नई दिल्ली, 11 मार्च 2026 । देश के कई हिस्सों में रसोई गैस की सप्लाई को लेकर लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कहीं उपभोक्ताओं को ऑनलाइन गैस सिलेंडर बुक करने में दिक्कत आ रही है तो कहीं गैस एजेंसियों के बाहर लंबी-लंबी लाइनें लग रही हैं। इस स्थिति ने आम लोगों की चिंता बढ़ा दी है, क्योंकि घरेलू गैस रोजमर्रा की जिंदगी का एक अहम हिस्सा है।
मध्य पूर्व क्षेत्र में जारी जंग और गैस सप्लाई के बाधित होने के बाद देश में एलपीजी गैस और पेट्रोल-डीजल को लेकर दिक्कतें होने लगी हैं. देश के कई शहरों पर इसका असर भी पड़ने लगा है. दिल्ली में सिलेंडर गैस बुक नहीं हो पा रहे तो मुंबई में भी लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. अब मुंबई में एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में बढ़ोतरी के बाद लोगों ने खाना बनाने के लिए बिजली से चलने वाले उपकरणों की ओर रूख करना शुरू कर दिया है. बाजार में इलेक्ट्रिक कुकर, माइक्रोवेव ओवन, ओटीजी ओवन, टोस्टर, ग्रिल, इलेक्ट्रिक तवा, एयर फ्रायर, मल्टी कुकर, इलेक्ट्रिक स्टीमर और हॉट प्लेट जैसे उपकरणों की खरीद में लगातार तेजी देखी जा रही है.
पिछले हफ्ते 7 मार्च को केंद्र सरकार द्वारा घरेलू और व्यावसायिक गैस सिलेंडर की कीमतों में बढ़ोतरी के बाद स्थिति और बदली है. साथ ही व्यावसायिक गैस सिलेंडर की आपूर्ति भी प्रभावित होने लगी है, जिससे आम उपभोक्ताओं को सिलेंडर बुक कराने में खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. महाराष्ट्र के साथ-साथ उत्तर प्रदेश और बिहार में भी गैस सिलेंडर को लेकर लंबी-लंबी लाइन देखी जा रही है.
कई शहरों में उपभोक्ताओं का कहना है कि गैस सिलेंडर की ऑनलाइन बुकिंग के दौरान तकनीकी समस्या आ रही है। कुछ लोगों का आरोप है कि बुकिंग करने के बाद भी डिलीवरी में काफी देरी हो रही है। वहीं कई जगहों पर लोग सीधे गैस एजेंसियों पर पहुंचकर सिलेंडर लेने की कोशिश कर रहे हैं, जिसके कारण वहां भीड़ बढ़ गई है।
कुछ उपभोक्ताओं का कहना है कि गैस एजेंसियों पर सीमित संख्या में ही सिलेंडर उपलब्ध कराए जा रहे हैं, जिससे हर किसी को तुरंत गैस नहीं मिल पा रही। इस वजह से कई परिवारों को इंतजार करना पड़ रहा है और रसोई का काम प्रभावित हो रहा है। खासतौर पर शहरी क्षेत्रों में जहां ज्यादातर लोग एलपीजी सिलेंडर पर ही निर्भर हैं, वहां यह समस्या ज्यादा महसूस की जा रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि सप्लाई चेन में रुकावट, परिवहन में देरी या तकनीकी कारणों से ऑनलाइन सिस्टम में आई समस्या के कारण ऐसी स्थिति बन सकती है। हालांकि तेल कंपनियों और संबंधित एजेंसियों का कहना है कि समस्या को जल्द दूर करने के प्रयास किए जा रहे हैं और उपभोक्ताओं को जल्द ही सामान्य सप्लाई मिलने लगेगी।
सरकार और गैस कंपनियां भी हालात पर नजर बनाए हुए हैं। अधिकारियों का कहना है कि जहां-जहां सप्लाई में कमी की शिकायत मिल रही है, वहां अतिरिक्त सिलेंडर भेजे जा रहे हैं ताकि उपभोक्ताओं को राहत मिल सके। उम्मीद जताई जा रही है कि आने वाले दिनों में स्थिति सामान्य हो जाएगी और लोगों को गैस सप्लाई से जुड़ी परेशानियों से छुटकारा मिलेगा।
