की शुरुआत कर दी है।

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