महर्षि वाल्मीकि का जीवन-दर्शन सामाजिक समरसता व करुणा का प्रतीक : रेखा गुप्ता

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  •  महर्षि वाल्मीकि जयंती के अवसर पर ‘वाल्मीकि दलित महापंचायत’ में शामिल हुईं सीएम
  •  नागरिाकों को शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार व सम्मान दिलाना हमारा लक्ष्य

नई दिल्ली, 7 अक्टूबर 2025 । दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा है कि महर्षि वाल्मीकि जी ने अपनी अमर कृति रामायण के माध्यम से संदेश दिया है कि समाज की सच्ची शक्ति करुणा, समानता और श्रम की गरिमा में निहित है। महर्षि वाल्मीकि का जीवन इस बात का प्रतीक है कि मानवता का सर्वोच्च रूप सेवा और समरसता में निहित होता है। मुख्यमंत्री ने यह विचार आज वाल्मीकि दलित महापंचायत में व्यक्त किए। महर्षि वाल्मीकि जयंती के पावन अवसर पर त्रिलोकपुरी क्षेत्र में इसका आयोजन किया गया था। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि महर्षि वाल्मीकि जी समाज के लिए प्रेरणा स्रोत हैं। यदि महर्षि वाल्मीकि जी न होते तो हम प्रभु श्रीराम के व्यक्तित्व व कृतित्व को गहराई से नहीं जान पाते।

इस विशेष कार्यक्रम में समाज के विभिन्न वर्गों से आए नागरिकों, समाजसेवियों, और जनप्रतिनिधियों ने महर्षि वाल्मीकि के जीवन, दर्शन और शिक्षाओं पर अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम में विधायक रविकांत भी मौजूद थे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने भगवान वाल्मीकि और प्रभु श्रीराम के जीवन प्रसंगों का उल्लेख करते हुए कहा कि रामायण हमें समानता, करुणा और समरसता का संदेश देती है। उन्होंने कहा कि प्रभु श्रीराम ने समाज के हर वर्ग को साथ लेकर चलने का संदेश दिया, चाहे वह केवट हों, निषादराज हों, शबरी हों या वानर सेना। यह सोच इस बात का प्रतीक है कि धर्म और विकास का मार्ग तभी सफल होता है जब समाज का हर वर्ग समान अवसर के साथ आगे बढ़े। महर्षि वाल्मीक ने रामायण जैसी अमर कृति रचकर प्रभु श्रीराम के जीवन के प्रत्येक आदर्श को समाज के सामने रखा।

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि महर्षि वाल्मीकि जी की जीवनगाथा हमें यह सिखाती है कि आत्मज्ञान और साधना से कोई भी व्यक्ति अपने जीवन का रूपांतरण कर सकता है। उनका जीवन केवल तपस्या का नहीं, बल्कि समाज में ज्ञान, न्याय और समरसता के प्रसार का प्रतीक है। उन्होंने अपनी दिव्य कृति रामायण के माध्यम से न केवल धर्म, नीति और आदर्श जीवन का मार्ग प्रशस्त किया, बल्कि यह भी बताया कि सच्चा धर्म करुणा, सत्य और सेवा में निहित है। मुख्यमंत्री ने कहा कि महर्षि वाल्मीकि जी का चरित्र यह प्रेरणा देता है कि जीवन में कितनी भी विपरीत परिस्थितियां क्यों न हों, यदि हमारे भीतर आत्मबोध की ज्योति प्रज्वलित हो जाए, तो हम संसार के लिए आलोक स्तंभ बन सकते हैं। महर्षि ज्ञान, भक्ति और श्रम की गरिमा के महान उपासक थे। मुख्यमंत्री के अनुसार आज के युग में जब समाज विविध चुनौतियों से जूझ रहा है, महर्षि वाल्मीकि जी का संदेश पहले से कहीं अधिक प्रासंगिक है कि समरसता ही समाज की सच्ची शक्ति है।

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने यह भी कहा कि जनता के आशीर्वाद और सहयोग का परिणाम है कि आज दिल्ली में सभी लोगों को साथ लेकर चलने वाली सरकार कार्यरत है। उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार राजधानी को विकसित करने के लिए हर आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराएगी। मुख्यमंत्री के अनुसार समाज एक गाड़ी की तरह है, जब उसके सभी पहियों में समान संतुलन रहेगा, तभी वह गति पकड़ेगी। इसलिए सरकार का उद्देश्य है कि दिल्ली में हर नागरिक को शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और सम्मान के समान अवसर मिलें। उन्होंने कहा कि जब पूरी दिल्ली समानता और सम्मान के भाव से आगे बढ़ेगी, तभी विकसित भारत और विकसित दिल्ली का सपना साकार होगा। उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार भी इन्हीं मूल्यों के अनुरूप समरस समाज के निर्माण के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा लक्ष्य है कि दिल्ली का हर नागरिक विकास, सम्मान और अवसरों का समान अधिकार प्राप्त करे।

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