प्रगति मैदान कॉरिडोर के अंतिम अधूरे अंडरपास का निर्माण कार्य मानसून के बाद होगा – प्रवेश साहिब सिंह

Date:

नई दिल्ली, 7 जुलाई 2025 । दिल्ली सरकार का लोक निर्माण विभाग (PWD) जल्द ही प्रगति मैदान इंटीग्रेटेड ट्रांजिट कॉरिडोर के अंतिम अधूरे अंडरपास का निर्माण कार्य शुरू करने जा रहा है। यह कार्य केंद्र सरकार से अनुमोदन मिलते ही मानसून के बाद शुरू कर दिया जाएगा। यह अंडरपास — भैरो मार्ग से रिंग रोड को जोड़ने वाला अंडरपास-5, कॉरिडोर की आखिरी कड़ी है।

इस संबंध में जानकारी देते हुए दिल्ली के पीडब्ल्यूडी मंत्री प्रवेश साहिब सिंह ने कहा कि हमने सभी तकनीकी मूल्यांकन पूरे कर लिए हैं और केंद्र को अंतिम मंजूरी के लिए प्रस्ताव भेज दिया है। जैसे ही स्वीकृति मिलती है, हम मानसून के तुरंत बाद काम शुरू कर देंगे। यह अंडरपास प्रगति मैदान क्षेत्र में ट्रैफिक की भीड़ को कम करने के लिए बेहद महत्वपूर्ण है और हम इसे जल्द से जल्द पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।”

कॉरिडोर पूरा होने की कगार पर — केवल एक अंडरपास शेष

प्रगति मैदान इंटीग्रेटेड ट्रांजिट कॉरिडोर, जिसका उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 2022 में किया गया था, का उद्देश्य रिंग रोड, मथुरा रोड और भैरो मार्ग जैसे व्यस्त मार्गों से ट्रैफिक का दबाव कम करना और प्रगति मैदान परिसर तक निर्बाध पहुंच सुनिश्चित करना था। इस कॉरिडोर में एक मुख्य सुरंग और छह अंडरपास शामिल हैं, जिनमें से पाँच पहले ही जनता के लिए खोले जा चुके हैं। केवल अंडरपास-5 का कार्य बाकी है, जिसकी कुल लंबाई 110 मीटर है, जिसमें से केवल 28 मीटर कार्य शेष है।

यह अंडरपास दो खंडों में विभाजित है:
• एक दो लेन वाला बॉक्स (निर्माण पूर्ण), जो आईटीओ/रिंग रोड से भैरो मार्ग की ओर जाने वाले वाहनों के लिए है।
• एक तीन लेन वाला बॉक्स (अब दो लेन में परिवर्तित), जो भैरो मार्ग से रिंग रोड की ओर जाने वाली दिशा में होगा।

तकनीकी चुनौतियाँ और नया समाधान

वर्ष 2023 में, जब अंडरपास का निर्माण एक सक्रिय रेलवे लाइन के नीचे बॉक्स-पुशिंग तकनीक से किया जा रहा था, तभी यमुना नदी के कारण आई बाढ़ के चलते कंक्रीट के बॉक्स जमीन में धंस गए। इस तकनीकी जटिलता के कारण निर्माण रोकना पड़ा।

“हमने IIT दिल्ली, IIT बॉम्बे और CBRI जैसे शीर्ष संस्थानों से सलाह ली और उनके सुझावों के आधार पर कैस्ट-इन-सिटू (Cast-in-situ) तकनीक अपनाने का निर्णय लिया है। यह तरीका रेलवे लाइन को बिना छेड़े सुरंग निर्माण की अनुमति देता है और सुरक्षा की दृष्टि से बेहतर है,” मंत्री ने बताया।

इस तकनीक के तहत:
• पहले से धंसे हुए बॉक्स को हटाया नहीं जाएगा
• चौड़ाई 11.5 मीटर से घटाकर 6.25 मीटर की जाएगी
• ऊंचाई 5.5 मीटर से घटाकर 3.9 मीटर कर दी जाएगी

इसका अर्थ है कि अंडरपास अब केवल हल्के मोटर वाहनों के लिए ही उपयोग में आएगा और यह दो लेन के रूप में संचालित होगा।

केंद्र से अंतिम स्वीकृति की प्रतीक्षा

मंत्रालय आवास एवं शहरी कार्य (MoHUA) को एक विस्तृत तकनीकी प्रस्ताव पिछले महीने भेजा गया था, जिसमें विशेषज्ञों की सिफारिशें और संशोधित डिज़ाइन शामिल थे। फिलहाल यह मामला समीक्षा के अधीन है।

“हमें उम्मीद है कि केंद्र जल्द ही अनुमोदन देगा। डिजाइन पूरी तरह से सुरक्षित है, विधि व्यावहारिक है, और ट्रैफिक की भीड़ को देखते हुए जल्द काम शुरू करना ज़रूरी है,” प्रवेश साहिब सिंह ने कहा।

मंजूरी मिलते ही कार्य मानसून के बाद शुरू होगा, जिसे 8 महीने में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।


जल्द मिलेगी ट्रैफिक जाम से राहत

इस समय अधूरे अंडरपास के कारण ट्रैफिक को बैरिकेडिंग और अस्थायी डायवर्जन के माध्यम से नियंत्रित किया जा रहा है, जिससे रिंग रोड, भैरो मार्ग और सराय काले खां क्षेत्र में लगातार जाम की स्थिति बनी रहती है। निर्माण पूरा होने के बाद, यह खंड दोनों दिशाओं में निर्बाध आवागमन सुनिश्चित करेगा।

“हमारा लक्ष्य है कि दिल्ली को विश्व स्तरीय बुनियादी ढांचा मिले, जिसमें सुरक्षा और स्थायित्व दोनों हों। जैसे ही अनुमति मिलेगी, हम काम शुरू कर देंगे,” मंत्री ने स्पष्ट किया।

विभाग सही संकेतक (signage) लगाएगा ताकि भारी वाहन इस सीमित ऊंचाई और चौड़ाई वाले अंडरपास में प्रवेश न करें।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Share post:

Subscribe

Popular

More like this
Related