लखनऊ, 15 मार्च 2026 । उत्तर प्रदेश में बिजली उपभोक्ताओं को प्रीपेड मीटर को लेकर बड़ी राहत मिली है। नए नियमों के तहत अब बैलेंस खत्म होने की स्थिति में भी तुरंत बिजली कनेक्शन नहीं काटा जाएगा। इससे लाखों उपभोक्ताओं को बड़ी सहूलियत मिलने की उम्मीद है।
उत्तर प्रदेश के बिजली उपभोक्ताओं की टेंशन लगातार बढ़ी हुई है। दरअसल, प्रदेश में सरकार ने प्रीपेड स्मार्ट लगाने की प्रक्रिया को पूरा कराया गया है। इसके जरिए बिजली विभाग बकाए के टेंशन को खत्म करने की तैयारी में है। प्रीपेड स्मार्ट का लाभ यह होगा कि कंज्यूमर जितने पैसे का रिचार्ज कराएंगे, उस हिसाब से उतनी यूनिट बिजली की आपूर्ति की जाएगी। इसके बाद कनेक्शन खुद ही डिस्कनेक्ट हो जाएगा। दोबारा रिचार्ज कराने पर ही बिजली की सप्लाई शुरू होगी। हालांकि, प्रीपेड मीटर ने बिजली उपभोक्ताओं की टेंशन बढ़ा दी है। पहले महीना खत्म होने पर बिजली बिल का भुगतान करना होता था, अब बिजली के लिए पहले पैसे जमा करने होंगे। ऐसे में उपभोक्ताओं के सामने समस्या है कि पिछले बकाए को चुकाएं या इस माह की बिजली के लिए मीटर रिचार्ज कराएं। इसको लेकर बिजली विभाग ने उपभोक्ताओं को बड़ी राहत दे दी है।
ऊर्जा विभाग के अनुसार प्रीपेड मीटर में बैलेंस समाप्त होने पर उपभोक्ताओं को तुरंत अंधेरे में नहीं रहना पड़ेगा। उन्हें रिचार्ज कराने के लिए एक निश्चित समय या ग्रेस पीरियड दिया जाएगा, जिसके दौरान वे अपना मीटर रिचार्ज कर सकेंगे।
सरकार का कहना है कि इस व्यवस्था का उद्देश्य उपभोक्ताओं को बेहतर सुविधा देना और अचानक बिजली कटौती से होने वाली परेशानी को कम करना है। खासकर ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए यह फैसला काफी राहत भरा माना जा रहा है।
इसके अलावा बिजली विभाग उपभोक्ताओं को मोबाइल ऐप, ऑनलाइन पोर्टल और अधिकृत केंद्रों के माध्यम से आसानी से रिचार्ज की सुविधा भी उपलब्ध करा रहा है। इससे बिजली बिल भुगतान और मीटर प्रबंधन की प्रक्रिया अधिक सरल और पारदर्शी बनने की उम्मीद है।
ऊर्जा विभाग के अधिकारियों के मुताबिक यह नई व्यवस्था उपभोक्ताओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए लागू की गई है, ताकि उन्हें बिजली सेवा का निरंतर लाभ मिल सके और किसी तकनीकी या भुगतान देरी की वजह से तुरंत कनेक्शन न कटे।
