नई दिल्ली , 19 मार्च 2026 । सरकार ने जानकारी दी है कि देश में अब घरेलू गैस सिलेंडर की बुकिंग में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। Ministry of Petroleum and Natural Gas के अनुसार, LPG सिलेंडर की करीब 94% बुकिंग अब ऑनलाइन माध्यम से हो रही है, जो डिजिटल इंडिया की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है।
केंद्र सरकार के विभिन्न मंत्रालयों ने गुरुवार को जॉइंट प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इसमें पश्चिम एशिया में तनाव के कारण तेल और गैस संकट पर मौजूदा हालात की जानकारी दी। विदेश मंत्रालय (MEA) में जॉइंट सेक्रेटरी (गल्फ) असीम महाजन ने कहा कि यह सिर्फ भारत ही नहीं, बल्कि पूरे वैश्विक समुदाय के लिए परीक्षा की घड़ी है।
पेट्रोलियम मंत्रालय में जॉइंट सेक्रेटरी (मार्केटिंग एवं ऑयल रिफाइनरी) सुजाता शर्मा ने बताया कि युद्ध के कारण LPG की स्थिति चिंता का विषय बनी हुई है। हालांकि, देश में किसी भी LPG डिस्ट्रीब्यूटर के पास सिलेंडर की कमी नहीं है।
पेट्रोलियम मंत्रालय के अनुसार, देश में ऑनलाइन बुकिंग बढ़कर 94% पहुंच गई है। करीब 83% रीफिल डिलीवरी ‘डिलीवरी ऑथेंटिकेट’ कोड के जरिए हो रही है। पैनिक बुकिंग में कमी आ रही है।
सुजाता शर्मा ने बताया कि भारत में करीब 70% कच्चा तेल अब होर्मुज स्ट्रेट के बाहर के क्षेत्रों से आ रहा है। फिलहाल अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों के कारण दबाव जरूर है, लेकिन अभी तक कीमतों में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई है।
ऑनलाइन बुकिंग के बढ़ते चलन से उपभोक्ताओं को लंबी कतारों और एजेंसी पर निर्भरता से राहत मिली है। अब लोग मोबाइल ऐप, वेबसाइट और SMS के जरिए आसानी से घर बैठे गैस सिलेंडर बुक कर पा रहे हैं। इससे पारदर्शिता भी बढ़ी है और बुकिंग व डिलीवरी की ट्रैकिंग पहले से आसान हो गई है।
सरकार का कहना है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए बुकिंग बढ़ने से फर्जी एंट्री, डुप्लीकेट कनेक्शन और गड़बड़ियों पर काफी हद तक रोक लगी है। हाल ही में KYC और डेटा वेरिफिकेशन के जरिए कई अनियमितताओं का भी खुलासा हुआ था, जिसके बाद सिस्टम को और मजबूत किया गया।
विशेषज्ञों के अनुसार, ऑनलाइन बुकिंग में बढ़ोतरी से न केवल उपभोक्ताओं को सुविधा मिली है, बल्कि सरकारी सब्सिडी और वितरण प्रणाली भी अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनी है।
कुल मिलाकर, LPG सेवाओं का तेजी से डिजिटलीकरण देश में बेहतर सेवा और सुशासन की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
