वाराणसी में गंगा पर सख्ती: बोटिंग के दौरान रील और सेल्फी पर एक्शन, नई गाइडलाइन जारी

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वाराणसी , 19 फ़रवरी 2026 । धार्मिक नगरी Varanasi में गंगा नदी पर बोटिंग के दौरान रील बनाने और खतरनाक अंदाज में सेल्फी लेने पर प्रशासन ने सख्ती बढ़ा दी है। जिला प्रशासन और संबंधित विभागों ने नई गाइडलाइन जारी कर स्पष्ट किया है कि नाव पर खड़े होकर वीडियो शूट करना, लाइफ जैकेट के बिना सेल्फी लेना या नाविक के निर्देशों की अनदेखी करना दंडनीय होगा। नियमों का उल्लंघन करने पर जुर्माना और गंभीर मामलों में जेल तक की कार्रवाई की जा सकती है।

मोक्ष की नगरी काशी (वाराणसी, बनारस) आने वाले पर्यटकों के लिए एक महत्वपूर्ण चेतावनी जारी की गई है. यदि आप बाबा विश्वनाथ के दर्शन के बाद गंगा में नौकायन का आनंद लेते हुए सोशल मीडिया के लिए रील बनाने या चलती नाव में खड़े होकर सेल्फी लेने के शौकीन हैं, तो अब आपको जेल की हवा खानी पड़ सकती है या भारी जुर्माना भरना पड़ सकता है. इसकी जिम्मेदारी नाविक की होगी. वाराणसी जिला प्रशासन ने गंगा में बढ़ती दुर्घटनाओं को रोकने के लिए नाव संचालन हेतु नई सख्त गाइडलाइन जारी की है.

यह फैसला हाल ही में गंगा में नाव डूबने की एक बड़ी दुर्घटना के बाद लिया गया है, जिसमें पांच लोगों की जान बाल-बाल बची थी. प्रशासन द्वारा जारी नियमों के अनुसार, अब नाव संचालकों और पर्यटकों दोनों को निम्नलिखित बातों का पालन करना अनिवार्य होगा:

चलती नाव में रील बनाना या खड़े होकर सेल्फी लेना पूरी तरह प्रतिबंधित है. इसकी जिम्मेदारी नाव संचालक की होगी कि सवारी ऐसा न करे.

  • बिना लाइफ जैकेट पहने किसी भी सवारी को नाव पर नहीं बिठाया जाएगा.
  • अस्सी घाट से नमो घाट जाने वाली नावें रेत (बालू) वाले हिस्से की तरफ से जाएंगी. वहीं, नमो घाट से अस्सी की ओर आने वाली नावें घाट की तरफ से चलेंगी.
  • नाव संचालक नशे की हालत में नाव नहीं चलाएंगे और पर्यटकों से मर्यादित व्यवहार करेंगे.
  • संचालक तय किराए से अधिक वसूली नहीं कर सकेंगे और नाव की गति सीमा भी निर्धारित रहेगी.
  • केवल पंजीकृत और प्रदूषण रहित मोटर बोट्स को ही संचालन की अनुमति होगी.

Dashashwamedh Ghat और अन्य घाटों पर शाम की आरती और सूर्योदय बोटिंग बेहद लोकप्रिय है। प्रशासन का कहना है कि उद्देश्य पर्यटन पर रोक लगाना नहीं, बल्कि दुर्घटनाओं को रोकना है। नावों की क्षमता से अधिक सवारियां बैठाना, शराब के नशे में बोटिंग करना और तेज आवाज में म्यूजिक बजाना भी निगरानी के दायरे में रहेगा।

विशेषज्ञों के अनुसार, लाइक्स और व्यूज की होड़ में लोग सुरक्षा नियमों की अनदेखी कर देते हैं। पानी के बीच असंतुलन की स्थिति में बचाव मुश्किल हो सकता है। इसलिए जागरूकता अभियान के साथ-साथ सख्त प्रवर्तन भी जरूरी माना गया है।

वाराणसी प्रशासन की नई गाइडलाइन साफ संदेश देती है कि गंगा में बोटिंग आनंद का साधन है, जोखिम का नहीं। नियमों का पालन कर ही श्रद्धालु और पर्यटक सुरक्षित अनुभव ले सकते हैं। सुरक्षा उपायों का उद्देश्य हादसों को रोकना और पवित्र नदी में अनुशासन बनाए रखना है।

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