जिनपिंग ने अपने 23 भरोसेमंद जनरल हटाए

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बीजिंग, 04 फ़रवरी 2026 । चीन में पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) के शीर्ष नेतृत्व में बड़ी उथल-पुथल देखी जा रही है, जहां शी जिनपिंग की लंबे समय की मिलिट्री ‘सफाई’ प्रक्रिया के तहत कई वरिष्ठ जनरल और कमांडर हटाए गए या जांच के दायरे में आ गए हैं। हाल के हफ्तों में शी जिनपिंग के भरोसेमंद माने जाने वाले कई सैन्य वरिष्ठ अधिकारियों को उनके पदों से हटाए जाने की खबरें सामने आई हैं, जिससे चीन की सेना की रणनीतिक नेतृत्व स्थिरता पर सवाल उठने लगे हैं।

चीन की सेना में बीते तीन सालों में ऐसा बदलाव हुआ है, जो देश के इतिहास में पहले कभी नहीं देखा गया। 2023 की शुरुआत में चीन के पास कम से कम 30 जनरल और एडमिरल थे, जो अलग-अलग खास विभागों और थिएटर कमांड की कमान संभाल रहे थे। इनमें से लगभग सभी को या तो बाहर कर दिया गया है या वे अचानक गायब हो गए हैं।

न्यूयॉर्क टाइम्स की जांच में केवल 7 ऐसे जनरल मिले हैं जो अब भी एक्टिव नजर आते हैं। कई अधिकारी सार्वजनिक रूप से दिखना ही बंद हो गए हैं। आधुनिक चीन के इतिहास में इतनी बड़ी उथल-पुथल पहले कभी नहीं देखी गई।

इन सफाइयों की वजह से दुनिया की सबसे बड़ी सेना के शीर्ष स्तर पर नेतृत्व का बड़ा खालीपन पैदा हो गया है। अमेरिकी खुफिया एजेंसियों के एक्सपर्ट्स का मानना है कि शी जिनपिंग जरूरत से ज्यादा शक करने लगे हैं। सबसे बड़ी खबर यह है कि जनरल झांग यूक्सिया — जो PLA के सर्वोच्च वरिष्ठ जनरल और सेंट्रल मिलिट्री कमीशन (CMC) के उपाध्यक्ष थे — को पद से हटाकर जांच के दायरे में रखा गया है। इसके साथ ही लियू झेनली जैसे और वरिष्ठ कमांडर को भी हटाया गया है, जबकि उपयुक्त अनुशासन और गंभीर उल्लंघन के आरोप लगाए गए हैं। सबसे बड़ी खबर यह है कि जनरल झांग यूक्सिया — जो PLA के सर्वोच्च वरिष्ठ जनरल और सेंट्रल मिलिट्री कमीशन (CMC) के उपाध्यक्ष थे — को पद से हटाकर जांच के दायरे में रखा गया है। इसके साथ ही लियू झेनली जैसे और वरिष्ठ कमांडर को भी हटाया गया है, जबकि उपयुक्त अनुशासन और गंभीर उल्लंघन के आरोप लगाए गए हैं। विश्लेषकों के अनुसार यह मिलिट्री नेतृत्व ‘पर्ज’ या सफाई अभियान व्यापक रूप से आगे बढ़ रहा है। पिछले कुछ समय में न केवल झांग और लियू, बल्कि अन्य वरिष्ठ अधिकारियों और कमांडरों को हटाने की प्रक्रिया देखी गई है, जिसने चीन की मिलिट्री पिरामिड में व्यापक बदलाव की चर्चा को जन्म दिया है।

यह बदलाव सैन्य निर्णय-निर्माण प्रक्रिया और वैश्विक सुरक्षा के लिहाज से व्यापक प्रभाव पैदा कर रहा है। कुछ विशेषज्ञ मानते हैं कि वरिष्ठ, अनुभवी जनरलों की अनुपस्थिति से चीन की सेना के रणनीतिक संतुलन, सीमा प्रबंधन और विदेश नीति निर्णयों में अधिक केंद्रीकृत प्रभाव आएगा, क्योंकि जिनपिंग अब स्वयं प्रधान सैन्य सलाहकार के रूप में मजबूत पकड़ रखते हैं।

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