कानपुर , 25 अप्रैल 2026 । साइबर क्राइम थाना, कानपुर नगर ने डिजिटल अरेस्ट के जरिए साइबर ठगी करने वाले गिरोह के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 5 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। जहां “डिजिटल अरेस्ट” के नाम पर लोगों को ठगने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया गया है। पुलिस ने इस मामले में 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जो खुद को अधिकारी बताकर लोगों को डराते और लाखों रुपये ऐंठ लेते थे।
पुलिस आयुक्त रघुबीर लाल ने पत्रकारों को बताया कि भैरव प्रसाद पाण्डेय निवासी रामबाग ने साइबर क्राइम पोटर्ल पर शिकायत दर्ज कराई थी कि 10 से 18 अप्रैल के बीच अज्ञात व्यक्तियों ने उन्हें और उनकी पत्नी मीना पाण्डेय को डिजिटल अरेस्ट का भय दिखाकर 57 लाख रुपए की ठगी की।
जांच के अनुसार, गिरोह ने एक दंपत्ति को निशाना बनाते हुए उन्हें पुलवामा हमला से जोड़ने का झूठा आरोप लगाया। आरोपियों ने फोन और वीडियो कॉल के जरिए खुद को जांच एजेंसी का अधिकारी बताकर “डिजिटल अरेस्ट” की धमकी दी और कहा कि मामला गंभीर है, इसलिए तुरंत पैसे ट्रांसफर करने होंगे वरना कानूनी कार्रवाई होगी।
इतना ही नहीं, आरोपी पुलिस या एजेंसी की वर्दी पहनकर वीडियो कॉल करते थे, जिससे पीड़ितों को शक न हो। डर और भ्रम में आकर दंपत्ति ने लाखों रुपये ट्रांसफर कर दिए। बाद में ठगी का एहसास होने पर उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस की साइबर सेल ने तकनीकी जांच और ट्रांजैक्शन ट्रेल के आधार पर गिरोह का पता लगाया और सभी आरोपियों को दबोच लिया। शुरुआती पूछताछ में यह भी सामने आया है कि यह गिरोह पहले भी कई लोगों को इसी तरीके से ठग चुका है।
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान कॉल या वीडियो कॉल पर खुद को अधिकारी बताने वाले लोगों से सावधान रहें। कोई भी सरकारी एजेंसी इस तरह पैसे की मांग नहीं करती। ऐसे मामलों में तुरंत नजदीकी पुलिस स्टेशन या साइबर हेल्पलाइन पर संपर्क करना चाहिए।
