देहरादून , 20 मार्च 2026 । मांडूवाला के जंगल में महिला का शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई थी, लेकिन अब पुलिस ने इस मामले का खुलासा कर दिया है। शुरुआती जांच में यह मामला रहस्यमय लग रहा था, लेकिन गहन जांच और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने घटना की परतें खोल दी हैं।
वह लगातार रंजीत पर दूसरी पत्नी को छोड़ने का दबाव बना रही थी। पांच मार्च को रंजीत अपनी दूसरी पत्नी सुशीला से फोन पर बात कर रहा था। रूपा ने उसका फोन छीन लिया। इस बात पर दोनों के बीच झगड़ा हो गया। रंजीत ने गुस्से में आकर रूपा का गला दबाकर हत्या कर दी। हत्या के करीब तीन दिन बाद आठ मार्च को उसने शव को बोरे में भरकर मांडूवाला के जंगल में फेंक दिया। इसके लिए उसने अपने ठेकेदार की बाइक ली थी। इसमें बांधकर उसने शव को जंगल तक पहुंचाया।
होली के बाद रंजीत के अकेले काम पर जाने से पुलिस को हुआ शक: घटना के बाद पुलिस ने महिला के कपड़े और हुलिये से यह अंदाजा लगा लिया था कि वह किसी मलिन बस्ती की रहने वाली है। इसके बाद पुलिस ने क्षेत्र की सभी मलिन बस्तियों में रहने वाले लोगों से जानकारी जुटाई। साथ ही 30 से अधिक मलिन बस्तियों में रहने वाले करीब पांच हजार लोगों का सत्यापन किया।
पुलिस के अनुसार, महिला की पहचान होने के बाद जांच को तेजी दी गई। कॉल डिटेल्स, लोकेशन ट्रैकिंग और आसपास के लोगों से पूछताछ के जरिए संदिग्धों की पहचान की गई। इसके बाद मुख्य आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई, जिसमें कई अहम खुलासे हुए।
जांच में सामने आया कि यह मामला आपसी विवाद और निजी संबंधों से जुड़ा हुआ था। आरोपी ने पहले महिला को बहाने से जंगल क्षेत्र में बुलाया और फिर हत्या की वारदात को अंजाम दिया। वारदात के बाद सबूत मिटाने की भी कोशिश की गई, लेकिन पुलिस की सतर्कता और तकनीकी जांच के चलते आरोपी बच नहीं सका।
इस केस में पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। अधिकारियों का कहना है कि इस तरह के मामलों में तकनीकी जांच और टीमवर्क की वजह से ही जल्द सच्चाई सामने आ पाती है।
घटना के खुलासे के बाद स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली है, हालांकि इस घटना ने सुरक्षा को लेकर कई सवाल भी खड़े कर दिए हैं। पुलिस ने लोगों से सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत देने की अपील की है।
