दिल्ली-NCR में पटाखा बैन, राज्य बोले-बच्चों को दिवाली मनाने दें

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नई दिल्ली, 10 अक्टूबर 2025 । दिल्ली-NCR में इस वर्ष भी पटाखों (firecrackers) पर बैन लागू है, जिसे लेकर एक ओर जहां वायु प्रदूषण नियंत्रण की जरूरत की बहस हो रही है, वहीं दूसरी ओर कई राज्य सरकारें इस प्रतिबंध को कम कड़ा करने की मांग कर रही हैं। उनका तर्क है कि दिवाली पर बच्चों और परिवारों की खुशियों को पूर्ण रूप से कुचला न जाना चाहिए। हाल ही में इस विवाद को लेकर कई घोषणाएँ और सुप्रीम कोर्ट में दलीलें सामने आई हैं।

सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को दिल्ली-एनसीआर में ग्रीन पटाखों को बनाने और बेचने की परमिशन देने वाली याचिकाओं पर अपना फैसला सुरक्षित रखा है। सुनवाई के दौरान दिल्ली-एनसीआर के राज्यों ने कोर्ट से गुजारिश किया कि ग्रीन पटाखों को फोड़ने की परमिशन दी जाए।

दिल्ली-एनसीआर के राज्यों की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने चीफ जस्टिस बीआर गवई की बेंच से कहा- बच्चों को कम से कम 2 दिन दिवाली का जश्न मनाने दिया जाए। रात 8 बजे से 10 बजे तक हरे पटाखे फोड़ने की परमिशन दी जाए।

इससे पहले 26 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट ने सर्टिफाइड ग्रीन पटाखे बनाने की मंजूरी दी थी। लेकिन बिना कोर्ट की इजाजत NCR में बिक्री न करने की शर्त रखी थी। दिल्ली-एनसीआर में दिल्ली और उत्तर प्रदेश, राजस्थान और हरियाणा के 16 जिले आते हैं।

दरअसल, सुप्रीम कोर्ट ने 2020 में पहली बार दिल्ली में पटाखे फोड़ने पर बैन लगाया था। 2024 में दिवाली पर बैन का उल्लघंन होने के बाद कोर्ट ने दिल्ली में सभी तरह के पटाखों के निर्माण, भंडारण, बिक्री और फोड़ने पर रोक लगा दी। 19 दिसंबर 2024 को दिल्ली सरकार ने 2025 के पूरे साल पटाखों पर बैन का नोटिफिकेशन जारी किया।

दिल्ली-NCR राज्यों की ओर से सुप्रीम कोर्ट को 8 सुझाव…

  1. दिवाली पर हरे पटाखे: रात 8 बजे से 10 बजे तक ग्रीन पटाखे फोड़ने की अनुमति दी जाए।
  2. सिर्फ हरे पटाखे: नेशनल एनवायरमेंट इंजीनियरिंग रिसर्च इंस्टीट्यूट (NEERI) की ओर से प्रमाणित ग्रीन पटाखों का ही निर्माण और बिक्री हो।
  3. ज्वाइंट पटाखों पर रोक: ज्वाइंट पटाखे या लड़ी पटाखों का निर्माण, बिक्री और उपयोग न हो।
  4. लाइसेंस व्यापारी: पटाखों की बिक्री केवल लाइसेंस प्राप्त व्यापारियों के माध्यम से हो और वे केवल हरे पटाखे बेचें।
  5. ऑनलाइन बिक्री पर रोक: फ्लिपकार्ट, अमेजन जैसे ई-कॉमर्स वेबसाइट्स पर पटाखों के ऑनलाइन ऑर्डर और बिक्री पर रोक लगे।
  6. क्रिसमस और नए साल पर परमिशन: क्रिसमस और नए साल पर रात 11:55 बजे से 12:30 बजे तक ग्रीन पटाखे फोड़ने की परमिशन दी जाए।
  7. गुरपुरब पर समय: गुरपुरब पर सुबह 4 बजे से 5 बजे और रात 9 बजे से 10 बजे तक हरे पटाखे फोड़ने की अनुमति हो।
  8. शादी और अन्य अवसर: शादी और अन्य अवसरों पर हरे पटाखों की बिक्री व उपयोग की परमिशन दी जाए।

दिल्ली-NCR में प्रदूषण पहले से ही एक गंभीर समस्या है। पटाखों से निकलने वाले वायु प्रदूषण (PM2.5, सल्फर-डाइऑक्साइड, धूल आदि) से श्वसन संबंधी बीमारियाँ, अस्थमा, एलर्जी जैसी समस्याएँ बढ़ जाती हैं। दूसरी तरफ, “ग्रीन पटाखे” अपेक्षाकृत कम प्रदूषणकारी माने जाते हैं, लेकिन एक अध्ययन कहता है कि वे पूरी तरह “गाँठ मुक्त” नहीं हैं।

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