- विजेंद्र गुप्ता को केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री का समर्थन पत्र मिला
नई दिल्ली, 20 जून 2025 । राष्ट्रीय राजधानी की सांस्कृतिक और स्थापत्य विरासत को संरक्षित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, माननीय केंद्रीय पर्यटन और संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता को पत्र लिखकर विधानसभा को राष्ट्रीय महत्व की लिविंग हेरिटेज साइट के रूप में विकसित करने की पहल को पूर्ण समर्थन दिया है।
विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता को संबोधित अपने पत्र में शेखावत ने लिखा, “हम आपके कार्यालय के साथ मिलकर इस ऐतिहासिक धरोहर को संरक्षित करने और दिल्ली तथा देशवासियों के लिए इसके पूर्ण सांस्कृतिक विरासत और उसके महत्व को जन जन तक पहुंचाने हेतु हर संभव सहायता करने के लिए प्रतिबद्ध है।”
उन्होंने आगे लिखा, “दिल्ली विधानसभा भवन केवल हमारी राजनीतिक विरासत का प्रतीक नहीं है, बल्कि यह स्थापत्य और ऐतिहासिक दृष्टि से भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। इसे एक जीवंत विरासत केंद्र के रूप में विकसित करने का आपका प्रस्ताव समयानुकूल और अत्यंत उपयुक्त है।”
यह पत्राचार 3 जून 2025 को हुई बैठक के संदर्भ में है, जिसमें दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष श्री विजेंद्र गुप्ता ने केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री शेखावत से मुलाकात कर यहां चल रहे विकासात्मक पहलों पर चर्चा की थी और विधानसभा परिसर को एक राष्ट्रीय विरासत स्थल के रूप में विकसित करने में मंत्रालय का सहयोग मांगा था।
गौरतलब है कि 13 मई 2025 को विजेंद्र गुप्ता ने शेखावत को औपचारिक पत्र लिखकर दिल्ली विधानसभा भवन—जो 1912 में निर्मित एक प्रतिष्ठित संरचना है—को एक विरासत केंद्र के रूप में विकसित करने का प्रस्ताव दिया था। उक्त पत्र में इस परियोजना के लिए एक समग्र परियोजना रिपोर्ट तैयार करने हेतु मंत्रालय से सहयोग का आग्रह भी किया गया था।
इसके बाद 23 मई 2025 को संस्कृति मंत्रालय और दिल्ली विधानसभा सचिवालय के बीच सचिव स्तर की बैठक हुई, जिसमें इस सहयोग को लेकर सकारात्मक प्रगति हुई और पहल को आगे बढ़ाने के लिए दिशा-निर्देश तय किए गए।
शेखावत ने मंत्रालय की ओर से हरसंभव सहायता का आश्वासन दिया है और वे शीघ्र ही वरिष्ठ अधिकारियों के साथ दिल्ली विधानसभा का दौरा कर इस परियोजना का मूल्यांकन करेंगे तथा इसे मूर्त रूप देने के लिए आवश्यक सहयोग प्रदान करेंगे।
