सोना ₹5 हजार महंगा हुआ, ₹1.59 लाख पर पहुंचा

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नई दिल्ली, 27 जनवरी 2026 । भारत में आज सोने की कीमतों में तेज़ी देखी जा रही है, जहाँ 10 ग्राम सोना लगभग ₹1.59 लाख तक पहुंच गया है, जो पिछले स्तर की तुलना में करीब ₹5,000 की वृद्धि दर्शाता है। यह अब तक के रिकॉर्ड स्तरों के बेहद करीब एक भाव है और घरेलू बाजार में निवेशकों तथा खरीदारों के लिए यह एक बड़ा संकेत माना जा रहा है।

सोने-चांदी के दाम आज (27 जनवरी) अब तक के अपने सबसे ऊपरी स्तर तक तक पहुंच गए हैं। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार, 10 ग्राम 24 कैरेट सोने का भाव 4,717 रुपए बढ़कर 1,59,027 रुपए पहुंच गया है। शुक्रवार को यह 1,54,310 रुपए/10g पर था।

वहीं, एक किलो चांदी की कीमत 24,802 रुपए बढ़कर 3,42,507 रुपए पर आ गई है। शुक्रवार को इसकी कीमत 3,17,705 रुपए किलो थी।

इस साल सोना ₹25,832 और चांदी ₹1,12,087 महंगी हुई

इस साल जनवरी के 27 दिन में ही चांदी 1,12,087 रुपए महंगी हो गई है। 31 दिसंबर 2025 को एक किलो चांदी की कीमत 2,30,420 रुपए थी, जो अब 3,42,507 रुपए प्रति किलो पहुंच गई है।

वहीं, सोने की कीमत 25,832 रुपए बढ़ चुकी है। 31 दिसंबर 2025 को 10 ग्राम 24 कैरेट सोना 1,33,195 रुपए का था, जो अब 3,42,507 रुपए हो गया है।

सोने की कीमतों में उछाल के प्रभाव:

  • व्यक्तिगत खरीदारों और गहनों की मांग पर असर: महंगे भाव से गहनों की खरीद पर दबाव बन सकता है, खासकर शादी और त्योहारों के मौसम से पहले।

  • निवेशक रुझान में बदलाव: कई निवेशक म्यूचुअल फंड, स्टॉक्स से हटकर सोने जैसे सुरक्षित संपत्ति की तरफ आकर्षित हो सकते हैं।

  • आयात लागत में वृद्धि: कमजोर रुपये और ऊँचे अंतरराष्ट्रीय भाव से भारत में सोना महँगा हो रहा है।

यह वृद्धि घरेलू और वैश्विक आर्थिक संकेतों का मिश्रित परिणाम है, जो भविष्य में कीमती धातु के रुझानों पर और भी असर डाल सकता है।

सोने में तेजी के 3 बड़े कारण

  • ग्लोबल टेंशन और ‘ग्रीनलैंड’ विवाद: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की ग्रीनलैंड पर कब्जा करने की जिद और इस मुद्दे पर यूरोपीय देशों को टैरिफ की धमकी ने वैश्विक बाजारों बाजारों अस्थिरता बढ़ गई है।
  • रुपए की रिकॉर्ड कमजोरी : भारत में सोने की कीमत केवल वैश्विक दरों पर नहीं, बल्कि डॉलर-रुपया एक्सचेंज रेट पर भी निर्भर करती है। आज रुपया डॉलर के मुकाबले ₹91.10 के ऑल-टाइम लो पर है।
  • सेंट्रल बैंकों की भारी खरीदारी: दुनिया भर के केंद्रीय बैंक (जैसे भारत का RBI) अपने विदेशी मुद्रा भंडार को सुरक्षित रखने के लिए सोने का स्टॉक बढ़ा रहे हैं। वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल के आंकड़ों के अनुसार, 2025 में रिकॉर्ड खरीदारी के बाद 2026 की शुरुआत में भी सेंट्रल बैंकों की मांग मजबूत बनी हुई है,

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