पूर्व मंत्री और RJD के वरिष्ठ नेता के निधन से राजनीतिक जगत में शोक, कई नेताओं ने दी श्रद्धांजलि

Date:

बिहार , 12 मई 2026 । RJD के वरिष्ठ नेता पूर्व राज्य मंत्री बागी कुमार वर्मा का सोमवार की रात दिल्ली स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में इलाज के दौरान निधन हो गया।के पूर्व राज्य मंत्री बागी कुमार वर्मा का सोमवार की रात दिल्ली स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में इलाज के दौरान निधन हो गया। लंबे समय तक सक्रिय राजनीति में रहने वाले इस दिग्गज नेता ने राज्य की राजनीति और सामाजिक मुद्दों पर महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। उनके निधन के बाद विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं, कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने गहरा दुख व्यक्त किया है।

बागी कुमार वर्मा ने वर्ष 1995 से 2005 तक मखदुमपुर विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया। इस दौरान उन्होंने तत्कालीन राष्ट्रीय जनता दल (राजद) सरकार में खाद एवं आपूर्ति विभाग के राज्य मंत्री के रूप में भी जिम्मेदारी संभाली थी। वर्ष 2020 के बिहार विधानसभा चुनाव में उन्होंने राजद के टिकट पर अरवल जिले के कुर्था विधानसभा क्षेत्र से जीत दर्ज की थी।

बताया जा रहा है कि पूर्व मंत्री पिछले कुछ समय से स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से जूझ रहे थे। निधन की खबर सामने आते ही पार्टी कार्यालयों और समर्थकों के बीच शोक का माहौल बन गया। उनके आवास पर नेताओं और कार्यकर्ताओं का पहुंचना लगातार जारी है। अंतिम दर्शन के लिए बड़ी संख्या में लोग एकत्र हो रहे हैं।

राजनीतिक जीवन में उन्होंने संगठन को मजबूत करने और सामाजिक न्याय की राजनीति को आगे बढ़ाने में अहम योगदान दिया। कई दशकों तक सक्रिय राजनीति में रहने के कारण उनका व्यापक जनाधार था। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने उन्हें जमीन से जुड़ा नेता बताते हुए कहा कि उनका निधन राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र के लिए बड़ी क्षति है।

विभिन्न दलों के नेताओं ने सोशल मीडिया और सार्वजनिक मंचों के जरिए श्रद्धांजलि अर्पित की। कई नेताओं ने कहा कि दिवंगत नेता का अनुभव, संघर्ष और जनसेवा हमेशा याद रखी जाएगी। राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर भी उन्हें सम्मान देने की बातें सामने आईं।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस दिग्गज नेता के निधन से क्षेत्रीय राजनीति में एक खालीपन पैदा होगा। खासकर सामाजिक न्याय और ग्रामीण राजनीति से जुड़े मुद्दों पर उनकी मजबूत पकड़ मानी जाती थी। अब पार्टी के सामने संगठनात्मक स्तर पर नई चुनौतियां भी खड़ी हो सकती हैं।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Share post:

Subscribe

Popular

More like this
Related