हरियाणा के पलवल जिले के छांयासा गांव में पीलिया से 7 मौतें, कई अस्पताल में भर्ती

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पलवल , 16 फ़रवरी 2026 । हरियाणा के पलवल जिले के छांयासा गांव में पीलिया (जॉन्डिस) के संदिग्ध प्रकोप से 7 लोगों की मौत की खबर ने इलाके में हड़कंप मचा दिया है। दर्जनों ग्रामीणों में बुखार, उल्टी, कमजोरी और आंखों-त्वचा में पीलापन जैसे लक्षण पाए गए हैं। कई मरीजों को जिला अस्पताल और आसपास के स्वास्थ्य केंद्रों में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है।

हरियाणा के पलवल में हलचल मची है। गांव छांयसा में बुखार के कारण कई बच्चों की मौत की खबर से हड़कंप मच गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए फरीदाबाद का स्वास्थ्य विभाग भी अलर्ट मोड पर आ गया है। जिला स्वास्थ्य अधिकारियों ने एहतियातन निगरानी बढ़ा दी है और संभावित संक्रमण को रोकने के लिए विशेष कदम उठाए जा रहे हैं।

छांयसा में 865 घरों में 5,728 लोग रहते हैं। स्वास्थ्य विभाग को पीलिया से होने वाली मौतों की पहली सूचना 31 जनवरी को मिली, जिसके बाद एक चिकित्सा अधिकारी और एक फील्ड टीम ने गांव का सर्वेक्षण किया।

जिला प्रशासन ने मेडिकल टीमों को गांव में तैनात किया है। घर-घर सर्वे, ब्लड सैंपल कलेक्शन और दवा वितरण अभियान शुरू किया गया है। गंभीर मरीजों को उच्च स्तरीय चिकित्सा केंद्रों में रेफर किया जा रहा है। स्वास्थ्य अधिकारियों ने लोगों से उबला हुआ या फिल्टर किया पानी पीने, हाथ धोने और खुले में रखे भोजन से परहेज करने की सलाह दी है।

नूंह में कराए गए थे भर्ती

जांच रिपोर्ट में मृत्यु के कारणों को तेजी से किडनी फेल होना पाया गया। पता चला कि पीलिया के साथ तीव्र हेपेटाइटिस, किडनी एन्सेफेलोपैथी, अग्नाशयशोथ और सेप्सिस ने लोगों की जान ली। एक स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया कि अधिकांश रोगियों को मृत्यु से पहले बुखार, पेट दर्द, उल्टी, पीलिया और चेतना में परिवर्तन जैसे लक्षण दिखाई दिए। बीमारी से मरने वाले मरीजों में हुज़फ़ (9), पायल (9), सारिक (14), हुमा (15), दिलशाद (22), शम्सुद्दीन (42) और जमीला (65) शामिल हैं। उन्हें नूह के नलहार स्थित शहीद हसन खान मेवाती सरकारी मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया था, जहां बाद में उनकी मृत्यु हो गई।

छांयासा गांव में पीलिया से हुई मौतें ग्रामीण स्वास्थ्य ढांचे और पेयजल सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं। त्वरित जांच और प्रभावी चिकित्सा हस्तक्षेप से ही स्थिति को नियंत्रित किया जा सकता है। आने वाले दिनों में जांच रिपोर्ट से स्पष्ट होगा कि संक्रमण का सटीक कारण क्या है।

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