ऑस्ट्रेलिया की चेतावनी- भारत में मिल रही नकली रेबीज वैक्सीन

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नई दिल्ली, 26 दिसंबर 2025 । ऑस्ट्रेलिया की ओर से जारी एक चेतावनी ने भारत समेत कई देशों का ध्यान अपनी ओर खींचा है। इस चेतावनी में दावा किया गया है कि भारत में नकली या संदिग्ध गुणवत्ता वाली रेबीज वैक्सीन मिलने की आशंका सामने आई है। यह मुद्दा बेहद गंभीर माना जा रहा है, क्योंकि रेबीज जैसी जानलेवा बीमारी में वैक्सीन ही सबसे प्रभावी और जीवनरक्षक उपाय होती है। ऐसे में वैक्सीन की गुणवत्ता पर सवाल उठना सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए बड़ी चुनौती बन सकता है।

ऑस्ट्रेलिया में वैक्सीन के लिए काम करने वाली सरकार की संस्थान ऑस्ट्रेलियन टेक्निकल एडवाइजरी ग्रुप ऑन इम्यूनाइजेशन (ATAGI) ने शुक्रवार को भारत में इस्तेमाल होने वाली रेबीज वैक्सीन के लिए चेतावनी जारी की है। ये चेतावनी ABHAYRAB ब्रांड के लिए जारी की गई है।

चेतावनी में कहा गया है ABHAYRAB ब्रांड की वैक्सीन नकली है और रेबीज बीमारी के लिए फायदेमंद नहीं है। नंवबर 2023 से ये नकली वैक्सीन सप्लाई हो रही है।

ATAGI के मुताबिक नकली वैक्सीन में सही मात्रा में एक्टिव इंग्रीडिएंट नहीं हैं। ABHAYRAB का इस्तेमाल ऑस्ट्रेलिया में नहीं होता है, इसलिए यह एडवाइजरी मुख्य रूप से उन यात्रियों के लिए है जिन्होंने नवंबर 2023 के बाद भारत में वैक्सीन लगवाई थी।

ऑस्ट्रेलियाई अधिकारियों ने ऐसे लोगों को सलाह दी है कि वे उन डोज को संभावित रूप से अमान्य मानें और उन्हें Rabipur या Verorab जैसी रजिस्टर्ड वैक्सीन से बदलें।

इस घटनाक्रम के बाद भारत में भी स्वास्थ्य सुरक्षा और दवा नियमन को लेकर चर्चा तेज हो गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि भारत दुनिया के सबसे बड़े वैक्सीन और दवा उत्पादक देशों में से एक है, लेकिन नकली दवाओं की समस्या वैश्विक स्तर पर मौजूद है। ऐसे में रेबीज जैसी गंभीर बीमारी से जुड़ी वैक्सीन के मामले में निगरानी और गुणवत्ता नियंत्रण और अधिक सख्त किए जाने की जरूरत है। दवा नियामक संस्थाओं की जिम्मेदारी बनती है कि वे सप्लाई चेन पर कड़ी नजर रखें और संदिग्ध उत्पादों पर तुरंत कार्रवाई करें।

स्वास्थ्य जानकारों ने आम लोगों से भी अपील की है कि रेबीज वैक्सीन या किसी भी अन्य महत्वपूर्ण दवा को केवल प्रमाणित अस्पतालों, सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों और मान्यता प्राप्त फार्मेसियों से ही लें। किसी भी वैक्सीन को लगवाने से पहले उसकी पैकेजिंग, बैच नंबर और वैधता की जानकारी लेना जरूरी है। यदि किसी तरह का संदेह हो तो तुरंत डॉक्टर या संबंधित स्वास्थ्य अधिकारी से संपर्क करना चाहिए।

ऑस्ट्रेलिया की इस चेतावनी ने एक बार फिर यह स्पष्ट कर दिया है कि दवाओं और वैक्सीन की गुणवत्ता केवल एक देश का नहीं, बल्कि वैश्विक स्वास्थ्य सुरक्षा का मुद्दा है। भारत के लिए यह अवसर भी है कि वह अपनी मजबूत दवा नियामक प्रणाली और गुणवत्ता मानकों को और सुदृढ़ करे, ताकि देश और दुनिया दोनों का भरोसा बना रहे।

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