खड़गे बोले- कर्नाटक में CM बदलने का फैसला आलाकमान लेगा

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कर्नाटक । 01 जुलाई 25। कर्नाटक में CM बदलाव की चर्चा के बीच कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने सोमवार को कहा- यह फैसला पूरी तरह हाईकमान के हाथ में है। कोई नहीं कह सकता कि हाईकमान के दिमाग में क्या चल रहा है। फैसला लेना उनका अधिकार है, लेकिन बेवजह किसी को इस मुद्दे को लेकर कोई परेशानी नहीं खड़ी करनी चाहिए।

दरअसल, रविवार को कर्नाटक कांग्रेस के विधायक एच. ए. इकबाल हुसैन ने कहा था कि उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार को आने वाले दो-तीन महीनों में राज्य के मुख्यमंत्री बनने का मौका मिल सकता है। इसके बाद से ही कर्नाटक में CM बदलने की अटकलें शुरू हुई थी।

भाजपा ने पूछा- यदि आप आलाकमान नहीं तो कौन कर्नाटक में विपक्ष के नेता आर अशोक ने पूछा- प्रिय खरगे जी, यदि आप आलाकमान नहीं हैं, तो कौन है? राहुल गांधी? सोनिया गांधी? प्रियंका गांधी या यह एक उपनाम की अदृश्य समिति है? कांग्रेस में अध्यक्ष सिर्फ दिखावे के लिए होते हैं, जबकि निर्णय 10 जनपथ में बंद दरवाजों के पीछे लिए जाते हैं।

मार्च में कांग्रेस MLA का दावा था- शिवकुमार दिसंबर में CM बनेंगे

कांग्रेस विधायक बसवराजू वी शिवगंगा ने 2 मार्च को दावा किया था कि डिप्टी CM डीके शिवकुमार आने वाले दिसंबर महीने में मुख्यमंत्री बनेंगे। कम से कम अगले 7.5 साल तक CM बने रहेंगे।

शिवगंगा की बात का समर्थन करते हुए कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री वीरप्पा मोइली ने कहा- डीके शिवकुमार को राज्य का मुख्यमंत्री बनना चाहिए। साथ ही दावा किया कि शिवकुमार का मुख्यमंत्री बनना पहले से ही तय है। कोई उन्हें मुख्यमंत्री बनने से रोक नहीं सकता। इतिहास पहले ही लिख दिया गया है। आज या कल, यह हो जाएगा।

पूरे मामले में कर्नाटक के गृह मंत्री जी परमेश्वर ने कहा कि सिद्धरमैया को पूरे पांच साल के लिए कांग्रेस विधायक दल का नेता यानी मुख्यमंत्री चुना गया था। उन्होंने कहा- उस समय यह नहीं बताया गया था कि उनका कार्यकाल पांच साल का होगा या ढाई साल का। अगर वे पूरे पांच साल तक सीएम रहते हैं तो यह रिकॉर्ड होगा।

ढाई-ढाई साल CM की बात कहां से आई CM की घोषणा के बाद साल 2023 में डीके शिवकुमार ने एक इंटरव्यू दिया था। इसमें उनसे पूछा गया था कि क्या सरकार 5 साल चलेगी और सिद्धारमैया के साथ CM पद को लेकर विवाद तो नहीं होगा?

इस पर उन्होंने 5 साल कांग्रेस सरकार चलने की बात कही थी। हालांकि, सिद्धारमैया के 5 साल CM रहने पर कोई जवाब नहीं दिया था। इसके अलावा शिवकुमार ने CM तय करने को लेकर हुई मीटिंग की बातें साझा करने से मना कर दिया था।

उस समय कयास लगाए गए थे कि सिद्धारमैया और शिवकुमार के ढाई-ढाई साल CM रहने पर सहमति बनी है।

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