भारत ने कैसे कराया मैनचेस्टर टेस्ट ड्रॉ

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नई दिल्ली । भारत ने दूसरी पारी में फाइट दिखाने के बाद मैनचेस्टर टेस्ट ड्रॉ करा लिया। शुभमन गिल, रवींद्र जडेजा, वॉशिंगटन सुंदर और केएल राहुल ने मिलकर 142 ओवर बैटिंग की और टीम की हार को ड्रॉ में बदला। राहुल 90 रन बनाकर आउट हुए, बाकी तीनों बैटर्स ने शतक लगाए।

एंडरसन-तेंदुलकर ट्रॉफी का चौथा टेस्ट ड्रॉ होने से टीम इंडिया सीरीज में अब भी बरकरार है। टीम अब पांचवां टेस्ट जीतकर सीरीज 2-2 से ड्रॉ करा सकती है। हालांकि, भारत हार गया तो इंग्लैंड 3-1 से सीरीज जीत लेगी। आखिरी मैच ड्रॉ होने पर भी सीरीज 2-1 से इंग्लैंड के नाम ही होगी।

इंग्लैंड ने पहली पारी डिक्लेयर नहीं की मैनचेस्टर टेस्ट की पहली पारी में भारत ने 358 रन बनाए। बैटिंग के लिए मददगार पिच और कंडीशन पर इंग्लैंड ने 157.1 ओवर बैटिंग की और 669 रन बना दिए। टीम ने चौथे दिन के पहले सेशन तक बैटिंग की। इससे भारत के पास टेस्ट मैच ड्रॉ कराने का मौका बन गया।

इंग्लैंड अगर 550 रन बनाने के बाद पारी डिक्लेयर कर देता तो टीम इंडिया कन्फ्यूजन की स्थिति में जल्दी रन बनाने की कोशिश करती। जिससे मुकाबले का नतीजा किसी टीम के पक्ष में निकल जाता। हालांकि, इंग्लैंड की लंबी बैटिंग ने भारत के पास ड्रॉ के लिए खेलने के अलावा दूसरा ऑप्शन ही नहीं छोड़ा।

ड्रॉ ऑफर और विवाद

दूसरे सत्र के दौरान इंग्लैंड कप्तान बेन स्टोक्स ने ड्रॉ की पेशकश हाथ मिलाकर की, लेकिन भारत के गेंदबाजों ने ऐसा नहीं किया क्योंकि जडेजा और सुंदर शतक के करीब थे। इस निर्णय ने क्रिकेट जगत में चर्चा छेड़ दी — कई पूर्व खिलाड़ियों ने भारतीय खिलाड़ियों की हिम्मत की सराहना की, जबकि कुछ ने इंग्लैंड की प्रतिक्रिया असभ्य बताया।

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