पटना , 07 मार्च 2026 । बिहार की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। Upendra Kushwaha ने मुख्यमंत्री Nitish Kumar से मुलाकात के बाद बड़ा बयान देते हुए कहा कि निशांत के नाम का सुझाव उन्होंने ही दिया था। उनके इस बयान के बाद राज्य की सियासत में नई चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
राष्ट्रीय लोक मोर्चा के प्रमुख और पूर्व केंद्रीय मंत्री उपेंद्र कुशवाहा ने बड़ा बयान दिया है. उपेंद्र कुशवाहा ने शनिवार को पटना में कहा कि निशांत कुमार को राजनीति में आना चाहिए. यह सुझाव सबसे पहले नीतीश कुमार को उन्होंने ही दिया था. उपेंद्र कुशवाहा ने यह बातें शनिवार को नीतीश कुमार से उनके सरकारी आवास पर मुलाकात करने के बाद मीडिया से कहीं. उपेंद्र कुशवाहा ने कहा कि सीएम नीतीश कुमार से मुलाकात अस्वाभाविक नहीं बल्कि स्वाभाविक है. एनडीए गठबंधन है। राज्यसभा का चुनाव होना है. मुख्यमंत्री भी उम्मीदवार हैं और मैं भी उम्मीदवार हूं. पांच उम्मीदवार एनडीए गठबंधन की तरफ से हैं. मुख्यमंत्री से मुलाकात होती रहती है. उनका आशीर्वाद जाकर लेते रहते हैं. इसी क्रम में मुलाकात थी. इस मुलाकात को अलग नजरिए से देखने की जरूरत नहीं है.
मुलाकात के बाद कुशवाहा ने मीडिया से बातचीत में कहा कि बिहार की राजनीति में नई सोच और नेतृत्व को आगे लाने की जरूरत है। इसी संदर्भ में उन्होंने निशांत का नाम सुझाने की बात कही। उनका कहना था कि राजनीति में समय के साथ नए चेहरों को भी मौका मिलना चाहिए।
दरअसल, यहां जिस निशांत की चर्चा हो रही है, वे Nishant Kumar हैं, जो मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे हैं। हालांकि निशांत अब तक सक्रिय राजनीति से दूर रहे हैं और सार्वजनिक मंचों पर भी कम ही दिखाई देते हैं।
कुशवाहा के इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा तेज हो गई है कि क्या भविष्य में निशांत कुमार राजनीति में सक्रिय भूमिका निभा सकते हैं। हालांकि इस मुद्दे पर अभी तक न तो नीतीश कुमार की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया आई है और न ही निशांत कुमार ने कोई बयान दिया है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि बिहार में बदलते राजनीतिक समीकरणों के बीच इस तरह के बयान आने से आने वाले समय में नई राजनीतिक रणनीतियों की संभावना भी बढ़ सकती है।
