उत्तराखंड , 20 मार्च 2026 । सनातन परंपरा के पावन अवसर हिंदू नववर्ष के उपलक्ष्य में हनुमत धाम में भव्य ध्वज यात्रा का आयोजन किया गया, जिसमें श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा। धार्मिक उत्साह और भक्ति से ओत-प्रोत इस आयोजन ने पूरे क्षेत्र को आध्यात्मिक रंग में रंग दिया।
श्रद्धालुओं ने पूरे मार्ग में हनुमान चालीसा, सूर्य मंत्र, हनुमान मंत्र, दुर्गा मंत्र और गायत्री मंत्र का सामूहिक जाप किया। जयकारों और भजनों से वातावरण गूंजता रहा, जिससे क्षेत्र में आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार हुआ। यात्रा के समापन पर श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया। इस अवसर पर हनुमत धाम के महंत विष्णु महावर ने सभी क्षेत्रवासियों को नववर्ष की शुभकामनाएं देते हुए धर्म, संस्कृति और परंपराओं के संरक्षण का संदेश दिया। इस दौरान आचार्य जीवनचंद भट्ट, आचार्य विनय प्रसाद, दिनेश अग्रवाल, मदन लाल शर्मा, प्रवीण कुमार, मनीष भटनागर, नवनीत गुप्ता, रामचंद्र, रुद्र बहादुर थापा सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
सुबह से ही भगवान हनुमान के जयकारों के साथ श्रद्धालु धाम परिसर में एकत्रित होने लगे। विधिवत पूजा-अर्चना के बाद ध्वज यात्रा की शुरुआत हुई, जिसमें सैकड़ों श्रद्धालुओं ने भाग लिया। यात्रा के दौरान भगवा ध्वज, भजन-कीर्तन और पारंपरिक वाद्ययंत्रों की धुन ने माहौल को भक्तिमय बना दिया।
ध्वज यात्रा धाम से निकलकर विभिन्न मार्गों से होते हुए पूरे क्षेत्र का भ्रमण करती रही। श्रद्धालु “जय श्री राम” और “हनुमान जी की जय” के उद्घोष के साथ आगे बढ़ते रहे। कई स्थानों पर लोगों ने यात्रा का स्वागत फूलों की वर्षा और प्रसाद वितरण के साथ किया।
इस आयोजन में स्थानीय संत-महात्माओं और सामाजिक संगठनों की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही। उन्होंने सनातन संस्कृति और भारतीय परंपराओं के संरक्षण का संदेश दिया। साथ ही, समाज में एकता, भाईचारे और धार्मिक मूल्यों को मजबूत करने की अपील की गई।
धार्मिक मान्यता के अनुसार, हिंदू नववर्ष का यह दिन नई शुरुआत, ऊर्जा और सकारात्मकता का प्रतीक होता है। ऐसे में इस तरह के आयोजन लोगों में आस्था के साथ-साथ सामाजिक समरसता को भी बढ़ावा देते हैं।
कुल मिलाकर, हनुमत धाम में निकली यह भव्य ध्वज यात्रा श्रद्धा, भक्ति और सांस्कृतिक एकता का अद्भुत उदाहरण बनकर सामने आई।
