- राज और उद्धव जैसे नेताओं को ये समझना होगा कि राष्ट्र में ही महराष्ट्र है
नई दिल्ली। 9 जुलाई 25 । यूनाईटेड हिन्दू फ्रंट के अंतरराष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष, वरिष्ठ भाजपा नेता एवं राष्ट्रवादी शिवसेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष व पूर्व अध्यक्ष उत्तर भारत शिवसेना जय भगवान गोयल ने महाराष्ट्र खासकर मुंबई में एक बार फिर हिन्दी भाषा के नाम पर उत्तर भारतीयों को मारना पीटना, प्रताड़ित करना, धमकाने की कड़ी निंदा की है। ऐसा ही षड़यंत्र 2006 में भी शिवसेना से अलग होकर राज ठाकरे द्वारा और बाद में शिवसेना (यूबीटी) द्वारा किया गया था।
इसी कारण विरोध स्वरूप शिवसेना से उत्तर भारत प्रमुख के नाते त्याग पत्र देकर राष्ट्रवादी शिवसेना नाम के संगठन का गठन किया गया था। शिवसेना के प्रमुख रहे बाला साहेब ठाकरे ने हमेशा हिन्दुत्व व वीर सावरकर के हिन्दी, हिन्दू हिन्दुस्तान व हिन्दू राष्ट्र के संकल्प का समर्थन किया था और बाला साहेब ठाकरे द्वारा सार्वजनिक मंचों से हमेशा जय महाराष्ट्र, जय हिन्दू राष्ट्र का उद्घोष लगाते थे। मगर आज राज ठाकरे व उद्धव ठाकरे एवं उनके समर्थक बाला साहेब ठाकरे के दिखाए हुए रास्ते से भटककर बिना किसी कारण से हिन्दी भाषी उत्तर भारतीयों को मारकर, पीटकर व धमकाकर अपनी छिन चुकी राजनैतिक जमीन को खोजने का असफल प्रयास कर रहे हैं।
जहां एक ओर देश का सारा संत समाज व सभी करोड़ों सनातनी हिन्दू भारत को हिन्दू राष्ट्र घोषित करने की विधिवत मांग कर रहे हैं वहीं ये लोग हिन्दी भाषियों पर हमले करके गौ लोकवासी माननीय बाला साहेब ठाकरे की आत्मा को भी आहत कर रहे हैं।
महाराष्ट्र में बैठे राज ठाकरे जैसे नेताओं को ये समझना होगा कि राष्ट्र में ही महराष्ट्र है। देश का कोई भी व्यक्ति संवैधानिक रूप से देश के किसी भी कोने में जाकर अपना व्यवसाय, नौकरी कर सकता है और किसी भी भाषा में बात कर सकता है। किसी को भी ये अधिकार नहीं है कि वो जबरदस्ती किसी को किसी भी भाषा को बोलने के लिए मजबूर करें।
महाराष्ट्र के कई बड़े-बड़े नायकों छत्रपति शिवाजी महाराज, अहिल्या बाई होलकर, बाल गंगाधर तिलक, वीर सावरकर, संभाजी महाराज जैसे वीर यौद्धाओं ने हमेशा राष्ट्र के लिए समय-समय पर हिन्दू समाज का मार्गदर्शन व नेतृत्व किया है।
राज ठाकरे जैसे नेता इन महान यौद्धाओं द्वारा किए गए महान कार्यों पर धूल मिट्टी डालकर न सिर्फ उनका अपमान कर रहे हैं, बल्कि भोले भाले हिन्दी भाषी उत्तर भारतीयों को मारपीटकर, धमकाकर राष्ट्रद्रोह भी कर रहे है। उन्हांने कहा कि हमारी भारत सरकार से अपील है ऐसे लोगां पर तत्काल राष्ट्रद्रोह का मुकद्मा दर्ज हो व सख्त से सख्त कार्यवाही करते हुए महाराष्ट्र में रहने वाले सभी हिन्दी भाषियों को सुरक्षा व संरक्षण देना चाहिए।
