नई दिल्ली, 09 मार्च 2026 । दिल्ली की कथित शराब नीति घोटाले से जुड़े मामले में आज Delhi High Court में महत्वपूर्ण सुनवाई हुई। केंद्रीय जांच एजेंसी Central Bureau of Investigation (CBI) ने निचली अदालत के फैसले के खिलाफ अपील दायर की है, जिस पर हाईकोर्ट ने सुनवाई की। इस मामले को देश की राजनीति और प्रशासनिक व्यवस्था से जुड़े बड़े विवादों में से एक माना जा रहा है।
दिल्ली हाइकोर्ट आज दिल्ली शराब नीति केस में सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन(CBI) की अपील पर सुनवाई करेगा। दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने 27 फरवरी को मामले में आरोपी बनाए गए दिल्ली के पूर्व सीएम अरविंद केजरीवाल, पूर्व डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिय समेत 23 लोगों को बरी कर दिया था।
फैसला आने के 6 घंटे के बाद ही CBI ने इसके खिलाफ हाइकोर्ट में अपील कर दी थी। CBI ने निचली अदालत के आदेश को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट से इसे रद्द करने की मांग की है।
वहीं, बरी होने के बाद कोर्ट से बाहर मीडिया से बातचीत के दौरान केजरीवाल भावुक हो गए। उन्होंने कहा- मैंने जिंदगी में सिर्फ ईमानदारी कमाई है। आज ये साबित हो गया कि केजरीवाल, मनीष सिसोदिया और आम आदमी पार्टी कट्टर ईमानदार हैं।
सीबीआई ने अपनी अपील में कहा कि दिल्ली सरकार की आबकारी नीति से जुड़े निर्णयों में कई गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं, जिनकी गहन जांच आवश्यक है। एजेंसी का दावा है कि नीति के निर्माण और उसके क्रियान्वयन में कुछ व्यक्तियों को अनुचित लाभ पहुंचाया गया। इसी आधार पर एजेंसी ने अदालत से निचली अदालत के आदेश पर पुनर्विचार करने की मांग की है।
हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों के वकीलों ने अपने-अपने तर्क रखे। सीबीआई की ओर से कहा गया कि मामले में कई अहम सबूत और दस्तावेज मौजूद हैं, जिनके आधार पर आगे की कार्रवाई जरूरी है। वहीं बचाव पक्ष ने एजेंसी के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि जांच राजनीतिक दबाव में की जा रही है।
यह मामला उस समय चर्चा में आया था जब दिल्ली सरकार की नई आबकारी नीति को लेकर विवाद शुरू हुआ। बाद में इस मामले की जांच Central Bureau of Investigation और Enforcement Directorate (ईडी) को सौंपी गई। जांच एजेंसियों ने कई जगहों पर छापेमारी की और कई लोगों से पूछताछ भी की।
कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, हाईकोर्ट की यह सुनवाई आगे की जांच और मुकदमे की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण साबित हो सकती है। अदालत के फैसले के आधार पर मामले में नई कानूनी प्रक्रिया शुरू हो सकती है या जांच एजेंसियों को आगे की कार्रवाई के लिए निर्देश दिए जा सकते हैं।
दिल्ली शराब नीति से जुड़ा यह मामला लगातार सुर्खियों में बना हुआ है और इसके राजनीतिक असर भी देखे जा रहे हैं। अब सभी की नजर हाईकोर्ट के अगले फैसले पर टिकी हुई है, जो इस पूरे विवाद के भविष्य को प्रभावित कर सकता है।
