तेल अवीव/तेहरान, 15 मार्च 2026 । मध्य-पूर्व में जारी तनाव और युद्ध जैसे हालात के बीच भारत के लिए राहत की खबर सामने आई है। एक भारतीय जहाज एलपीजी (लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस) की खेप लेकर सुरक्षित बंदरगाह पर पहुंच गया। यह जहाज ऐसे समय में पहुंचा है जब क्षेत्र में संघर्ष के कारण समुद्री व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति को लेकर चिंता बढ़ गई थी।
अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच जारी जंग के बीच LPG कैरियर जहाज शिवालिक कतर से गैस लेकर भारत पहुंच गया है। यह जहाज सोमवार शाम 5 बजे गुजरात के मुंद्रा पोर्ट पर पहुंचा।
शिवालिक जहाज पर करीब 46 हजार मीट्रिक टन LPG लदी है, जो लगभग 32.4 लाख घरेलू गैस सिलेंडरों के बराबर बताई जा रही है।
यह जहाज 14 मार्च को होर्मुज स्ट्रेट पार कर भारत की ओर रवाना हुआ था। मिडिल-ईस्ट में जारी संघर्ष के बीच यह भारत पहुंचने वाला पहला LPG जहाज है।
शिपिंग मंत्रालय के मुताबिक नंदा देवी नाम का जहाज भी करीब 46 हजार टन LPG लेकर भारत आ रहा है और उसके कल पहुंचने की संभावना है। वहीं जग लाडकी जहाज करीब 81 हजार टन मुरबान कच्चा तेल लेकर भारत की ओर आ रहा है और इसके भी कल मुंद्रा बंदरगाह पहुंचने की उम्मीद है।
जानकारी के अनुसार जहाज ने संघर्ष प्रभावित समुद्री मार्गों से गुजरते हुए अपनी यात्रा पूरी की। सुरक्षा कारणों से जहाज की निगरानी और मार्ग को लेकर विशेष सावधानी बरती गई थी। इस सफल डिलीवरी से भारत की ऊर्जा आपूर्ति को लेकर बनी अनिश्चितता कुछ हद तक कम हुई है।
विशेषज्ञों का कहना है कि मौजूदा हालात में ऊर्जा आपूर्ति बनाए रखना बेहद महत्वपूर्ण है। एलपीजी भारत में घरेलू रसोई गैस के रूप में बड़े पैमाने पर इस्तेमाल होती है, इसलिए इसकी निरंतर आपूर्ति देश की ऊर्जा सुरक्षा के लिए जरूरी मानी जाती है।
सरकारी और शिपिंग एजेंसियों ने भी कहा है कि वैश्विक तनाव के बावजूद आवश्यक ऊर्जा संसाधनों की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए वैकल्पिक मार्गों और सुरक्षा उपायों पर लगातार काम किया जा रहा है।
