विकसित स्वास्थ्य सिस्टम से दिल्ली वालों का होगा आसानी से इलाज – रेखा गुप्ता

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•दिल्ली में अब स्वास्थ्य सेवाएं होंगी डिजिटल, सस्ती और सुलभ

नई दिल्ली । 24 जुलाई 2025 । दिल्ली की सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली को आधुनिक और मजबूत बनाने की दिशा में ऐतिहासिक कदम उठाते हुए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने तीन महत्वपूर्ण स्वास्थ्य परियोजनाओं का डिजिटल शुभारंभ किया। इनमें अस्पताल सूचना प्रबंधन प्रणाली (एचआईएमएस), 34 नए आयुष्मान आरोग्य मंदिर और आठ नए जन औषधि केंद्र (जेएके) शामिल हैं। इस अवसर पर सीएम रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली के अस्पतालों का डिजिटलीकरण होना उसकी प्रगति का सूचक है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का धन्यवाद दिया और कहा कि केंद्र के मिले बजट से हम दिल्ली का हेल्थ इन्फ्रास्ट्रक्चर विकसित कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि देश की राजधानी के लोगों को अब इतना विकसित स्वास्थ्य सिस्टम मिलेगा कि उन्हें अपना इलाज करवाने में कोई तकलीफ नहीं होगी।
दिल्ली सचिवालय में आयोजित इस कार्यक्रम में सरकार के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह, समाज कल्याण मंत्री रविन्द्र इन्द्राज सिंह, कई विधायक, मुख्य सचिव धमेंद्र व स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने दोहराया कि उनकी सरकार एक सशक्त, समावेशी और तकनीक-सक्षम स्वास्थ्य प्रणाली के निर्माण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है, जिससे दिल्ली के प्रत्येक नागरिक को सम्मानजनक और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा प्राप्त हो सके। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार दिल्ली के स्वास्थ्य इंफ्रास्ट्रक्चर को लगातार मजबूत करने में लगी है। एक महीना पहले 33 आयुष्मान केंद्रों का उद्घाटन हुआ। आज फिर हम 34 नए आयुष्मान आरोग्य मंदिरों का उद्घाटन कर रहे हैं। इसके बाद विधायक अपने-अपने क्षेत्रों में इन्हें जनता को समर्पित करने का कार्यक्रम करेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली का हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर धीरे-धीरे डिजिटल युग में प्रवेश कर रहा है। हमारी सरकार ने 93 लाख आभा आईडी यानी आयुष्मान भारत हेल्थ अकाउंट आईडीज़ क्रिएट किए हैं। अब दिल्ली के हर निवासी का डिजिटल हेल्थ कार्ड सरकार के पास होगा। ताकि उसी के आधार पर कहीं भी और किसी भी अस्पताल में वह अपना इलाज करवा सकता है। यह दिल्ली सरकार की बड़ी उपलब्धि है।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने यह भी जानकारी दी कि इसी तरह से अस्पताल सूचना प्रबंधन प्रणाली (एचआईएमएस) भी शुरू कर दी गई है। अब अगर किसी व्यक्ति को ओपीड़ी, टेस्टिंग के लिए टाइम लेना है, अस्पताल से जुड़े लैब, रेडियोलोजी, मेडिकल रिकॉर्ड, बिलिंग, एंबुलेंस, एडमिनिस्ट्रेशन, हर तरह की प्रक्रिया की जानकारी लेनी है तो इस डिजिटल प्लेटफार्म पर जाकर अस्पताल से संपर्क कर सकते हैं। अब मरीज या उसका रिश्तेदार घर बैठे अपने लिए डॉक्टर से टाइम तय करवा लेगा। उसे कहीं धक्के खाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। हमारी सरकार दिल्ली की जनता का हेल्थ रिकॉर्ड बना रही है। लोग अपना कार्ड प्रस्तुत करेंगे, उसकी जांच के बाद इलाज शुरू हो जाएगा। इस तरह से राजधानी के अस्पतालों का डिजिटलीकरण होना दिल्ली की प्रगति का सूचक है।

 

मुख्यमंत्री ने यह भी जानकारी दी कि अब दवाइयों की खरीद में भ्रष्टाचार रोक दिया गया है। अब डिजिटल प्लेटफार्म से दवाओं की खरीद की जा रही है। महंगी दवाइयों की खरीद हमने पहले भी जन औषधि केंद्र खोल कर बंद कर दी है। स्वास्थ्य सिस्टम को और मजबूत बनाने के लिए अस्पतालों के लिए स्थायी भर्ती शुरू कर दी गई है। हमने 1350 से अधिक नर्सिंग स्टाफ को परमानेंट करने के पत्र जारी किए। यह पद पिछले 10 सालों से भरे नहीं गए थे। मुख्यमंत्री ने आरोग्य मंदिर के बारे में भी जानकारी दी और बताया कि वहां अनेक प्रकार के लैब टेस्ट किए जा रहे हैं। ये आरोग्य मंदिर प्राइमरी हेल्थ इंस्टीट्यूशन है। हमारी सरकार हर विधानसभा में 15 आरोग्य मंदिर खोलने जा रही है। यही आरोग्य मंदिर ही हमारी विधानसभा की जनता की लाइफ लाइन बनने वाले हैं। इनके जरिए हमारी सरकार इलाज की तीन श्रेणी बनाएगी, जिनमें प्राथमिक चिकित्सा, सामान्य चिकित्सा व सुपर स्पेशियलिटी चिकित्सा सुविधा शामिल है। आज शुरू किए गए सिस्टम इसी दिशा की ओर ले जाने का गंभीर प्रयास है। मुख्यमंत्री ने दिल्ली को मेडिकल हब बनाने के प्रयासों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का धन्यवाद किया और कहा कि उनके सहयोग से राजधानी लगातार विकसित दिल्ली की ओर बढ़ रही है। उन्होंने हेल्थ सेक्टर के विकास के लिए 1700 करोड़ रुपये का बजट दिया है। हम उनका अभिनंदन करते हैं। मुख्यमंत्री के अनुसार दिल्ली आगे बढ़ेगी तो देश की गति भी बढ़ेगी और लोगों का जीवन स्तर भी ऊंचा उठेगा
इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह ने कहा कि आज का दिन दिल्ली की स्वास्थ्य सेवाओं के इतिहास में एक मील का पत्थर है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के सक्षम नेतृत्व में राजधानी को तीन बड़ी स्वास्थ्य पहलों की सौगात मिली है, जिनका उद्देश्य एक ही है—‘स्वस्थ दिल्ली, समृद्ध दिल्ली।’ हमारी सरकार का प्रयास है कि हर नागरिक तक सस्ती, सुलभ और विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सेवाएं बिना किसी भेदभाव के पहुंचे। डॉ. सिंह ने कहा कि सरकार का लक्ष्य राजधानी में कुल 1139 आयुष्मान आरोग्य मंदिर की स्थापना करना है, ताकि हर मोहल्ले और कॉलोनी तक प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंच सकें।
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह ने कहा कि “कहते हैं कि अगर संकल्प सच्चा हो तो परिणाम जरूर मिलता है। मैं दिल्ली की महान जनता को नमन करता हूं, जिन्होंने एक ऐसी सरकार को चुना है जिसका नेतृत्व हमारी मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता कर रही हैं—जो हर दिन सड़कों पर उतरकर विकास कार्यों की निगरानी कर रही हैं। हम सभी कैबिनेट के सदस्य भी जमीनी स्तर पर जाकर यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि लोगों को बुनियादी सुविधाएं समय पर और प्रभावी रूप से मिलें। यह विज्ञापन की नहीं, काम करने वाली सरकार है। स्वास्थ्य मंत्री ने भरोसा जताया कि यह सिर्फ शुरुआत है और आने वाले समय में दिल्ली की स्वास्थ्य प्रणाली पूरे देश के लिए एक उदाहरण बनेगी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में हम दिल्ली की समृद्ध विरासत को फिर से स्थापित करने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।

34 नए आयुष्मान आरोग्य मंदिरों का उद्घाटन
आज राजधानी के विभिन्न इलाकों — जैसे बुराड़ी, बैंक एन्क्लेव, बुध नगर, रोहिणी सेक्टर 4 और साकेत आदि में 34 नए आयुष्मान आरोग्य मंदिरों का उद्घाटन किया गया। प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत स्वास्थ्य अवसंरचना मिशन (पीएम-एबीएचआईएम) के अंतर्गत स्थापित इन सुविधाओं की कुल संख्या अब बढ़कर 67 हो गई है। मुख्यमंत्री ने पिछले माह 33 आरोग्य मंदिरों का उद्घाटन किया था। ये आरोग्य मंदिर दिल्ली सरकार की सामुदायिक स्तर पर सुलभ देखभाल की परिकल्पना को अंजाम देते हैं। ये आरोग्य मंदिर टीकाकरण, गर्भवती महिलाओं के लिए प्रसवपूर्व और प्रसवोत्तर देखभाल, मानसिक स्वास्थ्य सेवा, टीबी- कुष्ठ रोग उन्मूलन और गैर-संचारी रोगों की जांच व प्रबंधन जैसी 12 मुख्य सेवाएं प्रदान करते हैं। साथ ही इन आरोग्य मंदिरों में इन-हाउस लैब जांच, योग सत्र और टेली-मेडिसिन सेवाएं भी उपलब्ध हैं।
एचआईएमएस:: डिजिटल स्वास्थ्य की दिशा में बड़ा कदम
सरकारी अस्पतालों को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लाने की दिशा में एक परिवर्तनकारी पहल के रूप में मुख्यमंत्री ने अस्पताल सूचना प्रबंधन प्रणाली (एचआईएमएस) का शुभारंभ किया, जिसे केंद्र सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के ई-हेल्थ डिवीजन के सहयोग से विकसित किया गया है। वर्षों से दिल्ली के सरकारी अस्पतालों में मरीजों की जानकारी का मैनुअल डेटा एंट्री किया जाता रहा, जबकि देश के अन्य हिस्से डिजिटल स्वास्थ्य प्रणाली से जुड़ चुके थे। अब इस प्रणाली के माध्यम से 20 डिजिटल मॉड्यूल लागू किए जाएंगे, जिनमें ओपीडी/आईपीडी पंजीकरण, लैब एवं रेडियोलॉजी प्रणाली, डाइटरी सेवाएं, अस्पताल प्रशासन और इलेक्ट्रॉनिक मेडिकल रिकॉर्ड जैसे क्षेत्र शामिल हैं। ओपीडी मॉड्यूल का प्रशिक्षण पहले ही पूरे दिल्ली के सरकारी अस्पतालों में पूरा किया जा चुका है और कार्यान्वयन शुरू हो गया है।
डिजिटल हेल्थ रिकॉर्ड (ईएचआर): इस सुविधा के लिए, अब तक लगभग 93 लाख आभा (आयुष्मान भारत स्वास्थ्य खाता) आईडी बनाए जा चुके हैं, जो मरीजों के स्वास्थ्य इतिहास को सुरक्षित रखने और विभिन्न अस्पतालों के बीच रेफरल प्रणाली को आसान बनाएंगे। सभी सरकारी अस्पतालों में ABHA पंजीकरण के लिए हेल्प डेस्क और जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं।
8 नए जन औषधि केंद्र: सस्ती दवाओं की उपलब्धता में विस्तार
राजधानी के प्रमुख अस्पतालों — जैसे चाचा नेहरू बाल चिकित्सालय, संजय गांधी मेमोरियल हॉस्पिटल, जनकपुरी सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल, डॉ. हेडगेवार आरोग्य संस्थान और दिल्ली स्टेट कैंसर इंस्टीट्यूट आदि में 8 नए जन औषधि केंद्र खोल दिए गए हैं। इसके साथ ही, दिल्ली में अब कुल 25 जन औषधि केंद्र संचालित हो चुके हैं, जिनमें से 17 पिछले माह प्रारंभ किए गए थे। प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि परियोजना (पीएमबीजेपी) के तहत चल रहे ये केंद्र आम जनता को बाजार दर से 50 से 80 प्रतिशत तक कम कीमत पर आवश्यक दवाएं उपलब्ध कराते हैं। इस योजना के अंतर्गत 2,047 जेनेरिक दवाएं और 300 सर्जिकल उत्पाद शामिल हैं।

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