विठ्ठलभाई पटेल ने ईमानदारी और निर्भीकता के साथ संसदीय परंपराओं की नींव रखी – मोहन सिंह बिष्ट

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  •  विट्ठलभाई पटेल और भगत सिंह की जयंती पर आयोजित किया गया पुष्पांजलि समारोह
  •  विठ्ठलभाई पटेल की विरासत और शहीद भगत सिंह के बलिदान को किया गया नमन

नई दिल्ली । 26 सितम्बर 2025 । दिल्ली विधानसभा ने केंद्रीय विधान सभा के पहले निर्वाचित भारतीय अध्यक्ष विठ्ठलभाई झावेरभाई पटेल की 152वीं जयंती, और शहीद भगत सिंह की 118वीं जयंती के अवसर पर एक पुष्पांजलि समारोह आयोजित किया। इस अवसर पर विधान सभा उपाध्यक्ष मोहन सिंह बिष्ट उपस्थित थे, जिन्होंने इन महान स्वतंत्रता सेनानियों को श्रद्धांजलि अर्पित की। समारोह में दिल्ली विधानसभा सचिवालय के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।

विधानसभा उपाध्यक्ष मोहन सिंह बिष्ट ने कहा, “ विठ्ठलभाई पटेल ने ईमानदारी और निर्भीकता के साथ संसदीय परंपराओं की नींव रखी, वहीं शहीद भगत सिंह ने देश की स्वतंत्रता के लिए अपना सर्वस्व न्यौछावर कर दिया। उनके जीवन से हमें लोकतंत्र की रक्षा करने और जनता की सेवा में समर्पित रहने की प्रेरणा मिलती है।”

श्री विठ्ठलभाई झवेरभाई पटेल, जो इसी विधानसभा के पहले अध्यक्ष रहे, ने अपने ऐतिहासिक निर्णयों और निर्भीक नेतृत्व से ब्रिटिश शासकों को भी चौंका दिया था। उनके द्वारा स्थापित संसदीय परंपराएँ आज भी भारत की विधानसभाओं और संसद में आदर्श रूप में अपनाई जाती हैं। महात्मा गांधी के आह्वान पर उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम में सक्रिय भागीदारी निभाई और देशभक्ति की एक ऊँची मिसाल कायम की थी।

शहीद भगत सिंह, युवा क्रांतिकारी, साहस, त्याग और स्वतंत्रता के अदम्य संकल्प के प्रतीक थे। यही दिल्ली विधानसभा वह स्थान है जहाँ 1929 में भगत सिंह और बटुकेश्वर दत्त ने दमनकारी पब्लिक सेफ्टी बिल के विरोध में बम फेंककर इस भवन को स्वतंत्रता संग्राम की अमर धरोहर बना दिया। उनका एक न्यायपूर्ण और समानतामूलक भारत का सपना आज भी नई पीढ़ियों को प्रेरित करता है और राष्ट्रप्रेम की ज्योति प्रज्वलित करता है।

इस अवसर पर साकेत स्थित रेड रोज़ेस पब्लिक स्कूल के विद्यार्थियों ने दिल्ली विधानसभा परिसर में आयोजित पीएम मोदी की प्रदर्शनी “सेवा ही संकल्प, राष्ट्र प्रथम ही प्रेरणा – 75 वर्ष, एक अनुभव और एक प्रदर्शनी” का अवलोकन किया। विद्यार्थियों ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के बचपन और प्रारंभिक जीवन पर आधारित लघु फिल्म “चलो जीते हैं” भी देखी। इस यात्रा ने विद्यार्थियों को विकसित भारत के विज़न से अवगत कराया और उन्हें ऐतिहासिक विधानसभा भवन का भ्रमण करने का अवसर भी प्रदान किया।

आज का यह समारोह न केवल भारत के स्वतंत्रता संग्राम के दो महानायक श्री विठ्ठलभाई पटेल और शहीद भगत सिंह को श्रद्धांजलि अर्पित करने का अवसर रहा, बल्कि यह साहस, त्याग और लोकतांत्रिक मूल्यों की पुनः स्मृति भी बना। दिल्ली विधानसभा ने उनके आदर्शों और विरासत को संरक्षित करने तथा राष्ट्र-सेवा में आगे बढ़ाने का संकल्प दोहराया।

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