• उन्होंने पीएम पोषण योजना में उत्कृष्ट योगदान देने वालों को किया सम्मानित
नई दिल्ली । 9 सितम्बर 2025 । दिल्ली के शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने शक्तिनगर स्कूल में आयोजित प्रधानमंत्री पोषण (मिड-डे मील) योजना के सफल कार्यान्वयन में उनके अनुकरणीय योगदान के लिए एजेंसियों, जिलों, अधिकारियों और कर्मचारियों को सम्मानित किया। साथ ही प्रथम कुकिंग प्रतियोगिता में भाग लेने वाले प्रतियोगियों को पुरस्कृत किया। इस कार्यक्रम में शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, भारत सरकार के प्रतिनिधि, स्कूल के प्राचार्य, एनजीओ, छात्र-छात्राएँ और विभिन्न हितधारक शामिल हुए।
इस प्रतियोगिता में प्रथम पुरस्कार अक्षय पात्र फाउंडेशन, द्वितीय पुरस्कार- एकता शक्ति फाउंडेशन, तृतीय पुरस्कार स्त्री शक्ति को दिया गया। l इसी प्रकार केंद्र शासित प्रदेश दिल्ली में सर्वश्रेष्ठ कार्यान्वयन एजेंसी, नई दिल्ली नगर पालिका परिषद (एनडीएमसी) को भी पुरस्कार दिया गया। एमआईएस, पीएम-पोषण पोर्टल पर अद्यतनीकरण में शीर्ष तीन प्रदर्शन करने वाले जिले को प्रथम: मध्य और नई दिल्ली, द्वितीय: पूर्व, तृतीय: दक्षिण पश्चिम बी-II को भी पुरस्कार दिया गया। इसी प्रकार एएमएस, पीएम-पोषण पोर्टल पर अद्यतनीकरण में शीर्ष तीन प्रदर्शन करने वाले जिले, प्रथम: दक्षिण पश्चिम बी-II, द्वितीय: उत्तर-पश्चिम बी-II, तृतीय: पूर्व को भी सम्मानित किया गया।

शिक्षा मंत्री ने सभी पुरस्कार विजेताओं को बधाई दी और दिल्ली में इस योजना को सुदृढ़ बनाने के उनके अथक प्रयासों की सराहना की। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि पीएम पोषण पहल न केवल कक्षा में भूख की समस्या को दूर करती है बल्कि सीखने के परिणामों में सुधार लाती है और सामाजिक समानता को बढ़ावा देती है।
इस अवसर पर सूद ने कहा कि हम दिल्ली में पहली बार यह पाक कला प्रतियोगिता आयोजित कर रहे हैं। इसमें हमने दो प्रकार के भोजन रखे हैं, एक दलिया और दूसरा मिलेट्स आधारित व्यंजन। यह देखा गया है कि दलिया एक स्वास्थ्यवर्धक भोजन होने के बावजूद, बच्चों को ज़्यादा पसंद नहीं आता। इसलिए हम मिलेट्स आधारित भोजन में कुछ और प्रयोग करना चाहते हैं ताकि बच्चों को स्वादिष्ट मिलेट्स आधारित भोजन में अधिक पोषण मिल सके। कार्यक्रम में विशेष रूप से दलिया को स्वादिष्ट और पौष्टिक बनाने की विभिन्न विधियों को प्रस्तुत किया गया।

सूद ने कहा कि प्रधानमंत्री पोषण योजना केवल बच्चों को भोजन कराने की योजना नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य बच्चों में पौष्टिक भोजन की आदत डालना, स्वस्थ जीवनशैली को प्रोत्साहित करना और समाज में समरसता का वातावरण बनाना है।
शिक्षा मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री ने व्यक्तिगत स्वास्थ्य को राष्ट्रीय प्राथमिकता के रूप में स्थापित किया है। लाल किले की प्राचीर से मोटापे और असंतुलित खानपान जैसे विषयों पर बात करना इस बात का प्रमाण है कि बच्चों की सेहत अब परिवार तक सीमित नहीं बल्कि पूरे राष्ट्र का विषय है।
शिक्षा मंत्री ने कहा की केंद्र प्रायोजित प्रधानमंत्री पोषण योजना बिना किसी भेदभाव के सभी पात्र बच्चों को प्रतिदिन एक गर्म पका हुआ भोजन सुनिश्चित करती है। यह योजना दिल्ली में 2,793 स्कूलों के 16.6 लाख छात्रों को लाभान्वित करती हैl इस योजना को चार एजेंसियों एमसीडी, डीसीबी, शिक्षा विभाग और एनडीएमसी के माध्यम से द्वारा चलाया जा रहा है। भोजन 55 केंद्रीकृत रसोई के माध्यम से तैयार किया जाता है। 2024-25 से भारत सरकार के स्वस्थ और टिकाऊ खाद्यान्नों को बढ़ावा देने के के उद्देश्य से मिलेट्स को मेनू में शामिल किया गया है।
मंत्री ने कहा कि इस प्रकार की प्रतियोगिताएँ बच्चों और अभिभावकों को यह संदेश देंगी कि प्रोटीन और मिनरल्स प्राकृतिक भोजन से ही प्राप्त किए जा सकते हैं, न कि कृत्रिम सप्लीमेंट्स से। उन्होंने यह भी कहा कि एनजीओ और स्कूलों के सहयोग से ऐसी प्रतियोगिताएँ अलग-अलग स्थानों पर आयोजित की जानी चाहिए, ताकि नए मेन्यू और पौष्टिक विकल्प तैयार किए जा सकें।

सूद ने प्रधानमंत्री द्वारा मिलेट्स को बढ़ावा देने के प्रयासों का उल्लेख करते हुए कहा कि इस प्रकार की पहल से बच्चों के भोजन में विविधता और पोषण दोनों बढ़ेंगे। सूद ने विश्वास जताया कि इस प्रकार के प्रयास बच्चों में पौष्टिक भोजन के महत्व के प्रति जागरूकता बढ़ाएँगे और प्रधानमंत्री के देशव्यापी मिशन व्यक्तिगत स्वास्थ्य को राष्ट्रीय प्राथमिकता बनाने के संकल्प को और मजबूत करेंगे।
