अमेरिकी संसद में ट्रम्प बोले- भारत-पाकिस्तान जंग रुकवाई

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वॉशिंगटन, 25 फ़रवरी 2026 । अमेरिका की संसद में संबोधन के दौरान पूर्व राष्ट्रपति Donald Trump ने दावा किया कि उन्होंने अपने कार्यकाल में भारत और पाकिस्तान के बीच संभावित युद्ध को रुकवाने में भूमिका निभाई थी। ट्रम्प ने कहा कि दोनों परमाणु शक्ति संपन्न देशों के बीच तनाव बेहद गंभीर था, लेकिन कूटनीतिक प्रयासों के जरिए हालात को नियंत्रित किया गया।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने भारतीय समय के मुताबिक बुधवार सुबह संसद में भाषण दिया। साल की शुरुआत में संसद में प्रेसिडेंट के भाषण को ‘स्टेट ऑफ द यूनियन’ स्पीच कहा जाता है। ट्रम्प ने 1 घंटा 50 मिनट के भाषण में एक बार फिर भारत-पाकिस्तान संघर्ष रुकवाने का दावा किया। ट्रम्प यह बात 100 से ज्यादा बार दोहरा चुके हैं।

उन्होंने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के हवाले से कहा कि दोनों देशों के बीच परमाणु जंग में 3.5 करोड़ लोगों के मारे जाने की आशंका थी। हालांकि, भारत इस दावे को हमेशा खारिज करता आया है।

अपने भाषण में ट्रम्प ने इजराइल-हमास के बीच गाजा सीजफायर को अपनी उपलब्धि कहा। वहीं वेनेजुएला पर कब्जे के करीब डेढ़ महीने बाद वहां तेल उत्पादन में बढ़ोतरी का दावा करते हुए उसे अमेरिका का नया दोस्त करार दिया।

ट्रम्प ने ईरान को लेकर दावा किया कि अमेरिका ने पिछले साल जुलाई में हमला कर उसका न्यूक्लियर प्रोग्राम खत्म कर दिया था। साथ ही 28 दिसंबर से 14 जनवरी के बीच महंगाई के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान 32 हजार प्रदर्शनकारियों को मारने का आरोप भी लगाया।

ट्रम्प का यह बयान ऐसे समय आया है जब दक्षिण एशिया की राजनीति और सुरक्षा मुद्दे फिर से अंतरराष्ट्रीय चर्चा में हैं। भारत और पाकिस्तान के बीच अतीत में कई बार सीमा पर तनाव और सैन्य टकराव की स्थिति बनी है, विशेषकर कश्मीर मुद्दे को लेकर।

हालांकि भारत की ओर से पहले भी यह स्पष्ट किया जाता रहा है कि किसी भी द्विपक्षीय मुद्दे का समाधान सीधे बातचीत के जरिए ही संभव है और किसी तीसरे पक्ष की मध्यस्थता स्वीकार्य नहीं है। पाकिस्तान की ओर से कई मौकों पर अंतरराष्ट्रीय हस्तक्षेप की मांग की जाती रही है।

विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे दावे अक्सर घरेलू राजनीतिक मंचों पर दिए जाते हैं, लेकिन कूटनीतिक रिकॉर्ड और आधिकारिक बयान ही वास्तविक स्थिति को स्पष्ट करते हैं। भारत-पाकिस्तान संबंधों में उतार-चढ़ाव का लंबा इतिहास रहा है, जिसमें युद्ध, संघर्षविराम और शांति वार्ता के कई दौर शामिल हैं।

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