हज यात्रा-मक्का मस्जिद पर काबिज हुए थे 300 हथियारबंद लड़ाके

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नई दिल्ली। 06 जून 2025। सऊदी अरब में हज यात्रा का आज तीसरा दिन है। यह 4 से 9 जून तक चलेगी। अब तक 15 लाख से ज्यादा हज यात्री मक्का पहुंच चुके हैं। पिछले हादसों से सबक लेते हुए मक्का में इस बार सुरक्षा के हाइटेक इंतजाम किए हैं।

47 साल पहले मक्का में घटी एक घटना की वजह से सऊदी सरकार मक्का की सुरक्षा को लेकर खास फिक्रमंद रहती है। तब लगभग 300 हमलावरों ने मक्का पर कब्जा कर लिया था। उन्होंने हजारों तीर्थयात्रियों को बंधक बना लिया था।

जगह- मक्का, सऊदी अरब

इस्लामिक कैलेंडर के 1400 साल पूरे हो रहे थे और नई इस्लामी सदी की शुरुआत हो रही थी। इस खास दिन पर दुनियाभर से लाखों मुसलमान हज करने मक्का पहुंचे थे। सुबह 5:15 बजे करीब 1 लाख लोगों ने मुसलमानों की सबसे पवित्र ग्रैंड मस्जिद में फज्र की नमाज पूरी की।

इसके कुछ ही मिनट बाद एक कट्टरपंथी नेता और उसके 300 हथियारबंद समर्थकों ने मस्जिद पर कब्जा कर लिया। उन्होंने हजारों तीर्थयात्रियों को बंधक बना लिया। वे सऊदी शासक को सत्ता से हटाने की मांग कर रहे थे।

शुरू के कुछ घंटे तक सऊदी सरकार को समझ ही नहीं आया कि क्या किया जाए। आखिरकार उन्होंने आतंकियों के खिलाफ एक्शन लेने का फैसला किया। दुनिया की सबसे बड़ी मस्जिद में दो हफ्ते तक भयंकर लड़ाई चली। सैकड़ों लोग मारे गए। आखिरकार सऊदी सेना ने मस्जिद पर फिर से कंट्रोल हासिल कर लिया।

ग्रैंड मस्जिद में घुसने वाले ये कट्टरपंथी कौन थे, उन्होंने सऊदी में तख्तापलट की कोशिश क्यों की, सरकार ने इसे कैसे नाकाम किया और इस एक घटना का सऊदी समेत पूरी दुनिया पर कितना बड़ा असर पड़ा?

जब जुहैमन अल-उतैबी ने माइक्रोफोन पर यह ऐलान किया तो वहां मौजूद हजारों लोग हैरान रह गए। जुहैमन सऊदी सेना का एक पूर्व सैनिक था, जो अब एक कट्टरपंथी बन चुका था। उसका मानना था कि सऊदी सरकार इस्लाम से भटक चुकी है और उसे हटाना जरूरी है।

उसने ग्रैंड मस्जिद पर कब्जे के बाद अपने बहनोई मुहम्मद अब्दुल्ला अल-खतानी को ‘महदी’ घोषित कर दिया। इस्लाम में महदी उस शख्स को कहा जाता है जो कयामत के दिन आता है और लोगों का उद्धार करता है।

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