नई दिल्ली, 12 मार्च 2026 । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत@2047 के विजन के तहत सभी नागरिकों को सुरक्षित और पर्याप्त पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से नई दिल्ली नगरपालिका परिषद (NDMC) ने आगामी गर्मी के मौसम को देखते हुए समर एक्शन प्लान–2026 तैयार किया है – यह जानकारी NDMC के उपाध्यक्ष कुलजीत सिंह चहल ने दी।
चहल ने बताया कि इस योजना के तहत NDMC क्षेत्र के जल संकट वाले क्षेत्रों की पहचान की गई है और जरूरत पड़ने पर वहां वाटर टैंकरों के माध्यम से पानी उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा गर्मियों के दौरान आपात स्थिति से निपटने के लिए 12 नए माउंटेड वाटर टैंकर खरीदे जा रहे हैं।
उन्होंने बताया कि वर्तमान में NDMC क्षेत्र में पेयजल की आपूर्ति मुख्य रूप से दिल्ली जल बोर्ड (DJB) से होती है, जो चंद्रावल, वजीराबाद, हैदरपुर और सोनिया विहार जल शोधन संयंत्रों से विभिन्न प्वाइंट्स के माध्यम से मिलती है। NDMC क्षेत्र में कुल लगभग 127 MLD पानी उपलब्ध है, जिसमें लगभग 125 MLD DJB से और करीब 2.08 MLD ट्यूबवेल से प्राप्त होता है।
उन्होंने कहा कि जल वितरण को सुचारु बनाए रखने के लिए NDMC के पास 24 अंडरग्राउंड रेजरवॉयर (UGR) और बूस्टिंग स्टेशन हैं, जिनके माध्यम से पूरे NDMC क्षेत्र में पानी की आपूर्ति की जाती है। सामान्यतः सुबह और शाम के समय पानी की सप्लाई दी जाती है।
चहल ने बताया कि जल प्रबंधन को और मजबूत बनाने के लिए आरके आश्रम में NDMC का नया जल नियंत्रण कक्ष (Water Control Room) बनाया जा रहा है,
NDMC का नया जल नियंत्रण कक्ष (Water Control Room) बनाया जा रहा है, जिसकी भंडारण क्षमता 10 लाख लीटर होगी। यह परियोजना अगले 7–9 महीनों में पूरी होने की उम्मीद है। इसके बनने से आपात स्थिति में जल आपूर्ति प्रबंधन और बेहतर होगा।
उन्होंने बताया कि वर्तमान में NDMC क्षेत्र में 37 Water ATM कार्यरत हैं, जिनमें से 17 भुगतान आधारित हैं और बाकी मुफ्त पानी उपलब्ध कराते हैं। स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता बढ़ाने के लिए NDMC Water ATM योजना का विस्तार कर रहा है। इसके तहत JJ क्लस्टर क्षेत्रों में लगभग 50 नए Water ATM मुफ्त आधार पर लगाए जाएंगे।
चहल ने यह भी सुझाव दिया कि सभी NDMC और Navyug स्कूलों के बाहर भी Water ATM लगाए जाएं, ताकि अभिभावकों, छात्रों और आगंतुकों को मुफ्त और सुरक्षित पेयजल आसानी से उपलब्ध हो सके।
उन्होंने बताया कि NDMC ने आपातकालीन जल आपूर्ति व्यवस्था को भी मजबूत किया है। इसके तहत 5 पानी की ट्रॉलियों में लगभग 5000 लीटर क्षमता के पंप लगाए गए हैं, जो जरूरत पड़ने पर प्रभावित क्षेत्रों में तुरंत पानी पहुंचाने में मदद करेंगे।
NDMC ने ऐसे कई स्थानों की पहचान भी की है जहां अक्सर पानी की कमी की शिकायत आती है। गर्मियों के दौरान इन क्षेत्रों में समय पर पानी उपलब्ध कराने के लिए विशेष व्यवस्था की जा रही है।
एक अन्य महत्वपूर्ण कदम के तहत सरोजिनी नगर स्थित GPRA कॉलोनी में बोरवेल लगाने की अनुमति दी गई है। कुल 4 बोरवेल की मंजूरी दी गई है, जिनमें से 2 बोरवेल तैयार हो चुके हैं, जिससे क्षेत्र में पानी की उपलब्धता और बेहतर होगी।
NDMC विनय मार्ग क्षेत्र में 24×7 जल आपूर्ति का पायलट प्रोजेक्ट भी लागू कर रहा है, जिसका उद्देश्य लगातार पानी की सप्लाई देना और पानी की बर्बादी को कम करना है। यह परियोजना जल्द पूरी होने की उम्मीद है।
भूजल पर निर्भरता कम करने के लिए NDMC ट्रीटेड पानी के उपयोग को बढ़ावा दे रहा है। वर्तमान में NDMC क्षेत्र में 10 विकेंद्रीकृत Sewage Treatment Plants
NDMC का नया जल नियंत्रण कक्ष (Water Control Room) बनाया जा रहा है, जिसकी भंडारण क्षमता 10 लाख लीटर होगी। यह परियोजना अगले 7–9 महीनों में पूरी होने की उम्मीद है। इसके बनने से आपात स्थिति में जल आपूर्ति प्रबंधन और बेहतर होगा।
उन्होंने बताया कि वर्तमान में NDMC क्षेत्र में 37 Water ATM कार्यरत हैं, जिनमें से 17 भुगतान आधारित हैं और बाकी मुफ्त पानी उपलब्ध कराते हैं। स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता बढ़ाने के लिए NDMC Water ATM योजना का विस्तार कर रहा है। इसके तहत JJ क्लस्टर क्षेत्रों में लगभग 50 नए Water ATM मुफ्त आधार पर लगाए जाएंगे।
चहल ने यह भी सुझाव दिया कि सभी NDMC और Navyug स्कूलों के बाहर भी Water ATM लगाए जाएं, ताकि अभिभावकों, छात्रों और आगंतुकों को मुफ्त और सुरक्षित पेयजल आसानी से उपलब्ध हो सके।
उन्होंने बताया कि NDMC ने आपातकालीन जल आपूर्ति व्यवस्था को भी मजबूत किया है। इसके तहत 5 पानी की ट्रॉलियों में लगभग 5000 लीटर क्षमता के पंप लगाए गए हैं, जो जरूरत पड़ने पर प्रभावित क्षेत्रों में तुरंत पानी पहुंचाने में मदद करेंगे।
NDMC ने ऐसे कई स्थानों की पहचान भी की है जहां अक्सर पानी की कमी की शिकायत आती है। गर्मियों के दौरान इन क्षेत्रों में समय पर पानी उपलब्ध कराने के लिए विशेष व्यवस्था की जा रही है।
एक अन्य महत्वपूर्ण कदम के तहत सरोजिनी नगर स्थित GPRA कॉलोनी में बोरवेल लगाने की अनुमति दी गई है। कुल 4 बोरवेल की मंजूरी दी गई है, जिनमें से 2 बोरवेल तैयार हो चुके हैं, जिससे क्षेत्र में पानी की उपलब्धता और बेहतर होगी।
NDMC विनय मार्ग क्षेत्र में 24×7 जल आपूर्ति का पायलट प्रोजेक्ट भी लागू कर रहा है, जिसका उद्देश्य लगातार पानी की सप्लाई देना और पानी की बर्बादी को कम करना है। यह परियोजना जल्द पूरी होने की उम्मीद है।
भूजल पर निर्भरता कम करने के लिए NDMC ट्रीटेड पानी के उपयोग को बढ़ावा दे रहा है। वर्तमान में NDMC क्षेत्र में 10 विकेंद्रीकृत Sewage Treatment Plants
