नई दिल्ली, 11 मार्च 2026 । राष्ट्रीय राजधानी में बढ़ते वायु प्रदूषण से निपटने के लिए बड़ा कदम उठाया जा रहा है। शहर की हवा को साफ करने के उद्देश्य से 22 नई अत्याधुनिक मशीनों का ट्रायल शुरू होने जा रहा है। इन मशीनों को खास तौर पर प्रदूषण कम करने और हवा में मौजूद धूल तथा सूक्ष्म कणों को नियंत्रित करने के लिए लगाया जाएगा।
दिल्ली सरकार के द्वारा वायु प्रदूषण से निपटने के लिए शुरू किए गए इनोवेशन चैलेंज ने अगले चरण में प्रवेश कर लिया है. इस पहल के तहत चुने गए 22 डिवाइसेज अब शहर के अलग-अलग हिस्सों में ऑन-ग्राउंड ट्रायल के लिए तैयार किए जा रहे हैं. आने वाले हफ्तों में इन डिवाइस को पहचाने गए प्रदूषण हॉटस्पॉट पर लगाया जाएगा ताकि पार्टिकुलेट प्रदूषण और अन्य महत्वपूर्ण पैरामीटर पर इनके असर को वैज्ञानिक तरीके से मापा जा सके.
इनोनोवेशन चैलेंज के अगले चरण की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने पिछले कई हफ्तों में हुई तैयारियों की समीक्षा की. इसमें टेस्टिंग प्रोटोकॉल को अंतिम रूप देना, डिवाइस की उपलब्धता और तैयारी, तथा डिप्लॉयमेंट के लिए इनोवेटर्स के साथ समन्वय जैसे मुद्दे शामिल थे.
इन मशीनों का इस्तेमाल उन इलाकों में किया जाएगा जहां प्रदूषण का स्तर ज्यादा रहता है। सड़क किनारे, व्यस्त चौराहों और निर्माण स्थलों के आसपास इन्हें लगाया जाएगा ताकि हवा में उड़ने वाली धूल और प्रदूषक कणों को कम किया जा सके। माना जा रहा है कि यदि यह ट्रायल सफल रहा तो भविष्य में इन मशीनों की संख्या और बढ़ाई जा सकती है।
विशेषज्ञों के मुताबिक दिल्ली में प्रदूषण का मुख्य कारण वाहनों का धुआं, निर्माण कार्यों से उठने वाली धूल, औद्योगिक गतिविधियां और आसपास के राज्यों में पराली जलाना है। सर्दियों के मौसम में यह समस्या और गंभीर हो जाती है क्योंकि ठंडी हवाओं और कम वेंटिलेशन के कारण प्रदूषक कण वातावरण में ही जमा हो जाते हैं।
नई मशीनें हवा में मौजूद सूक्ष्म कणों को पकड़ने और उन्हें कम करने की तकनीक पर काम करती हैं। कुछ मशीनें हवा को फिल्टर करने के साथ-साथ पानी की महीन फुहार छोड़कर धूल के कणों को जमीन पर गिराने का काम करती हैं। इससे आसपास के इलाके में प्रदूषण का स्तर कम करने में मदद मिल सकती है।
प्रदूषण नियंत्रण से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि यह ट्रायल शहर में वायु गुणवत्ता सुधारने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयोग होगा। यदि परिणाम सकारात्मक रहे तो इन मशीनों को बड़े पैमाने पर लगाया जा सकता है।
दिल्ली में हर साल प्रदूषण एक गंभीर चुनौती बन जाता है। इसलिए सरकार और एजेंसियां विभिन्न तकनीकों और योजनाओं के जरिए इस समस्या से निपटने की कोशिश कर रही हैं। नई मशीनों का यह ट्रायल भी उसी प्रयास का हिस्सा माना जा रहा है, जिससे आने वाले समय में राजधानी की हवा को साफ और स्वस्थ बनाया जा सके।
