खेल हमेशा राजनीति से ऊपर होना चाहिए – कुलजीत चहल

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नई दिल्ली, 11 दिसंबर 2025 । कुलजीत सिंह चहल ने हरियाणा के झज्जर जिले में छारा गांव स्थित “वीरेंद्र अखाड़ा” पहुंचकर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खेलों की तैयारी कर रहे युवा पहलवानों के साथ बातचीत की।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खेलों को बढ़ावा देने, खिलाड़‍ियों को सशक्त बनाने और भारत को खेलों में वैश्विक स्तर पर आगे ले जाने के विज़न के तहत NDMC के उपाध्यक्ष कुलजीत सिंह चहल ने हरियाणा के छारा गाँव झज्जर स्थित “वीरेंद्र अखाड़ा” पहुँचे। यह देश का एक प्रमुख कुश्ती प्रशिक्षण केंद्र है, जहाँ युवा पहलवान राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं की तैयारी करते हैं।

इस अवसर पर मुख्य कोच आर्य वीरेंद्र दलाल के साथ दुश्यंत लकड़ा भी बड़ी संख्या में प्रशिक्षण ले रहे पहलवानों के साथ मौजूद रहे। चहल ने कोच आर्य वीरेंद्र दलाल के प्रशिक्षण वातावरण और खिलाड़ियों के उत्साह की तारीफ की।

खिलाड़ियों से बातचीत के दौरान, चहल ने कहा कि राहुल गांधी अखाड़े में अपनी राजनीतिक महत्वाकांक्षा को पूरा करने के लिए राजनीतिक अखाड़ा बनाने के लिए आए थे और हम लोग अखाड़ों को सुविधा देने, खेल के बात करने और अखाड़ों से ओलंपिक और कॉमनवेल्थ जैसे खेलों से खिलाड़ी निकले उनकी बात करने आते हैं । उन्होंने कहा हमारे प्रधानमंत्री खिलाड़ियों के विकास की बात करते हैं नरेंद्र मोदी खिलाड़ियों के साथ खुद बैठकर उनसे वार्तालाप करते हैं। चहल ने कहा कि खेल हमेशा राजनीति से ऊपर होना चाहिए और अखाड़ों में चर्चा सिर्फ खिलाड़ियों, उनके प्रशिक्षण और प्रदर्शन पर होनी चाहिए। उन्होंने प्रधानमंत्री योजनाओं और फिट इंडिया मूवमेंट से जुड़ी बातों पर भी पहलवानों और कोचों से बातचीत की। परंपरागत कुश्ती के दांव-पेंच भी देखे और खिलाड़ियों की मेहनत की सराहना की।

चहल ने बताया कि हरियाणा खिलाड़ियों को लेकर प्रथम स्थान पर है और यहां के छारा गाँव की देशभर में खास पहचान है। यहाँ से अब तक कई राष्ट्रीय स्तर के पहलवान निकले हैं। उन्होंने कहा कि वीरेंद्र अखाड़ा, जहाँ मिट्टी में पसीना बहाकर चैंपियन तैयार होते हैं, अनुशासन और परंपरा की मिसाल है।

युवा पहलवानों को बात करते हुए श्री चहल ने उन्हें अनुशासन, फोकस और मेहनत बनाए रखने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि कॉमनवेल्थ और ओलंपिक गेम्स भारत के लिए बहुत महत्वपूर्ण हैं और देश को इन खिलाड़ियों से पदक और गौरव की उम्मीद है।

चहल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत खेल जगत में एक नए दौर में प्रवेश कर रहा है। अत्याधुनिक प्रशिक्षण सुविधाएँ, आधुनिक खेल अवसंरचना, खिलाड़ियों का कल्याण और वैश्विक प्रतिस्पर्धा पर फोकस—ये सभी कदम युवाओं को नई दिशा दे रहे हैं। उन्होंने खिलाड़ियों से कहा कि वे इसी विज़न के साथ आगे बढ़ें और भारत का नाम रोशन करें।

अंत में चहल ने सभी पहलवानों को शुभकामनाएँ देते हुए कहा, “राज्य सरकार हो या केंद्र सरकार—जहाँ भी आपको मदद की ज़रूरत होगी, हम पूरी कोशिश करेंगे।”
उन्होंने यह भी कहा कि “बच्चों की आँखों में ओलंपिक गोल्ड का सपना देखकर बहुत खुशी हुई। उनका नारा ‘Goal is Gold’ सुनकर विश्वास बढ़ता है कि यह सपना ज़रूर पूरा होगा।”

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