सुप्रीम कोर्ट ने UGC के नए नियमों पर रोक लगाई — केंद्र को स्पष्ट ड्राफ्ट तैयार करने के निर्देश

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नई दिल्ली, 30 जनवरी 2026 । सुप्रीम कोर्ट ने यूजीसी (University Grants Commission) के नए नियम “Promotion of Equity in Higher Education Institutions Regulations, 2026” पर 29 जनवरी 2026 को रोक लगा दी है और केंद्र सरकार तथा यूजीसी को नियमों का नया ड्राफ्ट तैयार करने के निर्देश दिए हैं। अदालत ने पाया कि नए नियमों की भाषा अस्पष्ट है और इसके दुरुपयोग की संभावनाएं हैं, इसलिए इसे अगली सुनवाई तक लागू नहीं होने दिया जाएगा।

सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमीशन (UGC) के नए नियमों पर अगले आदेश तक रोक लगा दी है। CJI सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या की बेंच ने कहा कि इसके प्रावधान स्पष्ट नहीं हैं और इनका गलत इस्तेमाल हो सकता है।

कोर्ट ने यह टिप्पणी मृत्युंजय तिवारी, एडवोकेट विनीत जिंदल और राहुल दीवान की याचिकाओं पर की, जिनमें आरोप लगाया गया है कि नए नियम जनरल कैटेगरी के छात्रों के साथ भेदभाव करते हैं। UGC ने 13 जनवरी को अपने नए नियमों को नोटिफाई किया था। इनका देशभर में विरोध हो रहा है।

अब सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र और UGC को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। साथ ही नियमों का ड्राफ्ट फिर से तैयार करने का निर्देश दिया। कोर्ट ने कहा कि इस मामले में अगली सुनवाई अब 19 मार्च को होगी। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि फिलहाल 2012 के UGC नियम देशभर में लागू रहेंगे। अदालत ने यह भी कहा कि नए नियमों के प्रावधानों में अस्पष्टता और संभावित वैधानिक विवाद हो सकते हैं, इसलिए इसे तत्काल प्रभाव से लागू नहीं किया जाना चाहिए। सुनवाई के दौरान न्यायालय ने कहा कि नियमों में ऐसे प्रावधान हैं जिन पर और विचार-विमर्श और व्यापक रूप से सबूत-आधारित अध्ययन की आवश्यकता है। यह रोक UGC के जाति-आधारित भेदभाव रोकने वाले नए ढांचे पर उठे विवादों और राजनीतिक तथा सामाजिक प्रतिक्रियाओं के बीच आई है। अदालत का रुख यह सुनिश्चित करता है कि शिक्षा नीति में बदलाव स्पष्ट, संतुलित और न्यायसंगत ढंग से लागू हों।

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