चंडीगढ़, 25 अप्रैल 2026 । पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय ने एक महत्वपूर्ण मामले में पंजाब सरकार को कड़ा निर्देश जारी करते हुए 15 दिनों के भीतर आवश्यक कार्रवाई करने का अल्टीमेटम दिया है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि निर्धारित समयसीमा में आदेशों का पालन नहीं हुआ तो सरकार को जवाबदेह ठहराया जाएगा। इस मामले में आगे की सुनवाई 18 मई को होगी।
न्यायालय ने मानसिक बीमारी से ग्रस्त व्यक्तियों के पुनर्वास संबंधी बुनियादी ढांचे के प्रावधानों के अनुपालन की भी जांच की। जांच में सामने आया कि चंडीगढ़ में सैक्टर-31 में एक सामूहिक गृह है और हरियाणा ने रोहतक जिले में अस्थाई व्यवस्था की है, लेकिन पंजाब से कोई स्पष्ट संकेत नहीं मिला है। खंडपीठ ने दोनों राज्यों के मुख्य सचिवों को ऐसे सुविधाओं की स्थिति का विस्तृत विवरण देते हुए हलफनामे दाखिल करने का निर्देश दिया। अदालत ने पी.जी.आई. चंडीगढ़ को निर्देश दिया कि वह पंजाब के प्रत्येक जिले में आवश्यकता-आधारित सर्वेक्षण आयोजित करने की समय-सीमा के बारे में सूचित करे और ऐसे सर्वेक्षण की वर्तमान स्थिति को दर्शाते हुए एक अतिरिक्त हलफनामा दाखिल करे।
कोर्ट ने यह भी निर्देश दिया कि संबंधित विभाग तय समय के भीतर विस्तृत रिपोर्ट पेश करे, जिसमें अब तक की गई कार्रवाई और आगे की योजना का पूरा ब्योरा हो। अदालत ने यह संकेत भी दिया कि यदि आदेशों की अवहेलना हुई तो सख्त कदम उठाए जा सकते हैं।
इस फैसले के बाद प्रशासनिक हलकों में हलचल तेज हो गई है और संबंधित विभागों ने तेजी से तैयारी शुरू कर दी है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि सरकार तय समयसीमा के भीतर कोर्ट के आदेशों का पालन कर पाती है या नहीं।
