बेटियां सिर्फ डिग्री धारक नहीं, कल की भाग्यविधाता हैं – रेखा गुप्ता

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कहा कि तकनीकी शिक्षा से सशक्त होकर देश को दिशा देंगी महिलाएं

अमृत काल में महिलाओं की भागीदारी देश की सबसे बड़ी शक्ति – आशीष सूद

नई दिल्ली, 12 मार्च 2026 । दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता गुरुवार को इंदिरा गांधी दिल्ली महिला तकनीकी विश्वविद्यालय (आईजीडीटीयूडब्ल्यू) के 8वें दीक्षांत समारोह में शामिल हुईं। उन्होंने स्नातक हो रही छात्राओं को बधाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। मुख्यमंत्री ने कहा कि दीक्षांत समारोह केवल पढ़ाई का अंत नहीं, बल्कि जीवन की नई शुरुआत है। उन्होंने छात्राओं से कहा कि वे जिज्ञासा, नवाचार और जिम्मेदारी के साथ आगे बढ़ें और अपने ज्ञान व तकनीक का उपयोग समाज और देश के हित में करें।

इस अवसर पर दिल्ली सरकार के कैबिनेट मंत्री आशीष सूद, विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. रंजना झा, शिक्षक, अभिभावक और बड़ी संख्या में छात्राएं उपस्थित थीं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि आज का दिन उनके जीवन की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि का प्रतीक है, जहां वर्षों की मेहनत, समर्पण और सपनों की सफलता का उत्सव मनाया जा रहा है। आज यहां से 1,181 छात्राएं केवल डिग्री प्राप्त करने वाली विद्यार्थी नहीं हैं, बल्कि वे आने वाले कल की भाग्यविधाता हैं, जो अपने ज्ञान, कौशल और नेतृत्व क्षमता के माध्यम से समाज और देश के भविष्य को दिशा देंगी।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में डिजिटल इंडिया, आत्मनिर्भर भारत, स्टार्टअप इंडिया और स्किल इंडिया जैसे राष्ट्रीय अभियानों ने युवाओं को इनोवेशन, रिसर्च और उद्यमिता के नए अवसर प्रदान किए हैं। आईजीडीटीयूडब्ल्यू इन राष्ट्रीय पहलों के साथ कदम से कदम मिलाकर काम करते हुए ‘नारी सशक्तिकरण’ और ‘विकसित भारत 2047’ के विजन को साकार करने में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत ने महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में लंबा सफर तय किया है। ‘बेटी बचाओ’ से ‘बेटी पढ़ाओ’ तक और अब ‘बेटी बढ़ाओ’ के संकल्प की ओर देश आगे बढ़ रहा है। उन्होंने छात्राओं से कहा कि इंजीनियरिंग, प्रबंधन और विज्ञान जैसे क्षेत्रों में मिली उपलब्धियों पर रुकने के बजाय वे अपने करियर, परिवार और देश की अपेक्षाओं को ध्यान में रखते हुए लगातार आगे बढ़ें।

मुख्यमंत्री ने ‘वुमन-लेड डेवलपमेंट’ (महिलाओं के नेतृत्व वाला विकास) पर जोर देते हुए कहा कि महिलाएं अब केवल विकास की भागीदार नहीं, बल्कि नेतृत्वकर्ता बन रही हैं। साहस और मेहनत का कोई जेंडर नहीं होता और इतिहास में हर क्षेत्र में महिलाओं का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। दिल्ली सरकार शिक्षा, कौशल, तकनीक और अनुसंधान को बढ़ावा देने के लिए निरंतर प्रयासरत है। जब महिलाएं शिक्षा और कौशल से सशक्त होती हैं तो न केवल उनका जीवन बदलता है, बल्कि समाज और राष्ट्र के विकास को भी नई दिशा मिलती है।

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि आईजीडीटीयूडब्ल्यू देश में महिलाओं के लिए तकनीकी शिक्षा का एक अग्रणी संस्थान बनकर उभरा है। यह संस्था इंजीनियरिंग, विज्ञान और तकनीक, वास्तुकला और प्रबंधन जैसे क्षेत्रों में महिलाओं को सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। यह विश्वविद्यालय केवल डिग्री प्रदान करने वाला संस्थान नहीं है, बल्कि भविष्य की महिला वैज्ञानिकों, इंजीनियरों, उद्यमियों और नेतृत्वकर्ताओं को तैयार करने वाला सशक्त मंच है।

दिल्ली के शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने कहा कि यह अवसर केवल डिग्री प्राप्त करने का नहीं, बल्कि दुनिया को यह संदेश देने का है कि आज की युवा महिलाएं भविष्य की निर्माता, नवप्रवर्तक और नेतृत्वकर्ता हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि आज देश की राजधानी दिल्ली का नेतृत्व महिला कर रही है, जो महिला सशक्तिकरण और युवाओं के लिए नए अवसर सृजित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कार्य कर रही हैं।

शिक्षा मंत्री ने आगे कहा कि भारत आज अमृत काल के दौर से गुजर रहा है और इस काल में महिलाओं की भागीदारी देश के विकास की सबसे बड़ी शक्ति बनकर उभर रही है। समाज में एक समय महिलाओं को पीछे रहने के लिए कहा जाता था, लेकिन आज महिलाएं हर क्षेत्र में अपनी क्षमता और नेतृत्व का परिचय दे रही हैं। दिल्ली सरकार युवाओं, विशेषकर छात्राओं के लिए शिक्षा, नवाचार और उद्यमिता के नए अवसर उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।

उन्होंने कहा कि दीक्षांत समारोह में उपस्थित छात्राएं केवल डिग्री लेकर नहीं जा रहीं, बल्कि समाज को दिशा देने की जिम्मेदारी भी अपने साथ लेकर जा रही हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि ये छात्राएं अपने ज्ञान, प्रतिभा और संकल्प के माध्यम से विकसित भारत और विकसित दिल्ली के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।

समारोह के दौरान विश्वविद्यालय के विभिन्न कार्यक्रमों के अंतर्गत स्नातक हो रही छात्राओं को कुल 1,181 डिग्रियां प्रदान की गईं, जिनमें 938 स्नातक (अंडरग्रेजुएट), 212 स्नातकोत्तर (पोस्टग्रेजुएट) और 31 पीएचडी डिग्रियां शामिल थीं। उत्कृष्ट शैक्षणिक उपलब्धियों और नेतृत्व क्षमता को सम्मानित करते हुए विश्वविद्यालय ने 2 चांसलर मेडल, 15 वाइस चांसलर मेडल और 26 उत्कृष्ट प्रदर्शन पुरस्कार भी प्रदान किए।

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