नई दिल्ली । 30 जुलाई 25 । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत @2047 और स्वच्छ भारत मिशन के विज़न तथा मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के दिशा-निर्देशों के अनुरूप, नई दिल्ली नगरपालिका परिषद (एनडीएमसी) ने अपने क्षेत्र में एक विशेष स्वच्छता अभियान “दिल्ली को कूड़े से आज़ादी” की शुरुआत की है।
इस अभियान की औपचारिक शुरुआत आज एनडीएमसी के अध्यक्ष केशव चंद्रा की अध्यक्षता और उपाध्यक्ष कुलजीत सिंह चहल की उपस्थिति में हुई एक उच्चस्तरीय बैठक में की गई।

1 अगस्त से 31 अगस्त 2025 तक चलने वाले इस महीने भर के अभियान की विस्तृत जानकारी स्वास्थ्य विभाग की चिकित्सा अधिकारी श्रीमती शकुंतला श्रीवास्तव द्वारा दी गई। उन्होंने अभियान की गतिविधियों का पूरा कैलेंडर और इसमें शामिल विभागों की जिम्मेदारियाँ भी साझा कीं।
बैठक में उपाध्यक्ष चहल ने मुख्यमंत्री के दिशा-निर्देशों को एनडीएमसी क्षेत्र में लागू करने को लेकर कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए। उन्होंने कहा कि यह अभियान बापू के स्वच्छ भारत के सपने को साकार करने की दिशा में एक मजबूत कदम है। इसका उद्देश्य है – स्वच्छ, हरित और स्वस्थ दिल्ली बनाना। इसके लिए नागरिकों, सरकारी विभागों और संस्थाओं को एकजुट कर सफाई और जागरूकता का एक समर्पित अभियान चलाया जाएगा।
उन्होंने यह भी बताया कि स्वच्छ भारत मिशन की शुरुआत स्वयं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंदिर मार्ग से की थी, जिससे यह संदेश गया कि स्वच्छता की शुरुआत हमें अपने आस-पास के क्षेत्र से ही करनी चाहिए।
अभियान की प्रमुख बातें:
* “सफाई अपने घर से शुरू करें” – सभी सरकारी दफ्तरों, आवासों और परिसरों में सफाई पर विशेष ध्यान।
* हर विभाग की भागीदारी – शिक्षा, स्वास्थ्य, आंगनवाड़ी जैसे बड़े विभाग सक्रिय भूमिका निभाएंगे।
* सामुदायिक भागीदारी – आरडब्ल्यूए, एनजीओ, सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर, सेलिब्रिटी, जनप्रतिनिधियों की सहभागिता।
* झुग्गी और अनधिकृत कॉलोनियों में सफाई पर फोकस।
* बुनियादी ढांचे का सुधार – सामुदायिक शौचालय, कचरा प्रबंधन, नालियों की सफाई, एसटीपी/डब्ल्यूटीपी की क्षमता बढ़ाना।
* स्वच्छता एक निरंतर प्रक्रिया है – यह एक बार का नहीं, सतत अभियान होगा।
जनभागीदारी और डिजिटल संकल्प:
चहल ने जानकारी दी कि नागरिकों को स्वच्छता की शपथ दिलाने के लिए एक डिजिटल पोर्टल शुरू किया गया है – https://www.swachhata.delhi.gov.in। उन्होंने बताया कि अधिक से अधिक लोगों को इस अभियान से जोड़ने और उन्हें प्रेरित करने के लिए विभिन्न रचनात्मक गतिविधियाँ भी आयोजित की जाएंगी, जिनमें प्रमुख रूप से सेल्फी पॉइंट, नुक्कड़ नाटक, स्वच्छता आधारित चित्रकला, निबंध लेखन, क्विज़ प्रतियोगिता आदि शामिल हैं। इन गतिविधियों का उद्देश्य लोगों में स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ाना और उन्हें इस जन आंदोलन का सक्रिय हिस्सा बनाना है। उन्होने कहा कि इस अभियान में सर्वश्रेष्ठ आरडब्ल्यूए को भी पुरस्कार दिया जाएगा ताकि स्थानीय स्तर पर भागीदारी को प्रोत्साहित किया जा सके।

सरकारी कार्यालयों में स्वच्छता के मुख्य कार्य:
* पुराने रिकार्ड को छांटना और नियमों के अनुसार हटाना।
* टूटी-फूटी फर्नीचर, पुराने वाहन जैसे अनुपयोगी सामान की नीलामी।
* सिंगल यूज़ प्लास्टिक से बचाव – बोतलबंद पानी की जगह कांच की बोतलें।
* ई-ऑफिस का उपयोग बढ़ाना – कागज़ और स्याही की बचत।
* 1 अगस्त को सभी कार्यालयों में 2 घंटे का श्रमदान।
* हर शनिवार (2, 9, 16, 23, 30 अगस्त) को झुग्गी/अनधिकृत कॉलोनियों में सफाई अभियान।
शामिल विभाग एवं एजेंसियां:
उन्होने बताया कि शिक्षा, उच्च शिक्षा, स्वास्थ्य, डीयूएसआईबी, डीजेबी, पीडब्ल्यूडी, सीपीडब्ल्यूडी, एनएचएआई, डीडीए, उद्योग, वन एवं पर्यावरण आदि प्रमुख विभाग शामिल होंगे। एनडीएमसी, एमसीडी और डीसीबी जैसे निकायों में निगरानी के लिए विशेष सेल बनाए जाएंगे। डीएमआरसी, रेलवे, सीपीडब्ल्यूडी, एनबीसीसी, एनएचएआई जैसी केंद्रीय एजेंसियों से भी समन्वय किया जाएगा। सभी ज़िलाधिकारियों को ज़मीनी स्तर पर निगरानी और समन्वय की जिम्मेदारी दी जाएगी।

चहल ने कहा कि इस अभियान में सरकारी कर्मचारियों और आम जनता – दोनों की भागीदारी अनिवार्य है। कोई भी इससे बाहर नहीं रहेगा। उन्होंने यह भी बताया कि हाल ही में एनडीएमसी को स्वच्छता सर्वेक्षण में सराहना मिलने पर माननीय मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता ने बधाई दी है। अब हमारा लक्ष्य आगामी सर्वेक्षण में देश में नंबर 1 बनना है।
आज हुई बैठक में एनडीएमसी के वरिष्ठ अधिकारीगण Shop सदस्य सरिता तोमर और डी.पी. सिंह भी उपस्थित रहे ।
