कोलकाता, 09 मार्च 2026 । पश्चिम बंगाल दौरे पर पहुंचे भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त Gyanesh Kumar ने कोलकाता स्थित प्रसिद्ध Kalighat Kali Temple में पूजा-अर्चना की। इस दौरान उन्होंने मां काली के दर्शन कर देश में शांतिपूर्ण और निष्पक्ष चुनाव की कामना की। हालांकि उनके इस दौरे के दौरान कुछ स्थानों पर विरोध प्रदर्शन भी देखने को मिला, जहां लोगों ने गो-बैक के पोस्टर और काले झंडे दिखाए।
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार रविवार शाम को पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव की तैयारियों का रिव्यू करने कोलकाता पहुंचे। 3 दिन चलने वाली चुनाव आयोग की फुल बेंच मीटिंग के बीच सोमवार को ज्ञानेश कुमार कालीघाट में पूजा करने पहुंचे।
मंदिर के बाहर मौजूद प्रदर्शनकारियों ने गो बैक के पोस्टर और काले झंडे दिखाए। इसके पहले रविवार को भी कोलकाता पहुंचने पर कुछ लोग उनके काफिले के सामने झंडे लेकर पहुंचे और नारेबाजी करते दिखे।
इधर, BJP के एक डेलीगेशन ने सोमवार को इलेक्शन कमीशन ऑफ इंडिया की फुल बेंच से मुलाकात की और मांग की कि 2026 का पश्चिम बंगाल असेंबली चुनाव तीन फेज में ही कराया जाए।
पश्चिम बंगाल विधानसभा का कार्यकाल 7 मई को खत्म होने वाला है। 294 सीटों पर अप्रैल में चुनाव होने की उम्मीद है। 2021 में TMC ने 215 सीटें जीतकर सरकार बनाई थी। ममता बनर्जी मुख्यमंत्री चुनी गई थीं।
चुनाव आयुक्त के दौरे को लेकर कोलकाता और आसपास के इलाकों में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। मंदिर परिसर और उसके आसपास पुलिस बल तैनात रहा, ताकि किसी तरह की अप्रिय घटना न हो। पूजा-अर्चना के बाद ज्ञानेश कुमार ने मंदिर परिसर में कुछ समय बिताया और स्थानीय प्रशासन के अधिकारियों से भी बातचीत की।
इस बीच, कुछ संगठनों और स्थानीय लोगों ने उनके दौरे का विरोध करते हुए सड़कों पर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने गो-बैक के पोस्टर दिखाए और काले झंडे लहराकर अपना विरोध जताया। हालांकि पुलिस और प्रशासन की सतर्कता के कारण स्थिति नियंत्रण में रही और किसी बड़ी घटना की खबर नहीं आई।
बताया जा रहा है कि चुनाव आयोग की टीम राज्य में चुनावी तैयारियों और प्रशासनिक व्यवस्था का जायजा लेने के लिए दौरे पर है। इस दौरान आयोग के अधिकारी विभिन्न जिलों में जाकर अधिकारियों से बैठक करेंगे और चुनाव से जुड़ी व्यवस्थाओं की समीक्षा करेंगे।
चुनाव आयोग का यह दौरा इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि राज्य में आने वाले समय में चुनावी गतिविधियां तेज होने वाली हैं। ऐसे में आयोग यह सुनिश्चित करना चाहता है कि मतदान प्रक्रिया पूरी तरह निष्पक्ष, पारदर्शी और शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि चुनावी माहौल के बीच इस तरह के विरोध प्रदर्शन राज्य की राजनीति में बढ़ती गर्माहट को भी दर्शाते हैं। वहीं प्रशासन का कहना है कि सुरक्षा व्यवस्था मजबूत रखी गई है और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।
