मुकेश अंबानी 15 ब्रांड्स को मिलाकर नई कंपनी बनाएंगे

Date:

नई दिल्ली। 04 जुलाई 2025 । मुकेश अंबानी ने अपनी लीडरशिप वाले कॉरपोरेट ग्रुप रिलायंस इंडस्ट्रीज में रीस्ट्रक्चरिंग की एक प्रोसेस शुरू की है। इसमें कैंपा कोला जैसे 15 से ज्यादा FMCG ब्रांड्स को मिलाकर एक नई कंपनी बनाई जा रही है, जो अभी रिलायंस रिटेल वेंचर्स का हिस्सा हैं।

इसका मकसद इन प्रोडक्ट्स पर विशेष ध्यान देना और ऐसे निवेशकों को आकर्षित करना है, जो केवल FMCG सेक्टर में दिलचस्पी रखते हैं। अंबानी की यह स्ट्रैटेजी ग्रुप को तेज ग्रोथ के नए ट्रैक पर लाने में मदद करेगी।

नई कंपनी- न्यू रिलायंस कंज्यूमर प्रॉडक्ट्स लिमिटेड

कंपनी अपनी तीनों रिटेल यूनिट के सभी ब्रांड्स को मिलाकर नई कंपनी न्यू रिलायंस कंज्यूमर प्रॉडक्ट्स लिमिटेड बना सकती है। यह सीधे रिलायंस इंडस्ट्रीज के तहत काम करेगी, ठीक उसी तरह जैसे जियो करती है।

8.5 लाख करोड़ से ज्यादा वैल्युएशन पर आ सकता है IPO

रिलायंस के लेटेस्ट डेटा के हिसाब से रिलायंस रिटेल वेंचर्स की वैल्यू 8.5 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा है। अगर इसका IPO आता है, तो यह शेयर बाजार के सबसे बड़े पब्लिक इश्यू में से एक हो सकता है।​​​​

टाटा, बिड़ला, रेमंड, वेदांता और ITC की राह पर रिलायंस

रिलायंस अकेली ऐसी भारतीय कंपनी नहीं है, जो बिजनेसेज को अगल-अलग कंपनियों के तौर पर लि​स्ट करके उनकी असल वैल्यू सामने ला रही है। टाटा मोटर्स, आदित्य बिड़ला फैशन एंड रिटेल, क्वेस कॉर्प, सीमेंस, रेमंड, वेदांता और ITC ने भी ऐसा ही किया है।

मसलन, बीते महीने सीमेंस से अलग हुई सीमेंस एनर्जी इंडिया की वैल्यू 1 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा थी। लिस्टिंग के बाद, दोनों कंपनियों का कुल वैल्युएशन 2.14 लाख करोड़ तक पहुंच गया। अलग होने से पहले यह 1 लाख करोड़ ही था।

कंपनियों की अलग से लिस्टिंग की जरूरत क्यों?

रिलायंस इंडस्ट्रीज में डीमर्जर की योजना को 25 जून को नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल ने मंजूरी दे दी है। NCLT ने कहा है कि कंज्यूमर ब्रांड स्थापित करने में काफी पूंजी लगती है। यदि यह बिजनेस रिटेल यूनिट से अलग होता है तो लिस्टिंग से यह जरूरत पूरी हो सकती है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Share post:

Subscribe

Popular

More like this
Related