आईपी यूनिवर्सिटी में भी मना 11 वां अंतरराष्ट्रीय योग दिवस

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नई दिल्ली,। 21 जून 25 । आईपी यूनिवर्सिटी में11वां अंतरराष्ट्रीय योग दिवस बड़े उत्साह और जोश के साथ मनाया गया। विश्वविद्यालय के विशाल प्रेषागृह में प्रातः काल से ही छात्र-छात्राएं, शिक्षक, कर्मचारी और उनके परिवारजन एकत्रित होने लगे।इस अवसर पर यूनिवर्सिटी के एनएसएस सेल के प्रमुख प्रो. वरुण जोशी के नेतृत्व में लगभग 400 लोगों ने सामूहिक योगाभ्यास किया, जिसने एकता और स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता का संदेश दिया।

कार्यक्रम की शुरुआत प्रातः 6 बजे सूर्य नमस्कार और प्राणायाम के साथ हुई।इसके बाद प्रतिभागियों ने भुजंगासन, मयूरासन, सिंहासन, शलभासन, उष्ट्रासन, तितली आसन और अन्य विभिन्न योगासनों का अभ्यास किया।

यूनिवर्सिटी से संबद्ध मोरारजी योग संस्थान के योग प्रशिक्षकों ने सभी प्रतिभागियों को आसनों की सही तकनीक और उनके लाभ बताए। छात्र-छात्राओं के साथ-साथ विश्वविद्यालय के कर्मचारियों और उनके परिवार के सदस्यों ने भी उत्साहपूर्वक योगाभ्यास में हिस्सा लिया,जिससे वहाँ एक सकारात्मक और ऊर्जावान माहौल बना रहा।

इस अवसर पर कुलपति पद्मश्री प्रो.(डॉ.) महेश वर्मा ने प्रतिभागियों को भेजे अपने वीडियो संदेश में कहा, “योग भारत की प्राचीन धरोहर है, जिसे आज पूरी दुनिया अपनाने लगी है। योग न केवल शारीरिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाता है, बल्कि मानसिक शांति और संतुलन भी प्रदान करता है। उन्होंने आगे कहा,”नियमित योगाभ्यास से कई शारीरिक बीमारियों जैसे मधुमेह, उच्च रक्तचाप और तनाव से बचा जा सकता है। प्रत्येक व्यक्ति को अपने दैनिक जीवन में योग को शामिल करना चाहिए,क्योंकि यह स्वस्थ और सुखी जीवन का आधार है।

विश्वविद्यालय समय-समय पर योग शिविर और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करता रहता है ताकि युवा पीढ़ी और समुदाय को योग के महत्व के बारे में शिक्षित किया जा सके।

विश्वविद्यालय के छात्रों ने इस आयोजन को लेकर खासा उत्साह दिखाया। बी. टेक की छात्रा प्रियंका यादव ने कहा, “योग करने के बाद मन में एक अलग ही शांति और ऊर्जा का अनुभव होता है। हम चाहते हैं कि ऐसे आयोजन बार-बार हों।”

वहीं, विश्वविद्यालय के कर्मचारी नंदलाल ने अपने परिवार के साथ योगाभ्यास में हिस्सा लिया और कहा, “यह पहली बार था जब मैंने अपने बच्चों के साथ योग किया। यह अनुभव अविस्मरणीय रहा।

विश्वविद्यालय में नियमित रूप से योग कक्षाएं आयोजित की जाती हैं, और छात्रों को शारीरिक व मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने के लिए विभिन्न कार्यशालाएं भी होती हैं।

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